जयपुर/जोधपुर। आखिरकार 8 साल बाद राजस्थान बार काउंसिल के चुनाव का रास्ता साफ हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना में राजस्थान बार काउंसिल के चुनाव के लिए हाई-पावर्ड कमेटी का गठन कर दिया गया है।
बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के एक्टिंग सेक्रेटरी विकास ढाका की ओर से सोमवार को जारी आधिकारिक नोटिस में इस 7 सदस्यीय समिति के गठन की घोषणा की गई।
कमेटी का गठन
रिटायर्ड जस्टिस जे. आर. मिड्ढा को इस कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
उनके साथ सदस्य के रूप में राजस्थान हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज जस्टिस महेंद्र माहेश्वरी (रिटायर्ड) और जस्टिस रामचंद्र सिंह झाला (रिटायर्ड) को शामिल किया गया है।
इसके अलावा समिति की चुनावी प्रक्रिया की निगरानी के लिए जस्टिस मनोज कुमार गर्ग (रिटायर्ड) को ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
चुनाव प्रक्रिया के संचालन की दृष्टि से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. सचिन आचार्य को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है, जो नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना तक की सभी प्रक्रियाओं की देखरेख करेंगे।
वहीं प्रशासनिक कार्यों के लिए मधुर भूटानी को सचिव तथा ऋतिक सेजवाल को अतिरिक्त सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
इस प्रकार न्यायपालिका और अधिवक्ता समुदाय दोनों के अनुभवी व्यक्तियों को शामिल कर समिति का संतुलित स्वरूप तैयार किया गया है।
7 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति
चेयरपर्सन: जस्टिस जे. आर. मिड्ढा (रिटायर्ड)
सदस्य: जस्टिस महेंद्र माहेश्वरी (रिटायर्ड) और जस्टिस रामचंद्र सिंह झाला (रिटायर्ड)
ऑब्जर्वर: जस्टिस मनोज कुमार गर्ग (रिटायर्ड)
रिटर्निंग ऑफिसर: डॉ. सचिन आचार्य, सीनियर एडवोकेट
सचिव: मधुर भूटानी
अतिरिक्त सचिव: ऋतिक सेजवाल

पारदर्शिता को प्राथमिकता
बार की ओर से जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए समिति के सभी पदाधिकारियों के संपर्क विवरण के लिए ईमेल भी सार्वजनिक किए गए हैं।
इससे अधिवक्ताओं को चुनाव संबंधी किसी भी जानकारी, आपत्ति या सुझाव को सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में आसानी होगी।
बार काउंसिल के पदाधिकारियों का मानना है कि संपर्क विवरण सार्वजनिक करने से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक विवादों की संभावना भी कम होगी।
आपत्ति और नामांकन की प्रक्रिया
चुनाव प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची, नामांकन पत्र या अन्य चुनावी औपचारिकताओं से संबंधित किसी भी प्रकार की आपत्ति या शिकायत को ई-मेल robcselection2026@gmail.com के माध्यम से रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है।
इसके लिए आधिकारिक ई-मेल आईडी भी साझा की गई है, जिससे अधिवक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने में किसी प्रकार की प्रशासनिक कठिनाई का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा बार काउंसिल के सदस्य चुनाव प्रक्रिया से संबंधित किसी भी अन्य सुझाव, प्रतिवेदन या जानकारी को समिति तक पहुंचाने के लिए rajasthanbcelection2026@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं।
समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्राप्त होने वाली सभी आपत्तियों और सुझावों पर निर्धारित समयसीमा के भीतर विचार कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
चुनाव कार्यालय जोधपुर में
हाई-पावर्ड इलेक्शन कमेटी का आधिकारिक कार्यालय बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के परिसर में स्थापित किया गया है, जो राजस्थान हाईकोर्ट कैंपस, झालामंड, जोधपुर में स्थित रहेगा।
चुनाव से संबंधित सभी आधिकारिक गतिविधियां, दस्तावेजों का संकलन, नामांकन प्रक्रिया, आपत्तियों की सुनवाई और अन्य प्रशासनिक कार्य यहीं से संचालित किए जाएंगे।
कार्यालय की स्थापना एक ही स्थान पर किए जाने का उद्देश्य यह है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी कार्य व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरे हो सकें तथा अधिवक्ताओं को जानकारी प्राप्त करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाने की आवश्यकता न पड़े।
अधिवक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण चुनाव
राजस्थान स्टेट बार काउंसिल के चुनाव प्रदेश के हजारों अधिवक्ताओं के लिए विशेष महत्व रखते हैं, क्योंकि इसी के माध्यम से काउंसिल की नीतियां, अधिवक्ताओं के कल्याण से जुड़ी योजनाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम, अनुशासनात्मक कार्यवाही और पेशे से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण निर्णय तय किए जाते हैं। ऐसे में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव अधिवक्ता समुदाय की प्रमुख अपेक्षा होती है।
पिछले चुनाव मार्च 2018 में हुए थे, उसके बाद से बार काउंसिल के चुनाव नहीं हुए, जिसके चलते वर्तमान बार सदस्यों के खिलाफ प्रदेशभर के अधिवक्ताओं में खासी नाराजगी भी देखी गई।
पिछले एक माह से बीसीआर चेयरमैन सहित पदाधिकारियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर भी अधिवक्ता खुलकर अपनी बात रख रहे थे।
कब होंगे चुनाव-20 अप्रैल?
राजस्थान बार काउंसिल के चुनाव को लेकर गठित हाई-पावर्ड कमेटी के साथ ही अगले एक-दो दिन में चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जा सकता है।
अधिवक्ता समुदाय में इस बात की ज्यादा चर्चा है कि चुनाव घोषणा के 60 दिन बाद चुनाव होंगे। ऐसे में कमेटी अगले एक-दो दिन में कार्यक्रम की घोषणा करती है तो यह तारीख संभवत: 20 अप्रैल 2026 हो सकती है।
फिलहाल लंबे समय से इंतजार कर रहे अधिवक्ताओं और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए अब इंतजार समाप्त हो गया है।
अब केवल चुनाव की तारीखों के ऐलान का इंतजार है।