जयपुर, 8 अक्टूबर
SI Paper Leak 2021 मामले में एकलपीठ के आदेश के खिलाफ दायर अपीलों पर Rajasthan Highcourt की खंडपीठ 24 नवंबर से नियमित (रेगुलर) सुनवाई करेगी।
Supreme Court के आदेश के बाद अब हाईकोर्ट की खंडपीठ चयनित ट्रेनी एसआई की अपीलों पर नए सिरे से सुनवाई कर रही है।
जस्टिस एस. पी. शर्मा और जस्टिस बी. एस. संधू की खंडपीठ ने इसके साथ ही सभी पक्षों के अधिवक्ताओं को 24 नवंबर से पहले अपनी लिखित बहस (Written Submissions) पेश करने के निर्देश दिए हैं।
अचयनित अभ्यर्थियों का प्रार्थना पत्र
Highcourt की खंडपीठ में बुधवार की सुनवाई के दौरान मूल याचिकाकर्ता कैलाशचंद्र शर्मा व अन्य की ओर से दायर किए गए प्रार्थना पत्र को लेकर भी आदेश दिए गए हैं।
मूल याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता हरेन्द्र नील द्वारा पूर्व में पेश किए गए प्रार्थना पत्र की प्रति राज्य के महाधिवक्ता को देने के आदेश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि हरेन्द्र नील ने खंडपीठ के समक्ष प्रार्थना पेश कर एसओजी द्वारा चार्जशीट में जिन ट्रेनी एसआई पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ कार्यवाही करने का अनुरोध किया है।
ये रहे मौजूद
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद, जबकि अपीलकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट आर. एन. माथुर ने पैरवी की।
वहीं, मूल याचिकाकर्ता कैलाशचंद शर्मा व अन्य की ओर से सीनियर एडवोकेट मेजर आर. पी. शर्मा और अधिवक्ता नरेंद्र नील ने पक्ष रखा।
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी रोक
24 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने खंडपीठ के 8 सितंबर 2025 के अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें चयनित अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग की अनुमति दी गई थी।
Supreme Court ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जब तक हाईकोर्ट इस मामले में अंतिम फैसला नहीं दे देता, तब तक चयनित अभ्यर्थियों की किसी भी प्रकार की ट्रेनिंग पर पूरी तरह रोक रहेगी।
साथ ही, Supreme Court ने हाईकोर्ट की खंडपीठ को आदेश दिया था कि वह तीन महीने के भीतर अपील का निपटारा करे।
खंडपीठ ने बदला था फैसला
एसआई भर्ती 2021 में बड़े स्तर पर पेपर लीक मानते हुए Highcourt की एकलपीठ ने 28 अगस्त को संपूर्ण भर्ती को रद्द कर दिया था।
एकलपीठ के आदेश के खिलाफ चयनित अभ्यर्थियों ने खंडपीठ में अपील दायर कर चुनौती दी।
चयनित एसआई का कहना था कि सरकार भर्ती रद्द करने के पक्ष में नहीं थी। अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है और नियुक्तियां मिल चुकी हैं, ऐसे में इस स्तर पर भर्ती को पूरी तरह रद्द नहीं किया जा सकता।
जिसके बाद खंडपीठ ने 8 सितंबर को एकलपीठ के फैसले पर रोक लगाने के आदेश दिए।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे दोनों पक्ष
खंडपीठ के फैसले के खिलाफ अचयनित अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की, वहीं चयनित ट्रेनी एसआई ने कैविएट दायर कर सुनवाई से पहले पक्ष सुनने का अनुरोध किया।
सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद खंडपीठ के आदेश पर रोक लगाते हुए तीन माह में अपील पर सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया।
859 पदों के लिए थी भर्ती
2021 की सब-इंस्पेक्टर भर्ती सब-इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर के कुल 859 पदों के लिए थी।
RPSC ने इन पदों के लिए 2021 में विज्ञापन जारी किया और परीक्षा आयोजित की।
124 गिरफ्तार
एसआई भर्ती 2021 की परीक्षा के दौरान बड़े स्तर पर पेपर लीक का खुलासा हुआ था।
एसओजी अब तक इस मामले में 55 चयनित एसआई सहित कुल 124 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।