जयपुर, 11 अक्टूबर
विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी, जयपुर के विधि विभाग और पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल आर.डी. रस्तोगी के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय तृतीय आर.के. रस्तोगी मेमोरियल नेगोशिएशन प्रतियोगिता का आज शुभारंभ किया गया।
Supreme Court के न्यायाधीश जस्टिस पंकज मिथल और कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर इस प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।

समारोह को संबोधित करते हुए जस्टिस पंकज मिथल ने कहा कि नेगोशिएशन वर्तमान में न्यायपालिका की एक बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने इस प्रक्रिया की उत्पत्ति के साथ शब्द की उत्पत्ति के माध्यम से संवाद और वाद–विवाद के तथ्यों को रोचक तरीके से समझाया।
उन्होंने कहा कि इंसानों की आपसी वार्ता के लिए शब्द की उत्पत्ति हुई और जब शब्द उत्पन्न हुआ, तो संवाद की शुरुआत हुई।
संवाद के साथ ही वाद और विवाद की भी उत्पत्ति हुई, जो आगे चलकर मनुष्यों के बीच मतभेदों को बढ़ाने में कारण बना।
इस विवाद को कम करने के लिए आवश्यक है कि हम पुनः संवाद करें, और इसके लिए जरूरी है कि नेगोशिएशन को अपने जीवन में शामिल करें।
न्याय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी
समारोह को राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने संबोधित करते हुए
उन्होने अपने संबोधन में कहा कि बातचीत (Negotiation) वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) का एक अमूल्य माध्यम है, जो न केवल समय और लागत की बचत करता है, बल्कि न्याय प्रक्रिया को अधिक मानवीय और प्रभावी बनाता है.

राज्य के पूर्व एएसजी और सीनियर एडवोकेट आर डी रस्तोगी के अनुसार यह प्रतियोगिता राज्य सरकार के पूर्व महाधिवक्ता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय आर.के. रस्तोगी की स्मृति में आयोजित की जाती है.
प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, संवाद कौशल और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बढ़ावा देना है.
विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. डॉ एन.डी. माथुर ने अपने संबोधन में कहा कि आर.के. रस्तोगी मेमोरियल नेगोशिएशन प्रतियोगिता कानून के छात्रों के लिए सीखने और अनुभव प्राप्त करने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करती है.
40 टीमें ले रही है भाग
प्रतियोगिता की सह-संयोजक डॉ. शिल्पा राव रस्तोगी ने कहा कि “कानूनी बिरादरी में नेगोशिएशन और एडीआर कौशल का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। यह राष्ट्रीय स्तर की विधि प्रतियोगिता देशभर के 40 से अधिक विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लॉ छात्रों को अपने कौशल को परखने, सीखने और निखारने का मंच प्रदान करती है।”
(प्रो.) डॉ. पी.पी. मित्रा, डीन, फैकल्टी ऑफ लॉ एवं कार्यक्रम के संयोजक ने भी अपने विचार व्यक्त किए.
प्रतियोगिता में देशभर के 40 से लॉ कॉलेजों और विभागों के छात्र भाग ले रहे हैं. शनिवार और रविवार को आयोजित हो रही इस प्रतियोगिता में देश के 5 एनएलयू भी शामिल हुए है.
प्रतियोगिता के तहत शनिवार को आयोजित होने वाले सत्रो के बाद रविवार को सुबह 9 बजे सेमी फाइनल और फाइनल सत्रों का आयोजन किया जाएगा.
जिसके पश्चात रविवार की दोपहर 3 बजे प्रतियोगिता का समापन समारोह आयोजित होगा.