हाईकोर्ट जस्टिस मुकेश राजपुरोहित का हिंडौन दौरा 13
जोधपुर,9 फरवरी। राजस्थान हाईकोर्ट के जज जस्टिस मुकेश राजपुरोहित 13 फरवरी को एक दिवसीय दौरे पर हिंडौन जायेंगे.
जस्टिस मुकेश राजपुरोहित हिंडौन सिटी बार एसोसिएशन के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथी के रूप में शामिल होंगे. हिंडौन सिटी के बयाना रोड स्थित सूरौठ पैलेस में यह शपथग्रहण समारेाह आयोजित होगा, समारोह को लेकर अभी से तैयारी शुरू कर दी गयी हैं.
आसाराम की सजा के खिलाफ अपील पर सुनवाई टली
जोधपुर, 9 फरवरी। जोधपुर में यौन उत्पीड़न मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की सजा के खिलाफ दायर अपील पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई टल गई।
यह मामला जस्टिस अरुण मोंगा की डिवीजन बेंच में सूचीबद्ध था, जहां तकनीकी कारणों से सुनवाई आगे बढ़ा दी गई। अदालत ने अगली सुनवाई की तिथि 16 फरवरी निर्धारित की है।
इस मामले में आसाराम के साथ सह-अभियुक्त शरद चंद्र और शिल्पी की ओर से भी सजा को चुनौती देते हुए अपील दायर की गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने भी उच्च न्यायालय को मामले का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट में अगली सुनवाई के दौरान सजा के विभिन्न कानूनी पहलुओं पर विस्तृत बहस होने की संभावना है, जिसे देखते हुए इस प्रकरण पर देशभर की निगाहें टिकी हुई हैं।
एफएसएल रिपोर्ट में देरी, गांजा तस्करों को मिली जमानत
नई दिल्ली, 9 फरवरी। 200 किलो गांजा बरामदगी प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी आरिफ रहमान और वाजिद अली को सशर्त जमानत प्रदान की है। दोनों आरोपियों को वर्ष 2023 में राजस्थान के झालावाड़ (मंडावर) क्षेत्र की पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
मामले में पहले राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज हो चुकी थी, जिसके बाद आरोपियों की ओर से अधिवक्ता नमित सक्सेना ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।
सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह तथ्य रखा गया कि मामले की एफएसएल रिपोर्ट संबंधित प्रयोगशाला द्वारा 21 दिनों की देरी से भेजी गई, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई।
सुप्रीम कोर्ट ने इस देरी को महत्वपूर्ण मानते हुए आरोपियों को सशर्त जमानत देने का आदेश दिया। अदालत ने साथ ही स्पष्ट किया कि आरोपियों को जांच में सहयोग करना होगा और जमानत की शर्तों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य रहेगा।
चर्चित आशीष हत्याकांड मामले में सुनवाई
श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर जिले के घड़साना क्षेत्र के चर्चित आशीष हत्याकांड में पुलिस ने आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया।
अनूपगढ़ सीओ प्रशांत कौशिक तथा रावला थाना प्रभारी बलवंत कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपियों को अदालत लाई।
मामले में मृतक की पत्नी अंजू को पूर्व में न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है, जबकि अन्य आरोपी संजय सहित सहयोगियों को भी अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या को दुर्घटना का रूप देने के लिए आरोपियों ने इसे हिट-एंड-रन जैसा दिखाने का प्रयास किया था।
घटना के तीन दिन बाद पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आवश्यक साक्ष्य एकत्रित कर जल्द ही विस्तृत चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी।
आरटीओ पद रिक्त रहने पर अधिवक्ताओं का ज्ञापन
जोधपुर में आरटीओ पद लंबे समय से रिक्त रहने के कारण वाहन संबंधित कार्य प्रभावित होने पर अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बदलूराम चौधरी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्टर से मिला और तत्काल पद भरने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि 30 जनवरी से पद रिक्त होने के कारण वाहन पंजीकरण, परमिट और अन्य प्रशासनिक कार्य लंबित पड़े हैं, जिससे वाहन मालिकों और आम नागरिकों को आर्थिक व प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इस अवसर पर अधिवक्ता कमलेश चौधरी, किशनराम माचरा, भोमाराम चौधरी, मनीष पुनिया, मानवेन्द्र चौधरी, मोहन जाखड़, नरेंद्र सांगवा, ओमप्रकाश फिंडोदा और महेंद्र भारती सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे। प्रशासन ने मांग पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पोकरण एडीजे कोर्ट का बड़ा फैसला
पोकरण, 9 फरवरी। पोकरण के एडीजे न्यायालय ने लूट, मारपीट और लज्जा भंग के गंभीर मामले में चार आरोपियों को कठोर सजा सुनाई है।
एडीजे डॉ. महेंद्र कुमार गोयल की अदालत ने आरोपी कमला, चैनाराम, पुखराज और दुर्जनराम को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 1.71 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
यह मामला वर्ष 2018 में भणियाणा थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था, जिसमें चाचा-चाची के साथ लूट और मारपीट की घटना सामने आई थी।
राज्य सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक समंदर सिंह नरावत ने अदालत में प्रभावी पैरवी करते हुए आरोपियों के विरुद्ध मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोप सिद्ध मानते हुए कठोर दंड का आदेश दिया।
सगाई तोड़ने पर दर्ज कराया पॉक्सो का मामला, जमानत
जयपुर, 9 फरवरी। जयपुर में एक युवती ने उसके साथ सगाई तोड़ने पर युवक के खिलाफ पॉक्सोक े तहत मामला दर्ज कराया.
