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उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी से जुड़े विवाद में आया नया मोड़, पत्रकार आनंद पांडे का कोर्ट में समझौता, हाईकोर्ट में कल होगी सुनवाई

Rajasthan High Court Suspends Sentence of Seven Convicts in Murder Case Pending Appeal

जयपुर। राज्य की उपमुख्यमंत्री Diya Kumari के खिलाफ कथित रूप से झूठी खबर प्रकाशित करने के मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता होने की जानकारी राजस्थान हाईकोर्ट में दी गई।

इस मामले में याचिकाकर्ता पत्रकार आनंद पांडे की ओर से हाईकोर्ट को जानकारी देते हुए कहा गया है कि संबंधित पक्षकारों ने आपसी सहमति से विवाद सुलझा लिया है। मामले की सुनवाई 4 फरवरी को जस्टिस भुवन गोयल की एकल पीठ में हुई।

आनंद पांडे के अधिवक्ता ने दी जानकारी

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पत्रकार आनंद पांडे के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है और इस संबंध में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जा रहे हैं।

राजस्थान हाईकोर्ट ने इस जानकारी को रिकॉर्ड पर लेते हुए अंतरिम आदेश जारी किया है और मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद निर्धारित करने के निर्देश दिए। यह सुनवाई कल यानी 13 फरवरी को हो सकती हैं.

गौरतलब है कि यह याचिका राज्य सरकार के विरुद्ध दायर की गई थी।

सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह तथ्य भी सामने आया कि याचिकाकर्ता ने इसी विषय से संबंधित एक अन्य याचिका संख्या 7588/2025 पूर्व में दाखिल की थी।

इस संबंध में हाईकोर्ट रजिस्ट्री ने तकनीकी आपत्ति दर्ज करते हुए इसे दोष के रूप में इंगित किया था।

साइबर क्राइम थाने में शिकायत

हालांकि, याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि संबंधित दूसरी याचिका पहले ही वापस ले ली गई है। इस पर न्यायालय ने रजिस्ट्री द्वारा बताए गए तकनीकी दोष को समाप्त (वेव) करते हुए मामले की आगे की कार्यवाही जारी रखने के निर्देश दिए।

उल्लेखनीय है कि आनंद पांडे और हरिश दिवेकर ‘द सूत्र’ डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म और यूट्यूब चैनल संचालित करते हैं।

28 सितंबर 2024 को जयपुर के सिविल लाइंस निवासी नरेंद्र सिंह राठौड़ ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दोनों पत्रकारों ने उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के खिलाफ अपमानजनक और भ्रामक खबरें प्रकाशित कीं तथा उन्हें हटाने के बदले पांच करोड़ रुपये की कथित रंगदारी मांगी।

पुलिस ने मामले की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्य और गवाहों के बयान एकत्र किए। जांच के बाद 17 अक्टूबर 2025 को पुलिस टीम मध्यप्रदेश के भोपाल पहुंचकर दोनों पत्रकारों को गिरफ्तार कर लाई और बाद में उन्हें जयपुर लाया गया।

गिरफतारी के बाद देशभर में चर्चा

इस मामले में दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 506 (आपराधिक धमकी) तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

इस मामले में पुलिस ने धारा 353(2), 356(3), 308(4), 351(3), 61(2)(B) IPC और IT Act की धाराओं में नामजद किया था

मध्यप्रदेश से गिरफ्तारी होने के कारण यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया था और मीडिया जगत में भी इसे लेकर व्यापक बहस हुई थी।

अगली सुनवाई पर होगा निर्णय

अब दोनों पक्षों के बीच समझौते की सूचना सामने आने के बाद मामले की दिशा बदल गई है।

हाईकोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद निर्धारित की है, जिसके बाद समझौते से संबंधित औपचारिकताओं और कानूनी पहलुओं की समीक्षा के बाद आगे की कार्यवाही होगी।

आरोपियों को धारा 353(2), 356(3), 308(4), 351(3), 61(2)(B) IPC और IT Act की धाराओं में नामजद किया गया है

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