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राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर के नए भवन के डोम से बड़ा खतरा!

Rajasthan High Court Refuses to Quash Chargesheet Against Two Engineers Over New Building Defects

7 साल में ही भवन की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल, हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव समेत कई बड़े अधिकारियों को किया तलब

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ के नए भवन को लेकर बड़ी और गंभीर खबर सामने आई है।

करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए हाईकोर्ट भवन के डोम की खराब और असुरक्षित स्थिति को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में तलब किया है।

राजस्थान हाईकोर्ट के नए भवन का उद्घाटन दिसंबर 2019 में तत्कालीन राष्ट्रपति के हाथों हुआ था।

उद्घाटन के बाद से ही यह भवन अलग-अलग कारणों से चर्चा में रहा है।

भवन में समय-समय पर प्लास्टर गिरने, छत से पानी टपकने और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

अब हाईकोर्ट की पहचान बन चुका विशाल डोम ही सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का कारण बन गया है।

डोम को लेकर रिपोर्ट में गंभीर खतरे की आशंका

राजस्थान हाईकोर्ट की जस्टिस पुष्पेन्द्र सिंह भाटी एवं जस्टिस प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने नए भवन के गुंबद की खराब एवं असुरक्षित स्थिति तथा पूरे भवन परिसर की सुरक्षा को गंभीरता से लेते हुए मामले में स्वतः संज्ञान लिया है।

गुंबद की संरचनात्मक स्थिति को लेकर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत रिपोर्टों में गंभीर खतरे की आशंका व्यक्त की गई है।

रिपोर्टों में सामने आए तथ्यों को देखते हुए न्यायालय ने मामले को महज भवन की तकनीकी खामी न मानते हुए इसकी सुरक्षा और संभावित खतरे के पहलू को भी गंभीरता से लिया है।

मुख्य सचिव समेत वरिष्ठ अधिकारियों को कोर्ट में पेश होने के आदेश

मामले की सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव, RSRDC के चेयरमैन, PWD के सचिव और पुलिस महानिदेशक सहित अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को 24 अगस्त 2026 को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं.

हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, डोम की स्थिति और पूरे परिसर में मौजूद संभावित सुरक्षा जोखिम को लेकर सरकार और संबंधित विभागों की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

IIT बॉम्बे के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ भी होंगे कोर्ट में पेश

हाईकोर्ट ने IIT बॉम्बे के नामित प्रतिनिधियों के साथ-साथ उन संबंधित एजेंसियों और विशेषज्ञों को भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं, जिन्होंने हाईकोर्ट भवन और उसके डोम की संरचनात्मक स्थिति के संबंध में अपनी रिपोर्ट पेश की है।

हाईकोर्ट की सहायता के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता और बार पदाधिकारियों की समिति गठित

मामले में कोर्ट की सहायता के लिए खंडपीठ ने एक वरिष्ठ अधिवक्ता तथा बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों की एक समिति का भी गठन किया है।

समिति भवन और डोम की स्थिति से जुड़े पहलुओं में कोर्ट की सहायता करेगी।

अब 24 अगस्त 2026 को होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इस दिन राज्य के शीर्ष प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, IIT बॉम्बे के प्रतिनिधि, तकनीकी विशेषज्ञ और समिति के सदस्य न्यायालय के समक्ष उपस्थित होंगे।

करोड़ों की लागत से बने भवन के महज सात साल में सुरक्षा को लेकर इस स्तर की चिंता सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि हाईकोर्ट के डोम की मौजूदा स्थिति कितनी सुरक्षित है और संभावित खतरे से निपटने के लिए जिम्मेदार विभागों ने अब तक क्या कदम उठाए हैं।

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