जयपुर, 20 सितंबर।
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम आदेश देते हुए शिक्षा विभागीय परीक्षा, बीकानेर के रजिस्ट्रार द्वारा जारी डिप्लोमा निरस्तीकरण आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है.
जस्टिस मनीष शर्मा की एकलपीठ ने प्रीति कुमारी की ओर से दायर याचिका पर ये अंतरिम आदेश दिए हैं.
याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में बताया कि 6 मई 2025 को जारी आदेश के तहत उनकी प्राथमिक शिक्षा डिप्लोमा (D.El.Ed.) को बिना कोई अवसर दिए निरस्त कर दिया गया और 7 मई 2025 को उनके खिलाफ जांच प्रारंभ करने का पत्र भी जारी कर दिया गया.
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अश्विनी कुमार जैमन ने दलील दी कि वह वर्तमान में विधवा महिला श्रेणी के तहत शिक्षक ग्रेड-III पर कार्यरत हैं.
ऐसे में यदि बिना सुनवाई का अवसर दिए आदेश लागू किया जाता है तो उनके अधिकारों को गंभीर नुकसान होगा.
हाईकोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद रजिस्ट्रार एज्यूकेशनल डिपार्टमेंट बीकानेर सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए छह सप्ताह में जवाब मांगा है.
हाईकोर्ट ने इसके साथ ही अगली सुनवाई तक 6 मई 2025 और 7 मई 2025 के आदेश पर रोक लगा दी हैं.