सलमान खान को राज्य उपभोक्ता आयोग से आंशिक राहत, गिरफ्तारी वारंट पर रोक
जयपुर 6 फरवरी। अभिनेता सलमान खान को राज्य उपभोक्ता आयोग से आंशिक राहत मिली है। आयोग ने आदेश दिया है कि जब तक जमानती वारंट की विधिवत तामील नहीं हो जाती, तब तक गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं किया जाए। यह आदेश शुक्रवार को राजश्री पान मसाला और सलमान खान की ओर से दायर रिवीजन प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान दिया गया।
सुनवाई में सलमान खान के अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, जयपुर द्वितीय ने बिना समन दिए ही जमानती वारंट जारी कर दिया था, जबकि जमानती वारंट निरस्त करने का प्रार्थना पत्र अभी लंबित है। आयोग ने संबंधित प्रार्थना पत्र पर शीघ्र सुनवाई के भी निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि आयोग ने पहले सलमान खान को कथित आदेश अवमानना के मामले में 6 फरवरी को पेश होने के लिए जमानती वारंट से तलब किया था।
पिता के निधन के बाद धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत देने से हाईकोर्ट का इनकार
जोधपुर। Rajasthan High Court की जोधपुर पीठ ने एनडीपीएस एक्ट के गंभीर मामले में आरोपी लाल सिंह की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
जस्टिस Sunil Beniwal ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि जिस आधार पर अंतरिम जमानत मांगी गई थी, वह अब समाप्त हो चुका है, इसलिए राहत देने का कोई कारण नहीं बनता।
मामला एफआईआर नंबर 88/2024, थाना विजयपुर, जिला चित्तौड़गढ़ से संबंधित है, जिसमें आरोपी पर एनडीपीएस एक्ट, बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत आरोप दर्ज हैं। याचिका में आरोपी ने 16 दिसंबर 2025 को हुए पिता के निधन के बाद धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत मांगी थी।
अदालत ने रिकॉर्ड पर पाया कि अंतिम संस्कार सहित सभी धार्मिक क्रियाएं पहले ही पूरी हो चुकी हैं, इसलिए अंतरिम जमानत देने का औचित्य नहीं है और याचिका खारिज की जाती है।
जयपुर में महिला वकील का चालान, विरोध में हाईकोर्ट के बाहर जाम
जयपुर 6 फरवरी। जयपुर के कालवाड़ रोड स्थित कालवाड़ पुलिया पुलिस चौकी के पास शुक्रवार दोपहर महिला वकील और पुलिस के बीच कहासुनी का मामला सामने आया। जानकारी के अनुसार महिला वकील सोनिया गिल को सर्विस लेन से कथित रूप से रॉन्ग साइड आने पर महिला सीआई कविता शर्मा ने रोक लिया। इस दौरान दोनों के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद पुलिस ने लाइसेंस न होने और नंबर प्लेट में त्रुटि के आरोप में 5-5 हजार रुपये, कुल 10 हजार रुपये का चालान काटते हुए वाहन चौकी ले गई।
घटना की जानकारी मिलने पर अधिवक्ताओं ने विरोध स्वरूप राजस्थान हाईकोर्ट के बाहर जाम लगा दिया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। मौके पर पहुंचे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने अधिवक्ताओं से बातचीत कर चालान की समीक्षा और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद वकीलों ने जाम हटाकर विरोध समाप्त कर दिया।
युवा अधिवक्ता यश जांगिड़ को मिली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी
जोधपुर, 6 फरवरी। राजस्थान के युवा अधिवक्ता यश जांगिड़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। यश जांगिड़ को इंटरनेशनल बार एसोसिएशन (IBA) द्वारा एशिया पैसिफिक रीजनल फोरम के अंतर्गत अकादमिक एंड प्रोफेशनल डेवलपमेंट कमेटी का रीजनल फोरम लायज़न ऑफिसर नियुक्त किया गया है।

YASH JANGIR
आईबीए द्वारा जारी पत्र के अनुसार उनका कार्यकाल 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2027 तक रहेगा। इस पद पर रहते हुए उन्हें वर्ष में दो बार होने वाली काउंसिल और कमेटी अधिकारियों की बैठकों में भाग लेना होगा।
ये बैठकें आमतौर पर आईबीए मिड-ईयर मीटिंग तथा वार्षिक सम्मेलन के दौरान आयोजित की जाती हैं, जिनमें विश्वभर के विधि विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल होते हैं।
