जयपुर/जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट मुख्यपीठ जोधपुर और जयपुर पीठ को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी दी गयी हैं.
बम की धमकी के बाद एक बार फिर से हाईकोर्ट परिसर खाली कराए गए हैं
सोमवार अलसुबह करीब 4 बजकर 37 मिनट पर हाईकोर्ट प्रशासन को एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें दोनों परिसरों को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी।
सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) और डॉग स्क्वायड की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं और पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।
प्रारंभिक जांच के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने की सूचना है, हालांकि सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ हर पहलू की जांच कर रही हैं।

जोधपुर में डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं, जबकि जयपुर बेंच पर भी पुलिस अधिकारियों की निगरानी में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।
साइबर टीम धमकी भरे ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।
सुरक्षा कारणों से हाईकोर्ट प्रशासन ने सुबह के समय कोर्ट परिसर को अस्थायी रूप से खाली करवा दिया और न्यायिक कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित कर दी गई।
बाद में डिस्प्ले बोर्ड पर सूचना जारी कर बताया गया कि कोर्ट का नियमित कामकाज सुबह 11:30 बजे से शुरू किया जाएगा।
इस दौरान परिसर में प्रवेश के लिए कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए। सभी अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए वैध पहचान-पत्र दिखाना अनिवार्य कर दिया गया तथा बिना पहचान-पत्र के किसी भी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया गया।

पुलिस ने परिसर के सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त जवान तैनात कर दिए हैं और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की सघन जांच की जा रही है।
हाईकोर्ट प्रशासन ने वकील संगठनों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में राजस्थान हाईकोर्ट को इस प्रकार की कई धमकी भरी ई-मेल प्राप्त हो चुकी हैं।
हाल ही में 6 फरवरी 2026 को भी जोधपुर और जयपुर दोनों परिसरों को इसी तरह की धमकी मिलने के बाद खाली कराना पड़ा था।
उस घटना के बाद से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां प्रतिदिन नियमित रूप से परिसर की जांच कर रही हैं और डॉग स्क्वायड तथा बीडीएस टीमों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
बार-बार मिल रही धमकियों के कारण न्यायिक कार्यवाही पर भी असर पड़ रहा है, जिससे अधिवक्ताओं और आम लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है।