जयपुर, 4 नवंबर 2025
Rajasthan Highcourt ने प्रदेशभर में हाल ही में हुई सड़क दुर्घटनाओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया है.
Rajasthan Highcourt ने एडवोकेट राजेंद्र शर्मा द्वारा भेजी गई पत्र याचिका (Letter Petition) पर स्वप्रेरणा से संज्ञान (Suo Motu Cognizance) लेते हुए राज्य सरकार और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा व जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू ने इस मामले में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल भरत व्यास और राज्य के महाधिवक्ता (Advocate General) राजेंद्र प्रसाद को नोटिस जारी किए हैं.
अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस मामले में 6 नवंबर 2025 तक विस्तृत जवाब पेश किया जाए.
याचिका में कहा गया..
एडवोकेट राजेंद्र शर्मा ने अपनी पत्र याचिका में हाल के दिनों में राजस्थान के विभिन्न जिलों — जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, सीकर और अलवर — में हुई घातक सड़क दुर्घटनाओं का उल्लेख किया है.
याचिका में कहा गया कि प्रदेशभर में प्रशासन की लापरवाही से लगातार बड़ी घटनाऐं हो रही हैं.
याचिका में कहा गया कि सड़क सुरक्षा के प्रति सरकारी लापरवाही, खस्ताहाल सड़कें, ओवरलोडिंग व तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की कमी, तथा ट्रैफिक प्रबंधन की विफलता — इन सभी कारणों से लगातार लोगों की जानें जा रही हैं.
हाईकोर्ट का रुख
खंडपीठ ने कहा कि राज्य में बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं “सार्वजनिक जीवन से जुड़े गंभीर मुद्दे” हैं और इस पर सरकार को तुरंत ठोस कार्रवाई करनी होगी।
कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि
“सड़क सुरक्षा केवल नियमों का विषय नहीं है, बल्कि यह नागरिकों के जीवन के मौलिक अधिकार से जुड़ा मामला है।”
6 नवंबर को अगली सुनवाई
Rajasthan Highcourt ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों से विस्तृत रिपोर्ट मांगते हुए कहा है कि अब तक सड़क सुरक्षा नीति, ब्लैक स्पॉट सुधार योजना, और वाहन जांच अभियान के अंतर्गत क्या कदम उठाए गए हैं, इसकी जानकारी अदालत को दी जाए.
हाईकोर्ट ने यह भी संकेत दिया है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वह कड़े निर्देश जारी कर सकती है