आईबीए के पत्र में कहा गया है कि समिति अधिकारियों की भूमिका संगठन के सम्मेलनों, वेबिनार, प्रकाशनों और विभिन्न परियोजनाओं को सफल बनाने में अहम होती है। युवा अधिवक्ता को मिली इस उपलब्धि से विधि क्षेत्र में कार्यरत युवाओं में उत्साह देखा जा रहा है।
मांझे की चपेट में आने से महिला अधिवक्ता गंभीर घायल, एक इंच तक कटा गला
जयपुर। राजधानी जयपुर में पतंग के खतरनाक मांझे से एक और गंभीर हादसा सामने आया है। राजस्थान हाईकोर्ट की महिला अधिवक्ता और भाजपा की प्रवक्ता प्रीति शर्मा मंगलवार शाम मांझे की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गईं।
जानकारी के अनुसार प्रीति शर्मा शाम को राजस्थान हाईकोर्ट से अपने आवास की ओर जा रही थीं। इसी दौरान टोंक पुलिया के पास अचानक सड़क पर लटके तेज मांझे की चपेट में आने से उनका गला कट गया।

PRITI SHARMA
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मांझा बेहद तेज था, जिससे उनके गले में लगभग एक इंच तक गहरा घाव हो गया और काफी रक्तस्राव होने लगा।
मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें संभाला और एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। समय पर अस्पताल पहुंचने से स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन कुछ समय तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा।
इस घटना के बाद शहर में एक बार फिर खतरनाक चाइनीज मांझे के उपयोग को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से ऐसे घातक मांझे की बिक्री और उपयोग पर सख्ती से प्रतिबंध लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
जयपुर ब्लास्ट मामले से न्यायाधीश ने सुनवाई से किया खुद को अलग, सुनवाई टली
जयपुर। जयपुर ब्लास्ट के दौरान बरामद जिंदा बम से जुड़े प्रकरण में आज राजस्थान हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई टल गई।
मामले में अभियुक्तों को दी गई आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ अपील लंबित है। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने स्वयं को मामले की सुनवाई से अलग कर लिया, जिसके बाद सुनवाई स्थगित करनी पड़ी।
अब इस मामले की सुनवाई के लिए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश द्वारा नए पीठ का गठन किया जाएगा।
राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मगल शर्मा ने अदालत में सरकार का पक्ष रखा, जबकि अन्य पक्षों की ओर से अधिवक्ता टी.सी. स्वामी उपस्थित हुए। यह मामला लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में है और नए पीठ के गठन के बाद आगे की सुनवाई शीघ्र होने की संभावना है।
हाईकोर्ट जस्टिस फरजंद अली का गंगापुर दौरा कल
जोधपुर/गंगापुर। राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज जस्टिस फरजंद अली शनिवार को गंगापुर दौरे पर रहेंगे, जहां वे अभिभाषक संस्था गंगापुर द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान बार एसोसिएशन का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।
समारोह गंगापुर बस स्टैंड के समीप स्थित सोहरस्ती वाटिका में आयोजित होगा, जिसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभय जैन सहित कई न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।
आयोजन समिति के अनुसार कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं की उपस्थिति की संभावना है। इस अवसर पर न्यायिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। आयोजकों ने नागरिकों से कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की है।
साइबर अपराध मामलों में अधिकारी हुए कोर्ट में पेश
जयपुर। साइबर अपराध से जुड़े मामलों में जारी निर्देशों की अनुपालना पर जवाब मांगते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने एसीएस गृह, डीजीपी, पीएलएस सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को शुक्रवार को दोपहर बाद अदालत में तलब किया है।
अदालत ने आदेश दिया कि सभी अधिकारी व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जिसके बाद संबंधित सभी अधिकारी दोपहर बाद कोर्ट में पेश हुए.
