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एसएनजी ग्रुप के डायरेक्टर सत्यनारायण गुप्ता की जमानत याचिका पर सुनवाई कल – अब तक 5 जज कर चुके हैं सुनवाई से इनकार

Rajasthan High Court: Special Bench to Hear Bail Plea of SNG Group Director Satyanarayan Gupta After Multiple Judge Recusals

ACJ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा की विशेष एकलपीठ करेगी सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद गठित हुई विशेष पीठ

जयपुर। राजधानी जयपुर में फर्जी पट्टे जारी कर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे एसएनजी ग्रुप के डायरेक्टर सत्यनारायण गुप्ता की जमानत याचिका पर शनिवार को राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।

यह सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा की विशेष एकलपीठ के समक्ष की जाएगी।

लगातार कई न्यायाधीशों द्वारा इस मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग किए जाने और सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अब इस जमानत याचिका को विशेष एकलपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की विशेष एकलपीठ में याचिका शनिवार की मुख्यवाद सूची में सबसे पहले सुनवाई के लिए रखी गई है।

लगातार जजों ने सुनवाई से किया इनकार

सत्यनारायण गुप्ता के खिलाफ जयपुर के विभिन्न पुलिस थानों में कई एफआईआर दर्ज हैं। इन मामलों में गुप्ता की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दायर की गईं, जिनमें एफआईआर रद्द करने और जमानत से जुड़ी याचिकाएं शामिल हैं।

अब तक इन मामलों में हाईकोर्ट के 5 न्यायाधीश सुनवाई से इनकार कर चुके हैं।

इनमें जस्टिस अनुप कुमार ढंड, जस्टिस अनिल उपमन, जस्टिस आनंद शर्मा, जस्टिस भुवन गोयल और जस्टिस समीर जैन की एकलपीठों में अलग-अलग मामलों में ‘एक्सेप्शन’ दर्ज किए जा चुके हैं।

FIR रद्द करने की याचिका में 3 जजों का ‘एक्सेप्शन’

सत्यनारायण गुप्ता के खिलाफ शंकर खंडेलवाल की ओर से दर्ज एफआईआर को रद्द कराने के लिए 24 नवंबर 2025 को अपराधिक विविध याचिका संख्या 7182/2025 दायर की गई थी।

इस याचिका पर अब तक कुल 5 बार सुनवाई सूचीबद्ध हो चुकी है, जिसमें 3 न्यायाधीशों ने स्वयं को सुनवाई से अलग कर लिया।

एक मामले में तो ऐसा भी हुआ कि न्यायाधीश द्वारा सुनवाई से इनकार के बाद, पुनः वही मामला उन्ही न्यायाधीश की अदालत में सूचीबद्ध कर दिया गया, जिसे उन्होंने दूसरी बार भी सुनने से इनकार कर दिया।

10 नवंबर 2025 को जस्टिस अनुप कुमार ढंड ने मामले को अन्य बेंच के समक्ष भेजा।

17 नवंबर 2025 को जस्टिस आनंद शर्मा ने ‘एक्सेप्शन’ लगाते हुए मामला अन्य बेंच को रेफर किया।

26 नवंबर 2025 को जस्टिस अनिल उपमन ने भी सुनवाई से इनकार किया।

3 दिसंबर 2025 को मामला फिर जस्टिस अनुप कुमार ढंड के समक्ष आया, जिन्होंने पुनः इसे अन्य बेंच को भेज दिया।

जमानत याचिका में भी 2 जजों का इनकार

सत्यनारायण गुप्ता की ओर से दायर जमानत याचिका संख्या 15618/2025, जो 24 नवंबर 2025 को दाखिल की गई थी, अब तक 7 बार सूचीबद्ध हो चुकी है।

27 नवंबर 2025 को जस्टिस समीर जैन ने इस जमानत याचिका पर ‘एक्सेप्शन’ अंकित करते हुए सुनवाई से इनकार किया।

21 जनवरी 2026 को जस्टिस भुवन गोयल ने भी याचिका को अन्य बेंच के समक्ष सूचीबद्ध करने के आदेश दिए।

सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप और आदेश

राजस्थान हाईकोर्ट में बार-बार जजों के एक्सेप्शन के बाद इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई।

याचिका में आरोप लगाया गया कि हाईकोर्ट में एफआईआर रद्द करने और जमानत से जुड़ी याचिकाओं पर प्रभावी सुनवाई नहीं हो पा रही है और बार-बार उन्हीं न्यायाधीशों के समक्ष मामले सूचीबद्ध किए जा रहे हैं, जिन्होंने पहले ही स्वयं को अलग कर लिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने 15 दिसंबर 2025 को सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता को यह छूट दी कि वह राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष प्रशासनिक आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की विशेष एकलपीठ गठित

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह मामला 21 दिसंबर 2025 को एक बार फिर सूचीबद्ध हुआ, लेकिन तब भी जस्टिस भुवन गोयल की एकलपीठ ने सुनवाई ये अलग करते हुए इनकार कर दिया।

इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर निर्णय लेते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा की विशेष एकलपीठ का गठन किया गया, जो अब इस मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई करेगी।

84 मामलों में दर्ज है नाम, हिस्ट्रीशीटर घोषित

गौरतलब है कि सत्यनारायण गुप्ता के खिलाफ जयपुर के विभिन्न पुलिस थानों में कुल 84 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
जयपुर पुलिस ने विद्याधर नगर थाने में गुप्ता की हिस्ट्रीशीट भी खोल रखी है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सत्यनारायण गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं, जिनमें—
विद्याधर नगर, अशोक नगर, भट्टा बस्ती, कोतवाली, सिंधी कैंप, बनी पार्क, करणी नगर, बजाज नगर, एसईजेड, चित्रकूट, भांकरोटा, हरमारा, कालवाड़, म्युनिसिपल्टी, विश्वकर्मा और सदर थाना क्षेत्र शामिल हैं।

फ्लैट दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप

सत्यनारायण गुप्ता पर आरोप है कि उसने बहुमंजिला ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं में फ्लैट दिलाने का लालच देकर आम लोगों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की। कई पीड़ितों ने भुगतान के बावजूद न तो फ्लैट मिलने और न ही राशि वापस होने का आरोप लगाया है।

अब सभी की निगाहें शनिवार को होने वाली विशेष एकलपीठ की सुनवाई पर टिकी हैं, जिससे इस बहुचर्चित मामले में आगे की दिशा तय हो सकती है।

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