उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के विधि महाविद्यालय द्वारा आयोजित FIAT JUSTITIA राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026 में जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता बनने का गौरव हासिल किया हैं।
प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में देश की प्रतिष्ठित विधि शिक्षण संस्थाओं के बीच कड़ा और रोमांचक संघर्ष देखने को मिला।
फाइनल राउंड में जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर और ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी, सोनीपत की टीमों के बीच कानूनी दलीलों और तर्कों की जबरदस्त बहस हुई।
दोनों टीमों ने संवैधानिक और विधिक प्रश्नों पर गहन शोध और प्रभावशाली प्रस्तुति दी, जिससे निर्णायकों के लिए निर्णय लेना चुनौतीपूर्ण हो गया।
अंत में जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की टीम ने अपनी तार्किक क्षमता, विधिक समझ और बेहतर दलीलों के आधार पर पर प्रतियोगिता की विजेता बनी.

विजेता टीम के सदस्य
विजेता जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर की टीम में लॉ स्टूडेंट अनिरुद्ध सोनी, हीरल जैन और उन्नति छगानी शामिल रहे। तीनों विद्यार्थियों ने अदालती प्रक्रिया की सटीक समझ, प्रभावी संवाद शैली और मजबूत कानूनी आधार प्रस्तुत कर दर्शकों और निर्णायकों को प्रभावित किया।
वहीं उपविजेता रही ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी की टीम में वैष्णवी अग्रवाल, अर्श्या वाधवा और राशि चौहान शामिल थीं। उन्होंने भी पूरे आत्मविश्वास और तैयारी के साथ अपना पक्ष रखा।
भव्य समापन समारोह
विधि महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में आयोजित समापन समारोह में विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।
समारोह के मुख्य अतिथि इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस गोविंद माथुर विजेता और उपविजेता टीमों को सम्मानित किया।
समारोह को संबोधित करते हुए जस्टिस गोविंद माथुर ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं विधि विद्यार्थियों के लिए अदालत की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझने का श्रेष्ठ माध्यम हैं।
उन्होंने कहा, “एक सफल अधिवक्ता बनने के लिए केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि निरंतर अध्ययन, ईमानदारी और कठिन परिश्रम भी आवश्यक है।” उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी।
निर्णायकों की भूमिका
प्रतियोगिता के अंतिम दौर में निर्णायक मंडल में लतिका दीपक पाराशर (एडीजे, हनुमानगढ़), अधिवक्ता राघवेंद्र सारस्वत और अधिवक्ता कर्मेन्द्र सिंह उपस्थित रहे।
उन्होंने प्रतिभागियों के दलीलों, तर्कशक्ति, प्रस्तुति कौशल और विधिक प्रावधानों की समझ के आधार पर मूल्यांकन किया।
विशेष पुरस्कार
इस प्रतियोगिता में जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के छात्र अनिरुद्ध सोनी को सर्वश्रेष्ठ छात्र अधिवक्ता का पुरस्कार प्रदान किया गया। अनिरूद्ध की दलीलों और प्रभावी अभिव्यक्ति ने निर्णायकों को विशेष रूप से प्रभावित किया।
वहीं सर्वश्रेष्ठ मेमोरियल का पुरस्कार शासकीय नवीन विधि महाविद्यालय, इंदौर की टीम को दिया गया, जिन्होंने अपने लिखित तर्कपत्र में गहन शोध और स्पष्ट विधिक विश्लेषण प्रस्तुत किया।
विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण मंच
विधि महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. आनंद पालीवाल ने कहा कि इस प्रकार की राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने बताया कि मूट कोर्ट के माध्यम से विद्यार्थियों को न्यायालय की कार्यप्रणाली, केस लॉ का अध्ययन और तर्क प्रस्तुत करने की कला का व्यावहारिक अनुभव मिलता है, जिससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारी, संकाय सदस्य और बड़ी संख्या में विधि छात्र उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह और पेशेवर अनुशासन का माहौल बना रहा। अंत में आयोजन समिति की ओर से सभी अतिथियों, निर्णायकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।