यह मामला साइबर अपराध से संबंधित एसओपी के पालन से जुड़ा है, जिस पर अदालत ने पूर्व में भी निर्देश जारी किए थे।
जस्टिस रवि चिरानिया की एकल पीठ में मामले की सुनवाई निर्धारित है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि आदेशों की अनुपालना में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएं। इस आदेश के बाद संबंधित विभागों में तैयारी तेज कर दी गई है।
जानलेवा हमले के तीन आरोपियों को सात-सात जेल की साल
जोधपुर: अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जोधपुर जिला नेहा शर्मा ने जानलेवा हमला करने के मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने आरोपी रमजान खां, उम्मेद अली और रहमततुल्ला को भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 323, 341 और 326 के तहत दोषी मानते हुए प्रत्येक पर 15,750 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
Mayank Rankawat
अभियोजन के अनुसार 4 सितंबर 2017 को पीपाड़ थाना क्षेत्र में तालाब की ढाणी के पास परिवादी बरकत अली और उसके साथी मेउदीन पर आरोपियों ने लोहे के सरियों और कुल्हाड़ी से हमला किया था।
इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 गवाहों के बयान और 34 दस्तावेज अदालत में पेश किए। राज्य सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक मयंक रांकावत ने प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
पावटा सिविल न्यायालय भूमि निरीक्षण मामला
जयपुर/पापटा। पावटा क्षेत्र में प्रस्तावित सिविल न्यायालय भवन के निर्माण को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिला न्यायाधीश डॉ. अजय विश्नोई ने शुक्रवार को न्यायालय भवन के लिए चिन्हित भूमि का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को दो दिन के भीतर सभी अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भूमि के कुछ हिस्सों पर अवैध निर्माण और अस्थायी कब्जे मौजूद हैं, जिन्हें तत्काल हटाकर भूमि का समतलीकरण करने का आदेश दिया गया। अ
धिकारियों को चेतावनी दी गई कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य फरवरी माह में नए न्यायालय भवन के निर्माण कार्य का औपचारिक शुभारंभ करना है।
भवन बनने से पावटा क्षेत्र के नागरिकों को आधुनिक न्यायिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी और मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी।
विस्फोटक अधिनियम मामले में सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत
दिल्ली/जयपुर। विस्फोटक अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं में गिरफ्तार आरोपी को सुप्रीम कोर्ट से 45 दिनों की सशर्त जमानत मिली है।
आरोपी के खिलाफ जयपुर, सिरोही, पाली और चित्तौड़गढ़ सहित देश के कई स्थानों पर मुकदमे दर्ज हैं।
जमानत याचिका में बताया गया कि आरोपी की पत्नी की सर्जरी होने वाली है, जिसके कारण उसकी देखभाल के लिए अस्थायी जमानत की मांग की गई थी।
राज्य सरकार ने जमानत का विरोध करते हुए कड़ी शर्तें लगाने की मांग की, जिस पर अदालत ने आरोपी को सीमित अवधि के लिए राहत दी।
अदालत ने आरोपी का 11 वर्षीय पुत्र भी पारिवारिक सहयोग के अभाव में प्रभावित हो सकता है। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद आरोपी को पुनः संबंधित न्यायालय के समक्ष उपस्थित होना होगा।
हत्या मामले में पति को आजीवन कारावास
झुंझुनूं। झुंझुनूं जिले के आनंदपुरा बिसाऊ क्षेत्र में पत्नी की हत्या के मामले में अदालत ने दोषी पति राजकुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अपर सत्र न्यायाधीश सीमा ढाका ने सुनवाई के बाद आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 1 अप्रैल 2021 को आरोपी ने अपनी पत्नी सुमन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी, जिससे गंभीर रूप से झुलसने के बाद 4 अप्रैल को जयपुर के निजी अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई।
