टॉप स्टोरी

चर्चित खबरें

Breaking News : राजस्थान में साइबर अपराध पर सख्ती के लिए हर संभाग में खुलेंगी साइबर कोर्ट, हाईकोर्ट ने सरकार को भेजा प्रस्ताव

Rajasthan to Set Up Cyber Courts Across Divisions, High Court Sends Proposal to Government

जयपुर सहित 7 शहरों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी, एसीजेएम स्तर की विशेष अदालतों का प्रस्ताव-डिजिटल क्राइम मामलों के त्वरित निपटारे पर फोकस

जयपुर। साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच राजस्थान में न्याय व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

राज्य में साइबर कोर्ट खोलने की कवायद तेज हो गई है और इस संबंध में राजस्थान हाईकोर्ट ने विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर सरकार को मंजूरी के लिए भेज दिया है।

हर संभाग में साइबर कोर्ट-पायलट प्रोजेक्ट शुरू

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्थान के सभी संभाग मुख्यालयों पर साइबर कोर्ट स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

पहले चरण में जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा, अजमेर और भरतपुर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत साइबर कोर्ट खोली जाएंगी।

एसीजेएम स्तर की होंगी विशेष अदालतें

सूत्रों के मुताबिक, इन सभी स्थानों पर एसीजेएम (Additional Chief Judicial Magistrate) स्तर की विशेष साइबर अदालतें स्थापित करने का पूरा मसौदा तैयार किया जा चुका है।

इन अदालतों में साइबर अपराधों से जुड़े मामलों की सुनवाई तेजी और विशेषज्ञता के साथ की जाएगी।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और पदों का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार

राजस्थान हाईकोर्ट ने न केवल कोर्ट की स्थापना, बल्कि इन्फ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी सुविधाएं, स्टाफ और आवश्यक पदों का भी विस्तृत खाका तैयार किया है।
यह फाइल अब राज्य सरकार को अंतिम मंजूरी के लिए भेज दी गई है।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद बढ़ी रफ्तार

गौरतलब है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रालसा (Rajasthan State Legal Services Authority) के एक सेमिनार में साइबर कोर्ट खोलने की घोषणा की थी।

इसके बाद इस दिशा में तेजी से काम करते हुए अब यह प्रस्ताव निर्णायक चरण में पहुंच गया है।

प्रशिक्षित न्यायिक अधिकारियों की पोस्टिंग

इन अदालतों में पोस्टिंग के लिए हाईकोर्ट पहले न्यायिक अधिकारियों को साइबर मामलों की ट्रेनिंग देगा।

हाल ही में कई न्यायिक अधिकारियों को हाईकोर्ट ने अलग-अलग कार्यक्रमों में प्रशिक्षित किया है।

क्यों जरूरी हैं साइबर कोर्ट?

देशभर में बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराध, डिजिटल साक्ष्यों की जटिलता, मामलों के त्वरित निपटारे की आवश्यकता और विशेषज्ञ न्यायिक तंत्र की जरूरत को देखते हुए इन अदालतों की व्यवस्था जरूरी हो गई है।

क्या बदलेगा?

राज्य में साइबर कोर्ट स्थापित होने से साइबर अपराध मामलों का तेज निपटारा होगा, डिजिटल सबूतों की बेहतर समझ और जांच संभव होगी और पीड़ितों को जल्दी न्याय मिल सकेगा।

सबसे अधिक लोकप्रिय