जयपुर: दिल्ली में जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में राजस्थान हाईकोर्ट जुड़े अधिवक्ता भी अब सड़कों पर उतर आए हैं।
NEET पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज के विरोध में राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बेंच से जुड़े वकीलों ने छात्रों के समर्थन में पैदल मार्च निकाला और शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन किया।
छात्रों के समर्थन में वकीलों ने राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बेंच परिसर से अंबेडकर सर्किल तक पैदल मार्च निकाला।
ये पैदल मार्च हाईकोर्ट के गेट नंबर-3 से अंबेडकर सर्किल तक रहा। इस पैदल मार्च में बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए और शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया।
साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बेंच में वकीलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए धरना भी दिया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई।
वकीलों ने कार्रवाई पर जताई आपत्ति
धरने के दौरान अधिवक्ताओं ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई।
उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर छात्रों की बात सुनने और उनकी शिकायतों पर कानून के दायरे में निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने न्याय, समानता और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े संदेश लिखी तख्तियां भी हाथों में लीं।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और ऐसे मामलों में कानून के अनुसार उचित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
अधिवक्ताओं का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों का समाधान निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होना चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों का भरोसा बना रहे और उनकी शिकायतों का समय पर निस्तारण हो सके।