जयपुर/जोधपुर। वर्ष 2026 की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत ने न्याय व्यवस्था को तेज, सरल और सुलभ बनाने की दिशा में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के नेतृत्व में प्रदेशभर की अदालतों में आयोजित हुई इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 5,49,911 लंबित मामलों का राजीनामे एवं आपसी सहमति के आधार पर निस्तारण किया गया है।
प्रदेशभर में कुल 46,91,311 प्री-लिटिगेशन एवं लंबित प्रकरणों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से किया गया।
इनमें से बड़ी संख्या में मामलों का समाधान समझौते और राजीनामे के आधार पर हुआ।
इन प्रकरणों में कुल 7,15,01,07,797 रुपये की राशि के अवार्ड पारित किए गए, जो लोक अदालत की प्रभावशीलता और आमजन के विश्वास को दर्शाता है।
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 166 मामलों का निस्तारण किया गया।
राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर पीठ में 110 मामलों का राजीनामे के माध्यम से निस्तारण किया गया।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने किया उद्घाटन
इससे पूर्व सुबह 8:30 बजे राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर न्यू बिल्डिंग में आयोजित समारोह में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एस. पी. शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया।
उद्घाटन समारोह में जस्टिस इन्द्रजीत सिंह, जस्टिस चन्द्रप्रकाश श्रीमाली, जस्टिस मनीष शर्मा, जस्टिस संगीता शर्मा और जस्टिस रवि चिरानिया मौजूद रहे।