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हनुमान बेनीवाल के तत्कालिन दो विधायकों के खिलाफ अभियोजन वापसी पर सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से को नोटिस, दो सप्ताह में मांगा जवाब

नई दिल्ली, 26 अगस्त।

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को हनुमान बेनीवाल की पार्टी से जुड़े तत्कालिन दो विधायको के खिलाफ पूर्ववर्ती सरकार द्वारा अभियोजन स्वीकृती वापस लेने के मामले में राजस्थान सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या वह नागौर हिंसा मामले में दो पूर्व विधायकों के विरुद्ध अभियोजन वापसी के अपने 2021 के निर्णय पर अब भी कायम है.

जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिष्णोई की पीठ ने इस पर राज्य सरकार से दो सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा है.

सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा मौजूद रहें.

भीड़ को उकासकर हमला करने का आरोप

तत्कालिन विधायक पुखराज गर्ग और इंदिरा बावरी विधायकों पर राजस्थान के नागौर जिले में राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश से अतिक्रमण हटाने गए सरकारी दस्ते पर भीड को उकसाकर हमला करने का आरोप हैं.

गौरतलब है कि तत्कालिन राजस्थान की अशोक गहलोत नीत कांग्रेस सरकार ने तत्कालिन विधायक पुखराज गर्ग और इंदिरा बावरी के खिलाफ दायर मामले में अभियोजन स्वीकृती वापस ले ली थी.

क्या हैं मामला..

यह मामला 25 अगस्त 2019 को नागौर जिले के बंजारों की ढानियों में हुई हिंसक झड़प से जुड़ा है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी.

कोर्ट आदेश से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान उग्र भीड़ द्वारा पुलिस और प्रशासन पर किए गए हमले में जेसीबी चालक फारूक खान गंभीर रूप से घायल हुआ था और बाद में उसकी मृत्यु हो गई थी.

इस मामले में एसडीएम कि ओर से तत्कालीन भोपालगढ़ विधायक पुख़राज गर्ग और तत्कालीन मेड़ता विधायक इंदिरा बावरी सहित कई अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिन पर दंगा, आपराधिक षड्यंत्र और हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे थे.

पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में 17 फरवरी 2021 को राज्य स्तरीय समिति ने दोनों विधायकों के खिलाफ अभियोजन वापसी की सिफारिश की थी, जिसके आधार पर 20 फरवरी 2021 को राजस्थान सरकार ने अभियोजन अधिकारी को भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 321 के तहत मुकदमा वापस लेने का निर्देश दिया था..

बाद में यह आवेदन 26 फरवरी को नागौर कि मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया था.

हाईकोर्ट ने पलटा था सरकार का फैसला

3 जून 2021 को राजस्थान हाईकोर्ट ने एक आरोपी की ज़मानत याचिका की सुनवाई के दौरान अभियोजन वापसी को अस्वीकार कर दिया.

इसके साथ ही दोनो विधायकों के खिलाफ कार्यवाही करने के आदेश दिए थे.

आश्चर्यजनक रूप से हनुमान बेनीवाल से जुड़े इन दोनों विधायको को बचाने के लिए हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की.

सुप्रीम कोर्ट ने 11 अप्रैल 2022 को अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी.

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