जयपुर/नई दिल्ली। राजस्थान पुलिस SI भर्ती परीक्षा 2025 को लेकर जारी विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। आज (गुरुवार) सुप्रीम कोर्ट में परीक्षा टालने की मांग पर सुनवाई होनी है, जिस पर लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य टिका हुआ है।
5 और 6 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित इस परीक्षा से ठीक पहले दाखिल याचिका ने पूरे मामले को फिर से गर्मा दिया है। याचिकाकर्ता ने परीक्षा को कम से कम 4 सप्ताह के लिए स्थगित करने की मांग की है।
हाईकोर्ट का फैसला लंबित, बढ़ी बेचैनी
सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजस्थान हाईकोर्ट में इस मामले पर 31 मार्च तक फैसला आना था, लेकिन अब तक निर्णय नहीं आया है।
ऐसे में परीक्षा से पहले फैसला न आने पर अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट में क्या होगा आज?
बुधवार (1 अप्रैल) को इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में तत्काल सुनवाई के लिए मेंशन किया गया था। कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए आज (2 अप्रैल) सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
अब नजरें इस बात पर हैं कि
- क्या परीक्षा टलेगी?
- या तय तारीख पर ही होगी?
क्या है पूरा विवाद?
- मामला 2021 SI भर्ती परीक्षा से शुरू हुआ
- पेपर लीक, नकल और संगठित फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप लगे
- कई FIR और गिरोहों का खुलासा
- 28 अगस्त 2025: हाईकोर्ट ने पूरी भर्ती रद्द कर दी
इसके बाद 2025 में नई भर्ती निकाली गई, लेकिन पुराने अभ्यर्थियों को Age Relaxation नहीं मिला, जिससे नया विवाद खड़ा हो गया।
कोर्ट के अब तक के बड़े आदेश
- 30 अक्टूबर 2025: सिंगल बेंच ने अभ्यर्थियों को प्रोविजनल अनुमति दी
- 13 नवंबर 2025: डिवीजन बेंच ने इस आदेश पर रोक लगा दी
- 9 जनवरी 2026 (सुप्रीम कोर्ट): 31 मार्च से पहले फैसला देने को कहा
लेकिन फैसला अब तक नहीं आया।
याचिका में क्या दलील?
याचिकाकर्ताओं का कहना है अगर पहले परीक्षा हो गई, तो पूरा केस बेअसर हो जाएग
बाद में मिलने वाली राहत का कोई मतलब नहीं रहेगा, सिर्फ 4 हफ्ते की देरी से सरकार को नुकसान नहीं, लेकिन युवाओं का भविष्य बच सकता है
लाखों युवाओं पर सीधा असर
इस विवाद ने अभ्यर्थियों को तीन हिस्सों में बांट दिया है—
- 2021 अभ्यर्थी: न्याय और दूसरा मौका चाहते हैं
- नए अभ्यर्थी: परीक्षा टलने की आशंका से असमंजस में
- चयनित अभ्यर्थी: भविष्य को लेकर असुरक्षित
कई युवाओं का कहना है “सालों की मेहनत इस कानूनी लड़ाई में फंस गई है।”
फिलहाल पूरे राजस्थान के लाखों अभ्यर्थियों की नजरें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।