जोधपुर, 3 दिसंबर
राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति से जुड़े विवाद में बड़ा फैसला देते हुए एकलपीठ द्वारा दिए गए अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी है.
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजय प्रकाश शर्मा और जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की खंडपीठ ने यह अंतरिम रोक विशेष अपील पर सुनवाई के दौरान लगाई.
राज्यपाल द्वारा 26 अगस्त 2025 को जारी आदेश के तहत कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर के कुलपति और जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति डॉ. अरुण कुमार को उनके पदों से निलंबित कर दिया गया था।
निलंबन के खिलाफ दायर याचिका पर एकलपीठ ने हस्तक्षेप करते हुए निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुएर डॉ. अरुण कुमार को पुनः पद पर बहाल करने का आदेश दिया था.
हालांकि, एकलपीठ ने यह भी स्पष्ट किया था कि वे कुलपति के रूप में कोई कार्य नहीं करेंगे, केवल वेतन एवं अन्य देयक प्राप्त कर सकेंगे.
एकलपीठ के आदेश को चुनौती
एकलपीठ के अंतरिम आदेश को चुनौती देते हुए राज्य सरकार और संबंधित कृषि विश्वविद्यालयों ने खंडपीठ के समक्ष विशेष अपील दायर की.
अतिरिक्त महाधिवक्ता महावीर विश्नोई ने पैरवी करते हुए अदालत को बकताया कि एकलपीठ ने अंतरिम सुनवाई के दौरान ही चांसलर के आदेश को स्थगित कर दिया और उससे भी आगे बढ़कर डॉ. अरुण कुमार को पुनः पद पर बहाल कर दिया जो कि अंतरिम स्तर पर अत्यधिक और अनुचित हस्तक्षेप है।
सरकार ने कहा कि अंतरिम आदेश में दी गयी अंतिम राहत से ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है कि विश्वविद्यालय में कोई भी कुलपति कार्य नहीं करेगा।
हाईकोर्ट का आदेश
राजस्थान हाईकोर्ट सरकार की दलील से सहमत होते हुए कहा कि यदि माननीय एकलपीठ इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि अपीलकर्ता की कार्रवाई विधि-विरुद्ध है, तो अंतिम आदेश पारित किया जाना चाहिए था। अंतरिम आदेश के माध्यम से अंतिम राहत नहीं दी जा सकती.
हाईकोर्ट ने एकलपीठ के आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार को छूट दी हैं कि वह एकलपीठ द्वारा किए गए निर्देशो के अनुसार आगे की कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र रहेगी।