जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने सफाई कर्मचारी भर्ती-2026 के विज्ञापन में तय की गई कुछ शर्तों को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को भर्ती प्रक्रिया से बाहर नहीं करने का निर्देश देते हुए उसका आवेदन स्वीकार करने और उसे भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने को कहा है।
जस्टिस गणेश राम मीणा ने आदेश देते हुए साफ किया कि याचिकाकर्ता को फिलहाल प्रोविजनल तौर पर भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाए। हालांकि, उसके चयन का रिजल्ट कोर्ट की अनुमति के बिना जारी नहीं किया जाएगा।
27 जुलाई की भर्ती विज्ञप्ति की शर्तों को दी गई चुनौती
राजस्थान सरकार ने 27 जुलाई 2026 को सफाई कर्मचारी के पद पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। याचिकाकर्ता उगंता देवी और एक अन्य ने विज्ञापन में रखी कुछ शर्तों को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता देवकृष्ण पुरोहित ने कोर्ट को बताया कि विज्ञापन में ऐसी शर्तें रखी गई हैं, जिनसे कई उम्मीदवार भर्ती के लिए आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं। याचिका में खास तौर पर अनुभव, उम्र और दो से ज्यादा बच्चों से जुड़ी शर्तों पर सवाल उठाया गया है।
सिर्फ स्थानीय निकाय में काम का अनुभव क्यों?
याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि भर्ती के लिए ऐसी शर्त रखी गई है कि उम्मीदवार के पास स्थानीय निकाय यानी लोकल बॉडी में सफाई के काम का कम से कम एक साल का अनुभव होना चाहिए।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि इस शर्त के कारण उन उम्मीदवारों को आवेदन करने से बाहर कर दिया गया है, जिन्होंने किसी दूसरी संस्था में सफाई का काम किया है।
उनका तर्क था कि अगर उम्मीदवार के पास सफाई के काम का अनुभव है तो सिर्फ इस आधार पर उसे बाहर नहीं किया जाना चाहिए कि उसने स्थानीय निकाय के बजाय किसी दूसरी संस्था में काम किया है।
21 साल की उम्र की शर्त पर भी सवाल उठाया
याचिका में सफाई कर्मचारी भर्ती के लिए 21 साल की न्यूनतम उम्र तय करने पर भी आपत्ति जताई गई है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि सफाई कर्मचारी के पद पर लागू नियमों में उम्र को लेकर जो व्यवस्था है, भर्ती विज्ञापन में उससे अलग शर्त रखी गई है।
यानी याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सफाई कर्मचारी भर्ती के नियमों में उम्र को लेकर जो व्यवस्था है, विज्ञापन में उससे अलग 21 साल की न्यूनतम उम्र तय कर दी गई।
इसके कारण 21 साल से कम उम्र वाले उम्मीदवार आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इसी शर्त को भी याचिका में हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।
2 से ज्यादा बच्चे होने पर उम्मीदवार को अयोग्य मानने पर आपत्ति
याचिका में दो से ज्यादा जीवित बच्चे होने पर उम्मीदवार को भर्ती के लिए अयोग्य मानने वाली शर्त को भी चुनौती दी गई है।
याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना है कि दो से ज्यादा बच्चों वाली यह शर्त भी सफाई कर्मचारी भर्ती के लागू नियमों के मुताबिक नहीं है। हालांकि हाईकोर्ट ने इन दलीलों पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है।
हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
इन दलीलों पर सुनवाई करते हुए जस्टिस गणेश राम मीणा ने राज्य सरकार और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने मामले में जवाब के लिए दो हफ्ते का समय दिया है।
हालांकि, इस स्तर पर हाईकोर्ट ने भर्ती विज्ञापन की इन शर्तों को गलत घोषित नहीं किया है। कोर्ट ने फिलहाल याचिकाकर्ता को भर्ती प्रक्रिया से बाहर होने से बचाने के लिए अंतरिम आदेश दिया है।
भर्ती में प्रोविजनल तौर पर शामिल करने का आदेश
हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता का आवेदन ऑनलाइन या ऑफलाइन स्वीकार किया जाए। इसके साथ ही उसे भर्ती प्रक्रिया में प्रोविजनल तौर पर शामिल करने को कहा गया है।
हाईकोर्ट ने हालांकि एक शर्त भी रखी है। याचिकाकर्ता के चयन से जुड़ा रिजल्ट हाईकोर्ट की पहले से अनुमति लिए बिना घोषित नहीं किया जाएगा।
इसका मतलब यह है कि फिलहाल याचिकाकर्ता भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेगी, लेकिन उसका चयन अंतिम रूप से तय नहीं माना जाएगा। चयन का रिजल्ट कोर्ट की अनुमति के बाद ही घोषित किया जा सकेगा।
हाईकोर्ट ने अभी भर्ती की शर्तों पर अंतिम फैसला नहीं दिया
इस आदेश से यह नहीं माना जा सकता कि हाईकोर्ट ने सफाई कर्मचारी भर्ती में एक साल के अनुभव, 21 साल की न्यूनतम उम्र या दो से ज्यादा बच्चों वाली शर्त को रद्द कर दिया है।
फिलहाल कोर्ट ने इन शर्तों को चुनौती देने वाली याचिका पर सरकार से जवाब मांगा है और याचिकाकर्ता को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की अंतरिम राहत दी है।
अब मामले की अगली सुनवाई में सरकार का जवाब आने के बाद इन शर्तों को लेकर आगे की स्थिति साफ होगी।