टॉप स्टोरी

चर्चित खबरें

1.5 लाख लोगों का मेडिकल डेटा लीक! सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को भेजा नोटिस, सीबीआई जांच की मांग पर मांगा जवाब

Supreme Court Seeks Response on Plea Alleging Medical Data Leak of 1.5 Lakh People

नई दिल्ली: देश में बड़े पैमाने पर मेडिकल डेटा लीक होने के कथित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों से जवाब मांगा है।

करीब 1.5 लाख लोगों का संवेदनशील मेडिकल डेटा लीक होने के आरोपों से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने केंद्र, राज्यों और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया।।

CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि पहले सभी पक्ष अपना जवाब दाखिल करें।

इसके बाद याचिका में उठाए गए मुद्दों पर विस्तार से सुनवाई की जाएगी। फिलहाल कोर्ट ने मामले के आरोपों या सीबीआई जांच की मांग पर कोई अंतिम राय नहीं दी।

याचिका में दावा किया गया है कि करीब 1.5 लाख लोगों का संवेदनशील मेडिकल डेटा कथित तौर पर लीक हुआ है।

इसे निजता और डेटा सुरक्षा का गंभीर मामला बताते हुए पूरे घटनाक्रम की सीबीआई से जांच कराने की मांग की गई है।

यह भी पढ़ें: जजों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने के विरोध पर राज्यों को सुप्रीम कोर्ट की दो टूक, कहा- आर्थिक बोझ का तर्क गलत; दो हफ्ते में फैसला लेने को कहा

क्या है पूरा मामला?

सुप्रीम कोर्ट में दायर इस जनहित याचिका में दावा किया गया है कि करीब 1.5 लाख लोगों का संवेदनशील मेडिकल डेटा कथित तौर पर लीक हो गया।

याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस डेटा का अनधिकृत तरीके से इस्तेमाल हुआ, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की निजता प्रभावित हुई।

याचिका में कहा गया है कि मेडिकल रिकॉर्ड किसी भी व्यक्ति की सबसे संवेदनशील निजी जानकारी होती है। ऐसे में इस तरह का डेटा लीक लोगों की निजता और डेटा सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।

इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट से पूरे मामले की सीबीआई से स्वतंत्र जांच कराने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की गई है।

यह भी पढ़ें: आसाराम को झटका, सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत; तबीयत बिगड़ी तो फिर कर सकेंगे आवेदन

याचिका में क्या-क्या मांग

याचिका में मांग की गई है कि कथित मेडिकल डेटा लीक की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जाए।

साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में लोगों के मेडिकल रिकॉर्ड की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।

याचिकाकर्ता का कहना है कि यह मामला सिर्फ डेटा लीक का नहीं, बल्कि लाखों लोगों की निजता और संवेदनशील स्वास्थ्य संबंधी जानकारी की सुरक्षा से जुड़ा है।

यह भी पढ़ें: थर्ड पार्टी या कॉम्प्रिहेंसिव? कार-बाइक का बीमा लेने से पहले जान लें ये 4 बातें, सुप्रीम कोर्ट ने समझाया किस पॉलिसी में क्या मिलेगा

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मामले पर कोई अंतिम राय नहीं दी।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, सभी राज्य सरकारों और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांगा है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पहले केंद्र सरकार, राज्य सरकारें और अन्य संबंधित पक्ष अपना जवाब दाखिल करें। इसके बाद याचिका में उठाए गए मुद्दों पर विस्तार से सुनवाई की जाएगी।

फिलहाल कोर्ट ने सीबीआई जांच का कोई आदेश नहीं दिया है।

क्यों है गंभीर ये मामला?

याचिका में कहा गया है कि मेडिकल रिकॉर्ड में किसी व्यक्ति की बीमारी, इलाज, जांच रिपोर्ट और अन्य स्वास्थ्य संबंधी संवेदनशील जानकारी होती है।

ऐसी जानकारी लीक होने या अनधिकृत लोगों तक पहुंचने से व्यक्ति की निजता प्रभावित हो सकती है।

इसी आधार पर याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने और नागरिकों के मेडिकल डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी निर्देश जारी करने की मांग की है।

हालांकि, इन आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल कोई राय या निष्कर्ष नहीं दिया है।

सभी पक्षों से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और अन्य संबंधित पक्षों को अपना जवाब दाखिल करना होगा।

इसके बाद कोर्ट यह तय करेगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाए और क्या सीबीआई जांच की मांग स्वीकार किए जाने का आधार बनता है।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ जवाब तलब किया है। मेडिकल डेटा लीक के आरोपों और सीबीआई जांच की मांग पर अंतिम फैसला आगे की सुनवाई के बाद ही होगा।

सबसे अधिक लोकप्रिय