कथित अपहरण और पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामले में अदालत ने आरोपी को जयपुर की अदालत ने जमानत दी हैं। मामले की सुनवाई जज नीरजा दाधीच की अदालत में हुई, जहां बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता मांगीलाल चौधरी और हेमलता सैनी ने पैरवी की।
बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों के समर्थन में ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं और पुलिस जांच में भी अपराध के स्पष्ट प्रमाण सामने नहीं आए।
अदालत ने प्रस्तुत तथ्यों और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद आरोपी को जमानत देने का आदेश दिया। पुलिस ने आरोपी को 11 अक्टूबर को गिरफ्तार कर चालान पेश किया था। अदालत ने जमानत देते हुए आरोपी को शर्तों का पालन करने और जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए।
राहत राज्य सरकार और जेडीए को 8000 करोड़ की राहत
जयपुर, 9 फरवरी। जयपुर में लगभग 8 हजार करोड़ रुपये की कथित बेशकीमती जमीन से जुड़े मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और जेडीए को बड़ी राहत दी है।
जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस रवि चिरानिया की खंडपीठ ने संबंधित जनहित याचिका को खारिज करते हुए कहा कि प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार द्वारा की गई कार्रवाई में कोई स्पष्ट अवैधता सिद्ध नहीं होती।
याचिका में आरोप लगाया गया था लीज शर्तो में बदलाव कर अनियमितता कि गयी हैं.
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने पक्ष रखते हुए बताया कि जमीन आवंटन प्रक्रिया विधि सम्मत तरीके से की गई थी और याचिका केवल अनुमानित तथ्यों पर आधारित है।
अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका निरस्त कर दी, जिससे राज्य सरकार और जेडीए को महत्वपूर्ण राहत मिली।
डोडा पोस्त तस्करी के दोषी को 6 वर्ष का कारावास
हनुमानढ़ 9 फरवरी। हनुमानगढ़ एनडीपीएस कोर्ट ने डोडा पोस्ट तस्करी के आरोपी को दोषी मानते हुए 6 साल की सजा सुनाई हैं. अदालत ने आरोपी विनोद कुमार पर 60 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया हैं, जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.
मामले के अनुसार 29 दिसम्बर 2019 को तलवाड़ा पुलिस एक पिकअप से बरामद किया था 30 किलो डोडा पोस्त, विशिष्ट लोक अभियोजक सुरेंद्र कुमार शर्मा ने की पैरवी
नारी निकेतन और बालिका गृह की स्थिति पर हाईकोर्ट सख्त
जयपुर, 9 फरवरी। राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर पीठ ने राज्य के समस्त नारी निकेतन, बालिका गृह और फोस्टर होम की खराब स्थिति को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने ने कहा कि कई भवन जर्जर स्थिति में हैं तथा स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं में सुधार की तत्काल आवश्यकता है।
हाईकोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता मनोज शर्मा को निर्देश दिया कि महिला एवं बाल विकास विभाग और सामाजिक न्याय विभाग द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी अदालत को दी जाए।
अदालत ने राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को भी नोटिस जारी कर अगली सुनवाई पर अधिकारी को उपस्थित रहने के निर्देश दिए। साथ ही अजमेर बालिका गृह के कर्मचारियों का वेतन दो वर्ष से लंबित होने पर भी अदालत ने गंभीर चिंता जताई।
दोषसिद्धि रद्द कर पुनः सुनवाई का आदेश अवैध, हाईकोर्ट ने बहाल किया ट्रायल कोर्ट का फैसला
जोधपुर, 9 फरवरी। राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीइ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में सेशन कोर्ट द्वारा दिए गए पुनः ट्रायल के आदेश को निरस्त करते हुए ट्रायल कोर्ट की सजा और प्रोबेशन आदेश को बहाल कर दिया।
जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने कहा कि केवल सजा से असंतोष के आधार पर निजी शिकायतकर्ता को अपील का अधिकार नहीं मिलता और इस आधार पर पुनः ट्रायल का आदेश देना कानून के विपरीत है।
मामले में याचिकाकर्ता सुमित्रा ने सेशन कोर्ट के 19 दिसंबर 2025 के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें ट्रायल कोर्ट का 21 मार्च 2024 का फैसला रद्द कर दिया गया था।
हाईकोर्ट ने पाया कि ट्रायल कोर्ट ने सभी परिस्थितियों पर विचार कर विधिसम्मत तरीके से प्रोबेशन का लाभ दिया था और अपीलीय अदालत ने बिना किसी कानूनी त्रुटि पाए हस्तक्षेप किया। इसलिए अपीलीय आदेश को निरस्त करते हुए मूल आदेश पुनः लागू कर दिया गया।