जयपुर। राजधानी हाईकोर्ट जयपुर के अधिवक्ता के साथ निविक हॉस्पिटल में हुई मारपीट और विवाद के मामले ने तुल पकड़ लिया हैं.
मामले में सितंबर 2025 में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने के खिलाफ अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए जनपथ पर रास्ता जाम कर दिया हैं.
आज सुबह से हाईकोर्ट के गेट नंबर-3 पर अधिवक्ता एकत्रित हुए और पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए रास्ता जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन कर रहे वकीलों की मुख्य मांग मानसरोवर स्थित निविक हॉस्पिटल के संचालक एवं चिकित्सक डॉ. सोनदेव बंसल की गिरफ्तारी है।
इलाज में लापरवाही का आरोप
गौरतलब हैं कि अधिवक्ता जितेंद्र शर्मा की माता के उपचार के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया गया था।
इसी मामले में डॉ. सोनदेव बंसल के खिलाफ सितंबर 2025 में एफआईआर दर्ज करवाई गई थी।
अधिवक्ता समुदाय का आरोप है कि इतने समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने न तो डॉक्टर को गिरफ्तार किया और न ही मामले की जांच को गति दी, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा है।
वकीलों का कहना है कि यदि आम नागरिक के खिलाफ गंभीर आरोप होते तो पुलिस तुरंत कार्रवाई करती, लेकिन प्रभावशाली लोगों से जुड़े मामलों में कार्रवाई में अनावश्यक देरी की जा रही है। इसी कथित भेदभाव के विरोध में अधिवक्ताओं ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाया।
बार एसोसिएशन पदाधिकारियों ने उठाए सवाल
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल और महासचिव दीपेश शर्मा ने मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि निविक हॉस्पिटल के संचालक के खिलाफ विधिवत मामला दर्ज कराया गया था, लेकिन पुलिस ने अब तक गिरफ्तारी जैसी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं का यह प्रदर्शन किसी व्यक्तिगत कारण से नहीं बल्कि न्याय की मांग को लेकर किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि प्रशासन समय रहते उचित कार्रवाई करता तो अधिवक्ताओं को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
बार पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
गेट नंबर-3 पर यातायात प्रभावित
वकीलों द्वारा गेट नंबर-3 पर जाम लगाए जाने के कारण आसपास के क्षेत्र में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। कई वाहन लंबे समय तक जाम में फंसे रहे, जिससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।