राजस्थान में DigiLocker और m-Parivahan App में रखे लाइसेंस और आरसी अब पूरी तरह मान्य
जयपुर, अक्टूबर 2021
प्रदेश में वाहन चलाने वाले आम नागरिकों के लिए एक बड़ी खबर है — अब संपूर्ण राजस्थान में डिजिटल लाइसेंस, आरसी सहित वाहन के दस्तावेजों को पूर्ण रूप से मान्यता दे दी गई है।
अब वाहन चालकों को अपने साथ दस्तावेजों की हार्ड कॉपी ले जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
मोबाइल में मौजूद DigiLocker या m-Parivahan App में उपलब्ध दस्तावेज दिखाने पर वही वैध माने जाएंगे।

जारी किया गया आदेश
राजस्थान पुलिस महानिदेशालय, जयपुर ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अब वाहन चालक DigiLocker और m-Parivahan App में रखे अपने ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र (RC) को डिजिटल रूप में वैध दस्तावेज के तौर पर प्रस्तुत कर सकते हैं।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (यातायात) स्मिता श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा विकसित इन एप्स में रखे गए दस्तावेजों को मूल दस्तावेजों के समान कानूनी मान्यता प्राप्त है।
इस आदेश के बाद अब पूरे राजस्थान में वाहन चालकों को अपने ड्राइविंग लाइसेंस या आरसी की हार्ड कॉपी साथ रखना जरूरी नहीं रहेगा।
नहीं रोक सकेंगे वाहन
अब कोई भी पुलिस अधिकारी केवल डिजिटल लाइसेंस या आरसी दिखाने पर वाहन नहीं रोक सकेगा।
DigiLocker और m-Parivahan App में रखे रिकॉर्ड सुरक्षित और प्रमाणिक माने जाएंगे।
आदेश का पालन न करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
क्यों जारी करना पड़ा आदेश
परिवहन विभाग, राजस्थान सरकार ने पहले भी कई बार यह निर्देश जारी किए हैं कि इन दोनों एप्स के माध्यम से प्रस्तुत इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को मूल दस्तावेज माना जाए,
लेकिन इसके बावजूद कई स्थानों पर वाहन चालकों को पुलिस द्वारा परेशान करने की शिकायतें मिल रही थीं।
इन्हीं शिकायतों के आधार पर अब महानिदेशालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) और पुलिस उपाधीक्षकों (DSP) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
पुलिस मुख्यालय का सख्त रुख
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि जो भी अधिकारी इन वैध डिजिटल दस्तावेजों को स्वीकार नहीं करेंगे, उनके खिलाफ विभागीय जांच और कार्रवाई की जाएगी।