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Breaking News : सलमान खान केस की सुनवाई से हाईकोर्ट जज ने किया इनकार, फिर टली बहुचर्चित कांकाणी हिरण शिकार मामले की सुनवाई

Salman Khan Summoned Again: Jaipur Consumer Commission Orders DGP to Form Task Force for Warrant Execution

जोधपुर। बहुचर्चित कांकाणी हिरण शिकार मामले में एक बार फिर सुनवाई टल गई है।

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ में जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की बेंच ने अभिनेता सलमान खान सहित अन्य आरोपियों से जुड़ी अपीलों की सुनवाई से स्वयं को अलग (recuse) कर लिया।

Mahipal Bishnoi, Advocate Rajasthan High court

जस्टिस संधू द्वारा सुनवाई से इनकार किए जाने के बाद मामले को “पुट अप अंडर बेंच” कर दिया गया है, जिससे अब यह मामला दोबारा मुख्य न्यायाधीश के समक्ष सूचीबद्ध होगा और आगे यह तय किया जाएगा कि अपीलों की सुनवाई किस नई बेंच द्वारा की जाएगी।

इस घटनाक्रम के बाद वर्षों से लंबित इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई एक बार फिर अनिश्चित समय के लिए टल गई है।

फिलहाल इस प्रकरण में दो महत्वपूर्ण अपीलों पर सुनवाई होनी थी, लेकिन बेंच के अलग होने के कारण अब पूरी प्रक्रिया फिर से तय होगी।

कांकाणी हिरण शिकार मामला देश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में से एक रहा है, जिस पर वर्षों से न्यायिक और आमजनता दोनों की नजर बनी हुई है।

किन अपीलों पर होनी थी सुनवाई

इस मामले में एक ओर अभिनेता सलमान खान की ओर से उनकी सजा को चुनौती देने वाली अपील लंबित है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार की ओर से सह-अभियुक्तों—सैफ अली खान, नीलम, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और दुष्यंत सिंह—को बरी किए जाने के खिलाफ दायर “लीव टू अपील” भी हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

दोनों अपीलों पर एक साथ सुनवाई की संभावना थी, लेकिन अब बेंच के इनकार के कारण प्रक्रिया फिर से प्रारंभिक चरण में पहुंच गई है।

क्या है पूरा मामला

बहुचर्चित कांकाणी हिरण शिकार मामला वर्ष 1998 का है। आरोप है कि 1 और 2 अक्टूबर 1998 की मध्य रात्रि में जोधपुर जिले के कांकाणी क्षेत्र में फिल्म की शूटिंग के दौरान संरक्षित काले हिरण का शिकार किया गया था।

इस मामले में अभिनेता सलमान खान के साथ सैफ अली खान, नीलम, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और दुष्यंत सिंह के खिलाफ लूणी थाने में मामला दर्ज किया गया था।

लंबी सुनवाई के बाद 5 अप्रैल 2018 को जोधपुर की सीजेएम अदालत ने सह-अभियुक्तों—सैफ अली खान, नीलम, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और दुष्यंत सिंह—को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था, जबकि सलमान खान को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 9/51 के तहत दोषी मानते हुए पांच वर्ष की सजा सुनाई गई थी।

जिला अदालत से लेकर हाईकोर्ट तक

सजा के खिलाफ सलमान खान ने जिला एवं सत्र न्यायालय, जोधपुर में अपील दायर की थी, जहां से उन्हें जमानत मिल गई थी।

बाद में सलमान खान की ओर से उनकी अपील को राजस्थान हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की गई।

हाईकोर्ट के आदेश पर 21 मार्च 2022 को यह अपील हाईकोर्ट में स्थानांतरित कर दी गई, जिसके बाद से मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

दूसरी ओर, सह-अभियुक्तों को बरी किए जाने के खिलाफ राज्य सरकार ने राजस्थान हाईकोर्ट में “लीव टू अपील” दायर की थी, जिस पर भी सुनवाई लंबित है।

अब आगे क्या

जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की बेंच द्वारा सुनवाई से इनकार किए जाने के बाद मामला अब मुख्य न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

मुख्य न्यायाधीश नई बेंच गठित कर सुनवाई की तिथि तय करेंगे। इसके बाद ही दोनों अपीलों पर वास्तविक सुनवाई आगे बढ़ सकेगी।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला पहले से ही कई वर्षों से लंबित है और बेंच परिवर्तन के कारण सुनवाई में और देरी हो सकती है। हालांकि, नई बेंच तय होने के बाद प्रक्रिया फिर से नियमित रूप से आगे बढ़ने की संभावना है।

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