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वर्ष 2025 में राजस्थान हाईकोर्ट के 20 चर्चित फैसले

Rajasthan High Court’s 20 Landmark Judgments of 2025 That Shaped Public Discourse

जयपुर। वर्ष 2025 राजस्थान के न्यायिक इतिहास में कई मायनों में यादगार रहा। राजस्थान हाईकोर्ट से आए अनेक ऐसे फैसले सामने आए, जिन्होंने न सिर्फ कानून की दिशा तय की, बल्कि आम जनता से लेकर युवाओं के बीच काफी चर्चा में रहे.

वर्ष के अंतिम दिन न्यायपालिका से जुड़े इन्हीं महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णयों की कड़ी में हम प्रस्तुत कर रहे हैं राजस्थान हाईकोर्ट के वर्ष 2025 के 20 सबसे चर्चित फैसले—वे फैसले, जिन्होंने कोर्ट के बाहर भी जनचेतना को प्रभावित किया, सामाजिक मुद्दों को नई दृष्टि दी और युवाओं के बीच गहन बहस का विषय बने।

1. SI भर्ती 2021 रद्द

राजस्थान हाईकोर्ट ने 28 अगस्त 2025 को अपने बहुचर्चित और ऐतिहासिक फैसले में पुलिस उप-निरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा 2021 को रद्द कर दिया। यह भर्ती कुल 859 पदों के लिए आयोजित की गई थी। भर्ती प्रक्रिया के दौरान पेपर लीक और व्यापक फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप सामने आने के बाद यह मामला न्यायालय तक पहुँचा। प्रकरण की शुरुआत उस रिपोर्ट से हुई, जिसे जांच एजेंसी द्वारा अदालत में पेश किए जाने की बात कही गई थी।

इसी आधार पर भर्ती में चयनित नहीं हो पाए अभ्यर्थी कैलाशचन्द्र शर्मा सहित अन्य अभ्यर्थियों ने राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कर परीक्षा में पेपर लीक और गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया।करीब 10 माह तक चली लंबी सुनवाई के बाद राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ, जस्टिस समीर जैन ने वर्ष 2021 में आयोजित सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को निरस्त करने का आदेश पारित किया। यह फैसला भर्ती परीक्षाओं की शुचिता और पारदर्शिता के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

2. बिना शादी भी लिव-इन में रह सकते हैं

राजस्थान हाईकोर्ट के वर्ष 2025 के चर्चित फैसलों में लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़ा यह महत्वपूर्ण निर्णय भी शामिल है। हाईकोर्ट ने अपने इस बहुचर्चित फैसले में स्पष्ट किया कि यदि किसी लड़का और लड़की ने शादी की वैधानिक उम्र पूरी नहीं की है, तब भी वे अपनी स्वेच्छा से लिव-इन रिलेशनशिप में रह सकते हैं।

यह मामला कोटा की 18 वर्षीय महिला और 19 वर्षीय युवक द्वारा दायर याचिका से जुड़ा था। दोनों ने साथ रहने की अनुमति और संरक्षण की मांग को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस अनूप ढंड की एकलपीठ ने 1 दिसंबर 2025 को यह फैसला सुनाया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि बालिग व्यक्तियों को अपनी पसंद से साथ रहने का अधिकार है और केवल इस आधार पर कि उनकी शादी की उम्र पूरी नहीं हुई है, उनके लिव-इन रिलेशनशिप को अवैध नहीं ठहराया जा सकता।

3 एसआई भर्ती 2021 के अभ्यर्थियों को आयु-छूट

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने पुलिस उप-निरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा 2021 में शामिल अभ्यर्थियों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला दिया कि आरपीएससी द्वारा 17 जुलाई 2025 को जारी नई भर्ती विज्ञप्ति के तहत सब-इंस्पेक्टर एवं प्लाटून कमांडर (RAC) पदों के लिए भर्ती में आयु-सीमा में छूट दी जाएगी.

जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने 30 अक्टूबर 2025 को दिए आदेश में राज्य सरकार और राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) को निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ताओं के आवेदन स्वीकार किए जाएं और उन्हें 2025 की नई एसआई भर्ती परीक्षा में प्रोविजनल रूप से शामिल होने दिया जाए।

4  आतंकियो की समय पूर्व रिहाई खारिज

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने 1993 के सिलसिलेवार ट्रेन बम ब्लास्ट मामलों में (TADA) के तहत दोषी ठहराए गए और आजीवन कारावास भुगत रहे आरोपियों की समयपूर्व रिहाई (Premature Release) की मांग को खारिज कर दिया है.

राजस्थान हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि आतंकवाद जैसे गंभीर अपराधों में दोषी व्यक्तियों की रिहाई न केवल समाज के लिए खतरा हो सकती है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक शांति के लिए भी गंभीर जोखिम उत्पन्न करेगी।

जस्टिस सुदेश बंसल और जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने 1993 बम कांड के आरोपियों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये फैसला सुनाया हैं.

5 तीन साल तक सोशल मीडिया से दूर रहने की शर्त

राजस्थान हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी और स्टॉकिंग करने के आरोपी युवक को तीन साल तक सोशल मीडिया से दूर रहने की शर्त पर जमानत दी है.

जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने यह आदेश करौली जिले के हिंडौन निवासी 19 वर्षीय युवक की जमानत याचिका पर दिए हैं.

राजस्थान हाईकोर्ट: 3 साल तक सोशल मीडिया से दूर रहने की शर्त पर आरोपी युवक को जमानत

6 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दायर याचिका खारिज

राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित अन्य के खिलाफ याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता पर ₹50,000 की कोस्ट लगाते हुए याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस सुदेश बंसल की एकलपीठ ने पूरन चंदर सेन की ओर से दायर याचिका पर सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद मंगलवार को अपना फैसला सुरक्षित रखा था।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यह याचिका बिना आधार, बोगस और राजनीतिक रूप से प्रेरित है, जिसे केवल सस्ती पब्लिसिटी के लिए दायर किया गया है।

7 अनिल अंबानी को बड़ी राहत

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में Reliance Infrastructure Limited (पूर्व में बी.एस.ई.एस. लिमिटेड) और इसके नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अनिल अंबानी सहित एक अन्य को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दायर मामलों को समाप्त कर दिया है।

जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने अनिल अंबानी, ओंकार रावत और Reliance Infrastructure Limited के खिलाफ अतिरिक्त श्रम आयुक्त जयपुर द्वारा 9 जून 2017 को जारी आदेश तथा जयपुर की मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा पारित प्रसंज्ञान आदेश — दोनों को रद्द कर दिया।

अनिल अंबानी को Rajasthan Highcourt से बड़ी राहत, बिना आधार अभियोजन स्वीकृति और कोर्ट प्रसंज्ञान आदेश रद्द

8 पंचायत चुनाव 15 अप्रैल तक

राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर 14 नवंबर को फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को 15 अप्रैल तक का समय दिया है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया हैं कि वह राज्य में पंचायत और नगर निकाय के चुनाव 15 अप्रैल 2026 तक हरहाल में पूर्ण कराए.

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा की खंडपीठ ने इसके साथ ही राज्य में चुनावी परिसीमन (री-ड्रॉइंग) की प्रक्रिया को 31 दिसंबर, 2025 तक पूरी करने के आदेश दिए हैं.

BREAKING: पंचायत-निकाय चुनाव पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला -राज्य में चुनाव 15 अप्रैल 2026 तक कराएं

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