नई दिल्ली, 24 सितम्बर।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को SI भर्ती-2021 मामले पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ के फैसले के दो बिंदूओ पर रोक लगाते हुए यथास्थिती बनाए रखने के आदेश दिए हैं.
जस्टिस संजय करोल और जस्टिस मनमोहन की खंडपीठ ने आज राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले के पैरा संख्या 15 और 16 पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं.
जस्टिस संजय करोल और जस्टिस मनमोहन की खंडपीठ ने आज राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच द्वारा 8 सितम्बर 2025 को दिए गए अंतरिम आदेश पर रोक लगाते हुए स्पष्ट किया कि चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण नहीं दिया जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया हैं कि चूंकि एसआई भर्ती परीक्षा पूरी तरह से पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों से घिरी है, ऐसे में अंतिम निर्णय आने तक चयन प्रक्रिया से जुड़े किसी भी अगले चरण—चाहे वह प्रशिक्षण ही क्यों न हो—को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
प्रशिक्षण नहीं होगा
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में चयनित उम्मीदवारों को प्रशिक्षण में शामिल होने की अनुमति दी थी, लेकिन उन्हें फील्ड पोस्टिंग से रोका था.
सुप्रीम कोर्ट ने इस व्यवस्था से असहमति जताते हुए कहा कि जब तक मुख्य अपील का अंतिम निपटारा नहीं हो जाता, तब तक किसी भी प्रकार का प्रशिक्षण नहीं होगा.
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच को इस मामले में तीन माह में फैसला करना होगा.
इस बीच, हाईकोर्ट की एकलपीठ का 18 नवम्बर 2024 का आदेश—जिसमें पूरी चयन प्रक्रिया पर रोक लगाई गई थी—यथावत लागू रहेगा.
राजस्थान राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि प्रशिक्षण जारी रखने की अनुमति दी जाए, भले ही फील्ड पोस्टिंग न दी जाए.
लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को अस्वीकार करते हुए साफ कहा कि प्रशिक्षण पर भी पूरी तरह रोक रहेगी.
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव शकधर ने पैरवी की, जबकि चयनित अभ्यर्थियों का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने रखा।