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रालसा का 90 दिवसीय विशेष अभियान का शुभारंभ, आमजन के मामलों का स्थायी लोक अदालतों में होगा निस्तारण

RSLSA Begins 90-Day Legal Aid Campaign

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा सहित हाईकोर्ट के सभी न्यायाधीश रहें मौजूद

जयपुर, 10 नवंबर 2025

राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस के अवसर पर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) की ओर से सोमवार को आज जयपुर स्थित विधिक सेवा सदन के कॉन्फ्रेंस हॉल में विशेष अभियान का शुभारंभ किया गया.

इस अभियान के तहत स्थायी लोक अदालतों (Permanent Lok Adalats) के माध्यम से आम जनता से जुड़ी लोक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा.

90 दिवसीय इस विशेष अभियान “न्याय आपके द्वार: लोक उपयोगी समस्याओं का सुलभ एवं त्वरित समाधान” का शुभारंभ प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष एवं कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस इंद्रजीत सिंह ने किया.

इस मौके पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस इन्द्रजीत सिंह ने अभियान के पोस्टर का भी विमोचन किया

र्यक्रम में जयपुर पीठ के सभी न्यायाधीश उपस्थित रहे, जबकि जोधपुर मुख्य पीठ के न्यायाधीश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

अभियान का उद्देश्य

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य न्याय को आमजन की पहुंच तक सरल, सुलभ और शीघ्र बनाना है।

इस अभियान के तहत न्यायिक संस्थानों और विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा जनता की लोक उपयोगी समस्याओं — जैसे भूमि विवाद, पेंशन, बिजली-पानी, आवास, पारिवारिक झगड़े और श्रमिक अधिकारों — से संबंधित मामलों का त्वरित निपटारा किया जाएगा।

रालसा के सदस्य सचिव डॉ. हरिओम शर्मा अत्री ने बताया कि यह अभियान “न्याय सबके लिए, हर द्वार तक” की भावना पर आधारित है, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा—

“विधिक सेवा का उद्देश्य केवल मुकदमों का निपटारा नहीं, बल्कि समाज में न्याय की भावना का प्रसार है। जब न्याय घर-घर तक पहुंचेगा, तभी संविधान के ‘न्याय, स्वतंत्रता और समानता’ के आदर्श पूरे होंगे।”

उन्होंने आगे कहा कि लोक उपयोगी विवादों का त्वरित समाधान न्यायपालिका की प्राथमिकता है और रालसा जैसी संस्थाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

वंदे मातरम @150 आयोजन

इस अवसर पर “वंदे मातरम @150” और “स्वदेशी संकल्प” जैसे राष्ट्रभावना से प्रेरित विशेष आयोजनों का भी आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में इन अभियानों को भारत की स्वाधीनता, आत्मनिर्भरता और न्यायिक सेवा के मूल्यों से जोड़ते हुए प्रस्तुत किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि “स्वदेशी संकल्प” केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक नहीं, बल्कि न्याय और सेवा की भारतीय परंपरा को भी सशक्त बनाता है।

जोधपुर पीठ की भागीदारी

कार्यक्रम में राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्य पीठ से सभी माननीय न्यायाधीश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

इसके साथ ही राज्य के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के अध्यक्ष एवं सचिव, स्थायी लोक अदालतों के अध्यक्ष एवं सदस्य, तथा रालसा के अधिकारीगण भी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

रालसा का संकल्प

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) ने घोषणा की कि इस विशेष अभियान के तहत आगामी दिनों में पूरे प्रदेश में “न्याय आपके द्वार” कैंप लगाए जाएंगे।

इन कैंपों में आमजन को उनके कानूनी अधिकारों, नि:शुल्क विधिक सहायता योजनाओं और विवाद समाधान प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी।

रालसा के सचिव ने बताया कि प्रत्येक जिले में स्थानीय निकायों, प्रशासन और पुलिस विभाग के सहयोग से “विधिक जागरूकता शिविर” आयोजित किए जाएंगे, जिनमें नागरिक सीधे विधिक सेवा अधिकारियों से संवाद कर सकेंगे।

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