जयपुर/टोंक। टोंक जिले की निवाई पंचायत समिति अंतर्गत ग्राम पंचायत नटवाड़ा की निवर्तमान प्रशासक नीता कंवर को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने नीता कंवर की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पंचायत राज विभाग द्वारा 19 फरवरी 2026 को जारी किए गए उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसके तहत उन्हें प्रशासक पद से हटाया गया था।
जस्टिस अनुरूप सिंघी की एकलपीठ ने इसके साथ ही राज्य सरकार को आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता को पुनः प्रशासक पद पर कार्य जारी रखने दिया जाए।
हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया यह माना कि हटाने की कार्रवाई विधि-सम्मत प्रक्रिया का पालन किए बिना की गई प्रतीत होती है।
ये है मामला
मामले के अनुसार, पंचायत राज विभाग ने दिनांक 19.02.2026 को आदेश जारी कर नीता कंवर को ग्राम पंचायत नटवाड़ा, पंचायत समिति निवाई, जिला टोंक के प्रशासक पद से हटा दिया था।
इस आदेश को चुनौती देते हुए नीता कंवर ने अधिवक्ता बलराम जाखड़ और राजीव सोगरवाल के जरिए राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी।
याचिका में यह तर्क दिया गया कि हटाने का आदेश राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 38 तथा राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 22 में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना पारित किया गया है।
न्यायिक समीक्षा के दायरे में
अधिवक्ता ने कहा कि पंचायती राज अधिनियम के तहत किसी भी प्रशासक या निर्वाचित प्रतिनिधि को हटाने से पूर्व निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। इसमें कारण बताओ नोटिस, सुनवाई का अवसर और विधिवत जांच शामिल होती है।
अधिवक्ता ने कहा कि यदि बिना प्रक्रिया के हटाने के आदेश पारित किए जाते हैं, तो वे न्यायिक समीक्षा के दायरे में आते हैं।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने दलील दी कि इसी प्रकार के विवाद पर हाईकोर्ट पहले भी महावीर प्रसाद गौतम बनाम राज्य सरकार प्रकरण (एस.बी. सिविल रिट याचिका संख्या 3422/2025) में विचार कर चुका है और धारा 38 व नियम 22 की अवहेलना करते हुए पारित आदेशों को निरस्त कर चुका है।
हालांकि उस निर्णय के खिलाफ विशेष अपील दायर की गई थी, जिसमें डिवीजन बेंच ने अंतरिम स्थगन दिया था। बाद में उस स्थगन आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई और सुप्रीम कोर्ट ने खंडपीठ के अंतरिम आदेश के प्रभाव व संचालन पर रोक लगा दी। यह विशेष अनुमति याचिका अभी लंबित है।
हाईकोर्ट का आदेश
दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि अगली सुनवाई तक 19 फरवरी 2026 के आदेश का प्रभाव और संचालन स्थगित रहेगा।
साथ ही प्रतिवादियों को निर्देश दिया गया कि वे याचिकाकर्ता को ग्राम पंचायत नटवाड़ा के प्रशासक पद पर कार्य जारी रखने दें।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए छह सप्ताह में जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं।
मामले को 28 अप्रैल 2026 को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।