पहले ही प्रयास में गुजरात ज्यूडिशियल सर्विस पास • राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एन.एस. ढडडा की बेटी ने बढ़ाया परिवार और राज्य का मान
जयपुर। राजस्थान के प्रतिभाशाली युवाओं ने एक बार फिर न्यायिक सेवा की परीक्षा में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। अजमेर मूल की और वर्तमान में जयपुर निवासी वंशिका ढडडा का चयन गुजरात न्यायिक सेवा में हुआ है। वंशिका ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में 18वां स्थान हासिल कर राजस्थान का नाम रोशन किया है।
वंशिका ढडडा राजस्थान हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस एन.एस. ढडडा की बेटी हैं। उनकी इस सफलता से परिवार के साथ-साथ पूरे राज्य में खुशी का माहौल है।

पिता के नक्शेकदम पर चली वंशिका
अजमेर की प्रतिभाशाली छात्रा वंशिका ने कड़ी मेहनत और समर्पण के बल पर पहले ही प्रयास में गुजरात न्यायिक सेवा परीक्षा पास कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनकी इस सफलता को उनके पिता जस्टिस एन.एस. ढडडा की न्यायिक विरासत से भी जोड़ा जा रहा है।
गौरतलब है कि वंशिका ने इससे पहले राजस्थान न्यायिक सेवा की परीक्षा भी दी थी और दो बार लिखित परीक्षा पास कर इंटरव्यू तक पहुंचीं, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखे।
अब गुजरात न्यायिक सेवा में चयन होने के बाद जस्टिस एन.एस. ढडडा सहित पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।

शिक्षा में भी रही अव्वल
वंशिका ढडडा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अजमेर के सोफिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल से प्राप्त की, जहां से उन्होंने 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की।
इसके बाद उन्होंने जयपुर के स्टेप बाय स्टेप हाई स्कूल से 11वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी की।
कानून के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए वंशिका ने राजस्थान विश्वविद्यालय से पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ की पढ़ाई पूरी की।
इसके बाद उन्होंने जगन्नाथ विश्वविद्यालय से एलएलएम की डिग्री हासिल की, जिसमें उन्होंने गोल्ड मेडल प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
परिवार और शहर में गर्व
वंशिका की इस सफलता से उनके परिवार, मित्रों और शिक्षकों में खुशी और गर्व का माहौल है।
उनके पिता जस्टिस एन.एस. ढडडा का कहना है कि वंशिका ने हमेशा मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए और आज उसी का परिणाम है कि उन्होंने न्यायिक सेवा में सफलता हासिल की है।
वंशिका की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि राजस्थान के युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है।