मामले में 17 गवाहों के बयान और 33 दस्तावेजी साक्ष्य अदालत में पेश किए गए।
अपर लोक अभियोजक नंदकिशोर शर्मा और अधिवक्ता विरेंद्र सिंह शेखावत ने मजबूत पैरवी की, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई।
अजमेर जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी
अजमेर। शुक्रवार को राजस्थान हाईकोर्ट के साथ ही अजमेर जिला न्यायालय को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गयी. धमकी भरा ई-मेल मिलने के तुरंत बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, डॉग स्क्वॉड और सीआईडी टीम मौके पर पहुंची और पूरे न्यायालय परिसर को खाली कराया गया।
सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया, हालांकि प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी वाला ई-मेल अजमेर संभागीय आयुक्त के आधिकारिक मेल पर भेजा गया था, जिसके आधार पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
घटना के बाद अदालत परिसर में प्रवेश और वाहनों की जांच की प्रक्रिया भी सख्त कर दी गई है। पुलिस साइबर टीम ई-मेल भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी हुई है और जल्द ही आरोपी का पता लगाने का दावा किया गया है।
झुंझुनूं अभिभाषक संघ का कार्य बहिष्कार जारी
जयपुर/झुंझुनूं। झुंझुनूं जिला अभिभाषक संघ ने अपनी मांगों को लेकर दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार जारी रखा। अधिवक्ताओं की मुख्य मांग गुड़ागांवजी तहसील के राजस्व मामलों का अधिकार क्षेत्र यथावत रखने की है।
संघ का कहना है कि जब तक गुड़ागांवजी को अलग उपखंड घोषित नहीं किया जाता, तब तक उसे झुंझुनूं उपखंड के अंतर्गत ही रखा जाना चाहिए।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जनविरोधी निर्णय लिया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उदयपुरवाटी बार संघ के समर्थन में भी अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार और भूख हड़ताल जारी रखी।
अधिवक्ताओं के विरोध के कारण न्यायालयों में कई मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई। संघ प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रशासन से सकारात्मक निर्णय आने तक आंदोलन जारी रहेगा।
व्यक्तिगत समस्याओं के आधार पर स्थानांतरण याचिका पर आदेश
जयपुर। राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण ने एक महत्वपूर्ण आदेश देते हुए कहा कि केवल व्यक्तिगत या पारिवारिक समस्याओं के आधार पर स्थानांतरण के लिए निकट पदस्थापन का अधिकार स्वतः नहीं बनता।
अधिकरण ने राज्य सरकार और संबंधित विभाग को निर्देश दिया कि अपीलकर्ताओं की याचिकाओं पर नियमों के अनुसार दो सप्ताह में निर्णय लिया जाए।
यह मामला मालपुरा क्षेत्र के एक कर्मचारी द्वारा दायर अपील से जुड़ा था, जिसमें पारिवारिक कारणों से स्थानांतरण की मांग की गई थी।
अधिकरण ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी अपने विभाग को अभ्यावेदन दे सकता है, लेकिन प्रशासनिक आवश्यकता और नियमों के अनुरूप ही निर्णय लिया जाएगा। आदेश से यह स्पष्ट हुआ कि स्थानांतरण संबंधी मामलों में सेवा नियमों को प्राथमिकता दी जाएगी।
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म मामले में हाईकोर्ट से जमानत
जयपुर। शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने के आरोप से जुड़े मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी है।
जस्टिस अनिल उपमन की पीठ ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी की जमानत याचिका स्वीकार की।
हाईकोर्ट ने जांच अधिकारी को आदेश दिया कि पीड़िता को न्यायालय द्वारा प्रदान की गई राहत की जानकारी दी जाए।
बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि घटना की कथित तारीख के काफी समय बाद एफआईआर दर्ज की गई और मामले में लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं हैं।
राज्य उपभोक्ता आयोग का होटल बुकिंग राशि लौटाने का आदेश
जोधपुर। राज्य उपभोक्ता आयोग, जोधपुर पीठ ने एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए शादी समारोह के लिए बुक किए गए होटल की अग्रिम राशि लौटाने का आदेश दिया है।
आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि सेवा प्रदाता किसी कारणवश निर्धारित सेवा उपलब्ध नहीं कराता, तो जमा राशि लौटाना उसका दायित्व है और राशि रोकना अनुचित व्यापारिक व्यवहार माना जाएगा।
प्रकरण में परिवादी ने अपने पुत्र के विवाह समारोह के लिए होटल के 38 कमरे बुक कर अग्रिम राशि जमा कराई थी, लेकिन तकनीकी कारणों से होटल द्वारा बुकिंग निरस्त कर दी गई और राशि वापस नहीं की गई।
मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने जिला आयोग के आदेश को उचित मानते हुए परिवादी को 5 लाख रुपये मय ब्याज लौटाने का निर्देश दिया। आयोग के इस फैसले से उपभोक्ताओं के अधिकारों को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
लीव-इन पार्टनर द्वारा घरेलू हिंसा की शिकायत पर कोर्ट का संज्ञान
जोधपुर। जोधपुर में अदालत के समक्ष एक अनोखा मामला सामने आया, जिसमें लिव-इन पार्टनर ने घरेलू हिंसा का परिवाद दर्ज कराया।
एसीजेएम-7 की अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 2(एफ) के अंतर्गत लिव-इन संबंध में रहने वाली महिला भी शिकायत दर्ज कराने का अधिकार रखती है।
अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद मामले को विचारणीय मानते हुए संबंधित पक्षों को समन जारी करने के आदेश दिए।
इस आदेश को कानूनी विशेषज्ञ महत्वपूर्ण मान रहे हैं, क्योंकि इससे स्पष्ट होता है कि विवाह के बिना साथ रहने वाली महिलाओं को भी घरेलू हिंसा कानून के तहत संरक्षण प्राप्त है। मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी और सभी पक्षों को अदालत में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
ई-कॉमर्स कंपनी पर 13,800 रुपये का जुर्माना
जयपुर/झुंझुनूं। जिला जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग झुंझुनूं ने एक ई-कॉमर्स कंपनी पर अनुचित व्यापारिक व्यवहार के आरोप में 13,800 रुपये का जुर्माना लगाया है।
आयोग ने पाया कि कंपनी ने उपभोक्ता को बिना पूर्व सूचना दिए उसका ऑर्डर रद्द कर दिया, जो उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है।
मामले में आनंदपुरा निवासी लोकेश सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने ऑनलाइन उत्पाद ऑर्डर किया था, लेकिन कंपनी ने बाद में उसे रद्द कर दिया और संतोषजनक स्पष्टीकरण भी नहीं दिया।
सुनवाई के दौरान आयोग ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए इसे ‘डार्क पैटर्न’ का उदाहरण बताया, जो डिजिटल व्यापार की पारदर्शिता को प्रभावित करता है। आयोग ने उपभोक्ता को उचित राहत प्रदान करते हुए कंपनी को निर्धारित जुर्माना जमा कराने के आदेश दिए।
आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में आरोपी को 7 साल की सजा
जोधपुर/पाली/सोजत। झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में अदालत ने आरोपी दिलेर खां उर्फ छोटू खां को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार गढ़वाल ने मामले की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया।
इस प्रकरण में आरोपी की पत्नी को पहले ही इसी मामले में सजा सुनाई जा चुकी है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इस प्रकार के अपराध समाज में गंभीर मानसिक दबाव और भय का वातावरण पैदा करते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है। फैसले के बाद क्षेत्र में मामले को लेकर चर्चा बनी हुई है।