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न्यायपालिका में 400 से अधिक प्रमोशन और 805 तबादलों से न्यायिक अधिकारियों में उत्साह, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा की सराहना

Rajasthan Judiciary Sees Massive Transfers and Promotions, Judicial Officers Praise Acting Chief Justice’s Human-Centric Approach

जयपुर। राजस्थान की न्यायपालिका में बीता सप्ताह लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

वर्षों से लंबित तबादलों और पदोन्नतियों को लेकर जिस निर्णय का इंतजार न्यायिक अधिकारी कर रहे थे, वह आखिरकार साकार हुआ।

राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने एक साथ 805 न्यायिक अधिकारियों के तबादला आदेश जारी कर न्यायिक व्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार कर दिया।

इन बड़े प्रशासनिक फैसलों के साथ ही 400 से अधिक न्यायिक अधिकारियों को पदोन्नति भी दी गई, जिससे पूरे न्यायिक तंत्र में खुशी और संतोष का माहौल देखा जा रहा है।

कई अधिकारियों ने इसे अपने करियर का सबसे भावुक और संतुलित प्रशासनिक निर्णय बताया।

चार अलग-अलग सूचियों में जारी हुए इन तबादला आदेशों ने प्रदेश की न्यायपालिका में लंबे समय से बनी अनिश्चितता को समाप्त कर दिया।

Laws And Legals ने कुछ दिन पहले ही अपने समाचार में वास्तविक आंकड़ों के साथ बड़े स्तर पर तबादलों और प्रमोशन की संभावना के संकेत दिए थे, जो अब पूरी तरह सही साबित हुए।

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645 न्यायिक अधिकारियों की तबादला सूची जारी

राजस्थान न्यायपालिका में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 126 से ज्यादा न्यायिक अधिकारियों के तबादले

तीसरी सूची में प्रदेश के 29 न्यायिक अधिकारियों के तबादले, हाईकोर्ट ने जारी किए आदेश

प्रदेश के 14 न्यायिक अधिकारियों के तबादले, कई एपीओ अधिकारियों को मिली नई पोस्टिंग

Rajasthan May Get New Chief Justice Soon; Justice Sanjeev Prakash Sharma Emerges as Frontrunner
Acting Chief Justice Justice Sanjeev Prakash Sharma

संवेदनशील सोच की हो रही सराहना

इन सभी फैसलों के केंद्र में रहे राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा, जिनकी प्रशासनिक संवेदनशीलता और संतुलित दृष्टिकोण की न्यायिक अधिकारियों के बीच जमकर सराहना हो रही है।

हाईकोर्ट प्रशासनिक समिति ने उनकी मंजूरी के बाद इन तबादलों और प्रमोशन को अंतिम रूप दिया।

खास बात यह रही कि इस बार तबादलों में केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं दिखी, बल्कि अधिकारियों की व्यक्तिगत और पारिवारिक परिस्थितियों को भी गंभीरता से समझा गया।

न्यायिक अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय बाद ऐसा महसूस हुआ कि हाईकोर्ट प्रशासन ने उनकी वास्तविक समस्याओं और आवश्यकताओं को समझते हुए निर्णय लिया है।

पति-पत्नी जजों को साथ रखने का मानवीय फैसला

इस पूरी प्रक्रिया का सबसे भावुक और मानवीय पहलू वह रहा, जब लगभग 130 ऐसे न्यायिक अधिकारियों को राहत मिली जो पति-पत्नी दोनों न्यायिक सेवा में हैं और लंबे समय से एक साथ रहने की प्रतीक्षा कर रहे थे।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने विशेष निर्देश देते हुए ऐसे दंपति न्यायिक अधिकारियों को एक ही स्थान या आसपास पदस्थापित करने पर जोर दिया। इससे कई परिवारों में वर्षों बाद स्थायित्व और सुकून लौटता दिखाई दे रहा है।

कई अधिकारियों ने निजी बातचीत में कहा कि न्यायपालिका की जिम्मेदारियों के बीच पारिवारिक जीवन को संतुलित करना बेहद कठिन होता है, लेकिन इस बार हाईकोर्ट प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर बड़ी राहत दी है।

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गंभीर बीमारियों से जूझ रहे अधिकारियों को मिली राहत

राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने इस बार तबादला सूची में गंभीर बीमारियों से पीड़ित न्यायिक अधिकारियों का भी विशेष ध्यान रखा।

उनकी मेडिकल स्थिति को देखते हुए करीब एक दर्जन अधिकारियों को जयपुर और जोधपुर मुख्यालय पर ही पदस्थापित रखा गया, ताकि वे परिवार के साथ रहकर बेहतर इलाज प्राप्त कर सकें।

खास बात यह रही कि हाईकोर्ट प्रशासन ने उनकी बीमारियों का कहीं उल्लेख किए बिना पूरी संवेदनशीलता और गरिमा के साथ यह निर्णय लिया।

न्यायिक अधिकारियों ने मानवीय सोच का उदाहरण बताया।

अधिकांश अधिकारियों को मिले इच्छित स्थान

तबादलों की इस सूची की एक और बड़ी विशेषता यह रही कि अधिकांश अधिकारियों को उनकी पसंद और आवश्यकता के अनुरूप स्थानों पर पदस्थापन दिया गया।

न्यायिक हलकों में चर्चा है कि इस बार तबादलों में पारदर्शिता और संतुलन दिखाई दिया, जिससे अधिकारियों में संतोष बढ़ा है।

यही कारण है कि हाईकोर्ट से तबादलों के लिए दी जाने वाली विशेष प्रतिनियुक्ति राशि या अन्य दबाव की स्थिति भी काफी हद तक कम रही।

अब लगातार हो रही जॉइनिंग, अधिकारी जता रहे आभार

सभी सूचियां जारी होने के बाद अब न्यायिक अधिकारी अपने नए पदस्थापन स्थलों पर लगातार जॉइनिंग दे रहे हैं।

इस दौरान कई अधिकारी कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश और हाईकोर्ट प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं।

न्यायिक गलियारों में इन फैसलों को केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि न्यायिक अधिकारियों के मनोबल को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।

एक नजर में तबादलों के आंकड़े

339 नए बैच के न्यायिक अधिकारियों की पोस्टिंग एवं तबादले
158 एसीजेएम स्तर के अधिकारियों के तबादले
43 सीजेएम अधिकारियों के तबादले
181 एडीजे अधिकारियों के तबादले
84 जिला एवं सत्र न्यायाधीश (डीजे कैडर) अधिकारियों के तबादले

इन बड़े पैमाने पर हुए बदलावों ने साफ संकेत दिया है कि राजस्थान न्यायपालिका अब प्रशासनिक गति और संवेदनशीलता दोनों के साथ आगे बढ़ रही है।

वहीं, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा की भूमिका को न्यायिक अधिकारी लंबे समय तक याद रखने की बात कह रहे हैं।

संशोधित सूची जारी होने की संभावना

न्यायिक अधिकारियों की जंबो तबादला सूची के बाद अब एक संशोधित सूची जारी होने की भी संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, कुछ न्यायिक अधिकारियों को बच्चों की पढ़ाई और पारिवारिक परिस्थितियों सहित अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में हाईकोर्ट प्रशासन कुछ समय बाद संशोधित सूची जारी कर कुछ अधिकारियों को राहत दे सकता है।

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