टॉप स्टोरी

चर्चित खबरें

ब्रेकिंग: मुख्यमंत्री की घोषणा के कुछ ही देर बाद बड़ा फैसला, महाधिवक्ता समेत सरकारी अधिवक्ताओं की फीस बढ़ी

Rajasthan Government Increases Fees of Advocate General, AAGs and Government Advocates

राजस्थान में सरकारी वकीलों को बड़ी सौगात-महाधिवक्ता की रिटेनरशिप ₹1.50 लाख, AAG को ₹1.25 लाख प्रतिमाह; अपीयरेंस, बहस और ओपिनियन फीस में भी बढ़ोतरी

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की घोषणा के कुछ ही देर बाद शनिवार को राजस्थान सरकार ने सरकारी अधिवक्ताओं के लिए बड़ा फैसला लेते हुए राज्य की ओर से अदालतों में पैरवी करने वाले महाधिवक्ता सहित विधि अधिकारियों की फीस में व्यापक बढ़ोतरी की है।

सरकार ने महाधिवक्ता (AG), अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG), सरकारी अधिवक्ता, कम AAG, सरकारी काउंसिल तथा अन्य विधि अधिकारियों की रिटेनरशिप, अपीयरेंस फीस, बहस फीस, ओपिनियन फीस और ड्राफ्टिंग/सेटिंग चार्ज में संशोधन किया है।

सरकार के इस फैसले को लंबे समय से फीस संशोधन की मांग कर रहे सरकारी अधिवक्ताओं के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है।

नए प्रावधानों के लागू होने के बाद राज्य सरकार की ओर से महत्वपूर्ण न्यायिक मामलों में पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक पारिश्रमिक मिलेगा।

महाधिवक्ता की रिटेनरशिप ₹1.50 लाख प्रतिमाह

नए प्रावधानों के तहत महाधिवक्ता की रिटेनरशिप बढ़ाकर ₹1.50 लाख प्रतिमाह निर्धारित की गई है।

वहीं एडिशनल एडवोकेट जनरल (AAG) की रिटेनरशिप ₹1.25 लाख प्रतिमाह कर दी गई है।

सरकारी अधिवक्ता कम AAG के लिए भी ₹1.25 लाख प्रतिमाह की रिटेनरशिप निर्धारित की गई है।

सरकारी काउंसिल की रिटेनरशिप में भी इजाफा

विभिन्न स्तर के सरकारी काउंसिल के लिए भी नई रिटेनरशिप निर्धारित की गई है। इसके तहत सरकारी काउंसिल को ₹43,000, एडिशनल सरकारी काउंसिल को ₹37,000, डिप्टी सरकारी काउंसिल को ₹33,000 और असिस्टेंट सरकारी काउंसिल को ₹26,000 प्रतिमाह मिलेंगे।

अपीयरेंस फीस में भी बड़ा बदलाव

सरकार ने रिटेनरशिप के साथ-साथ अदालत में पेश होने की फीस में भी बढ़ोतरी की है। नए प्रावधानों के अनुसार महाधिवक्ता की अपीयरेंस फीस ₹15,000 प्रति केस निर्धारित की गई है। वहीं AAG और सरकारी अधिवक्ता कम AAG को ₹8,000 प्रति केस अपीयरेंस फीस मिलेगी।

सरकारी काउंसिल के लिए यह फीस ₹3,000 प्रतिदिन, एडिशनल सरकारी काउंसिल के लिए ₹2,500 प्रतिदिन, डिप्टी सरकारी काउंसिल और डिप्टी सरकारी अधिवक्ता के लिए ₹2,000 प्रतिदिन तथा असिस्टेंट सरकारी काउंसिल और असिस्टेंट सरकारी अधिवक्ता के लिए ₹1,750 प्रतिदिन निर्धारित की गई है।

ओपिनियन फीस भी बढ़ी

सरकारी विधि अधिकारियों द्वारा सरकार को दी जाने वाली कानूनी राय यानी ओपिनियन फीस में भी संशोधन किया गया है। नए प्रावधानों के तहत महाधिवक्ता को ₹25,000 और AAG को ₹10,000 ओपिनियन फीस मिलेगी।

इसके साथ ही ड्राफ्टिंग, सेटिंग और न्यायालय में बहस से संबंधित अन्य फीस को भी संशोधित किया गया है। AG, AAG और GA कम AAG के यूनियर्स के लिए संबंधित फीस का 20 प्रतिशत अलाउंस देने का भी प्रावधान किया गया है।

लंबे समय से चली आ रही मांग पर लगी मुहर

सरकारी अधिवक्ताओं की फीस में लंबे समय से संशोधन की मांग की जा रही थी। विधि अधिकारियों का कहना रहा है कि बढ़ते मुकदमों, जटिल कानूनी मुद्दों और सरकार से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में प्रभावी पैरवी के लिए पारिश्रमिक में समयानुकूल संशोधन आवश्यक है।

सरकार के इस फैसले को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। फीस में बढ़ोतरी से सरकारी अधिवक्ताओं को राहत मिलने के साथ-साथ सरकार को उम्मीद है कि न्यायालयों में राज्य से जुड़े मामलों की प्रभावी और मजबूत कानूनी पैरवी को और गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री की घोषणा के कुछ ही समय बाद जारी हुआ यह फैसला राजस्थान के विधि और न्यायिक क्षेत्र में दिन की बड़ी खबर बन गया है। लंबे समय से फीस संशोधन की प्रतीक्षा कर रहे सरकारी अधिवक्ता समुदाय में इस निर्णय को लेकर खुशी का माहौल है।

सबसे अधिक लोकप्रिय