जयपुर, 7 अक्टूबर
Rajasthan Highcourt ने हत्या के दोषी की सजा पर लगाई रोक, जमानत पर रिहा करने के आदेश की जयपुर पीठ ने दौसा जिले के बसवा थाना क्षेत्र में हुई एक हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए आरोपी रविन्द्र उर्फ भूरा की सजा को निलंबित करते हुए उसे जमानत पर रिहा करने के आदेश दिया हैं.
जस्टिस अवनीश झींगन और जस्टिस प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने आरोपी रविन्द्र की ओर से दायर सजा निलंबन के लिए याचिका को स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया हैं.
गोली मारकर हत्या
मामले से जुड़े तथ्यों के अनुसार, बसवा थाने में दर्ज हुए एफआईआर संख्या 17/2020 मृतक विष्णु के भाई सुरजीत कुमार की रिपोर्ट पर दर्ज हुई थी.
सुरजीत ने पुलिस को बताया था कि उसे अपने भाई का शव गोली लगने की स्थिति में मिला। इस मामले में सुभाष, रविन्द्र और सीमा को आरोपी बनाया गया था.
ट्रायल कोर्ट ने 11 मार्च 2024 को आरोपी रविन्द्र को धारा 302, 120-बी आईपीसी और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थ.
हथियार और गोली में नहीं मेल
Rajasthan Highcourt ने हत्या के दोषी की सजा पर लगाई रोक, जमानत पर रिहा करने के आदेश में दायर याकिचा में बचाव पक्ष ने दलील दी कि पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है और अभियोजन पक्ष आरोपी से बरामद देशी कट्टे को घटना से जोड़ने में असफल रहा है.
एफएसएल और बैलिस्टिक रिपोर्ट में भी बरामद हथियार और बरामद गोली के बीच कोई मेल नहीं पाया गयात्र
याचिका में कहा गया कि कट्टा घटना के एक साल बाद बरामद हुआ था और आरोपी पिछले साढ़े चार साल से जेल में है.
सरकार ने किया विरोध
लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी को मृतक के साथ अंतिम बार देखा गया था, और उसने ही घटना में प्रयुक्त कट्टा बरामद करवाया था.
Rajasthan Highcourt ने हत्या के दोषी की सजा पर लगाई रोक, जमानत पर रिहा करने के आदेश ने कहा कि यह मामला पूरी तरह परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है और मामले की अपील के निपटारे में समय लग सकता है। साथ ही, अन्य सह-आरोपियों की सजा पहले ही निलंबित की जा चुकी है.
दोनो पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने केस के दूसरे आरोपियों के समान आधार पर रविन्द्र की सजा भी अपील की सुनवाई लंबित रहने तक निलंबित करने का आदेश दिया.
Rajasthan Highcourt ने याचिकाकर्ता को ट्रायल कोर्ट के समक्ष मौजूद रहने सहित अन्य शर्तो के साथ जमानत दी हैं.