जयपुर। राजस्थान की न्यायिक और विधिक व्यवस्थाओं से जुड़े एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम-“दी बार एसोसिएशन वक्फ जयपुर” के शपथग्रहण समारोह और एडवोकेट शेड उद्घाटन-में जहां एक ओर नए पदाधिकारियों ने कार्यभार संभाला, वहीं दूसरी ओर वक्फ ट्रिब्यूनल और वक्फ बोर्ड कार्यालय की व्यवस्थाओं में गंभीर कमियों का मुद्दा भी उठा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज जस्टिस मनीष शर्मा ने निर्विरोध निर्वाचित हुए पदाधिकारियों और कार्यकारिणी के सदस्यों को शपथ दिलाई.

शपथग्रहण समारोह में सर्वप्रथम अध्यक्ष पद पर अब्दुल वाहिद नकवी, महासचिव पद पर मोहम्मद असलम खान, उपाध्यक्ष पद पर इकरामुल्लाह खान और वसीम खान,, संयुक्त सचिव के पद पर नौशाद कुरैशी ने शपथ ली.
पदाधिकारियों के बाद कार्यकारिणी के सभी 12 सदस्यों को सामुहिक रूप से शपथग्रहण करवाई गयी.
शपथग्रहण समारोह से पूर्व जस्टिस मनीष शर्मा ने वक्फ बोर्ड कार्यालय परिसर में निर्मित एडवोकेट शेड का फीता काटकर उद्घाटन किया तथा शिलालेख पट्टिका का अनावरण किया।
वक्फ संपत्तियों के दुरूपयोंग/ अतिक्रमण पर जताई चिंता
समारोह को संबोधित करते हुए जस्टिस मनीष शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि जिन लोगों ने समाज कल्याण के उद्देश्य से अपनी संपत्ति वक्फ के रूप में दान की थी, उनका उद्देश्य वर्तमान परिस्थितियों में पूरी तरह पूरा नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों पर बढ़ते अतिक्रमण और अवैध कब्जों के कारण इन संपत्तियों का उपयोग जनकल्याण के कार्यों में प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई मामलों में वक्फ संपत्तियां बहुत कम किराए पर दी गई हैं, जबकि किरायेदार उन्हीं संपत्तियों को कई गुना अधिक किराए पर सब-लेट कर रहे हैं।
इससे न केवल वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग हो रहा है बल्कि संस्थाओं को मिलने वाली आय भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने संबंधित विभागों को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
संसाधनों की कमी पर छलका दर्द
राजस्थान वक्फ ट्रिब्यूनल और जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुपमा राजीव बिजलानी ने भी शपथग्रहण समारोह को संबोधित किया.
ट्रिब्यूनल अध्यक्षा ने समारोह को संबोधित करते हुए वक्फ ट्रिब्यूनल और उससे संबंधित कार्यालयों में संसाधनों की कमी को लेकर बात की.

हाईकोर्ट जज जस्टिस मनीष शर्मा की मौजूदगी में उन्होने ट्रिब्यूनल के हाल बयान करते हुए काह कि वक्फ ट्रिब्यूनल में स्टाफ की स्वीकृत संख्या 13 होने के बावजूद केवल 4 कर्मचारी कार्यरत हैं.
जज अनुपमा राजीव बिजलानी ने कहा कि ट्रिब्यूनल में स्टेनोग्राफर तक उपलब्ध नहीं है, सरकारी वाहन चालक के अभाव में उपयोग में नहीं आ पा रहा है और कार्यालय भवन भी इतना छोटा है कि बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
जज ने कहा कि प्रदेश भर के अनेक महत्वपूर्ण मामले लंबित होने के कारण न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहा है, जिससे नए वक्फ संशोधन कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है।

विधायक कोष से 20 लाख की घोषणा
कार्यक्रम में विधायक रफीक खान ने एडवोकेट शेड के विकास और अधिवक्ताओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु अपने विधायक कोष से 20 लाख रुपये देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराना न्याय व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक है और इस दिशा में हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
अधिवक्ताओं का सम्मान
समारोह के दौरान दी बार एसोसिएशन वक्फ जयपुर की ओर से विभिन्न अतिथियों का साफा, माला और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया।
समारोह में विधायक आदर्श नगर जयपुर रफीक खान, राजस्थान बोर्ड ऑफ मुस्लिम वक्फ के चेयरमैन डॉ. खानू खान बुधवाली, वरिष्ठ अधिवक्ता सैय्यद शाहिद हसन, राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट बार एसोसिएशन जयपुर के अध्यक्ष राजेन्द्र सोगरवाल, महासचिव दीपेश शर्मा, दी बार एसोसिएशन जयपुर के अध्यक्ष सोमेश शर्मा, महासचिव उमेश चौधरी, डिस्ट्रिक्ट एडवोकेट बार एसोसिएशन जयपुर के अध्यक्ष संदीप शर्मा, महासचिव मनोज वर्मा, वक्फ अधिकरण सदस्य शमीम कुरेशी, वरिष्ठ अधिवक्ता कैलाश नाथ भट्ट, पूर्व अध्यक्ष योगेन्द्र सिंह तंवर सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
