न्याय आपके द्वार: लोक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित समस्याओं का सुलभ एवं त्वरित समाधान” का 90 दिवसीय विशेष अभियान
जोधपुर, 17 नवम्बर 2025
राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस के मौके पर प्रदेशभर में शुरू हुए 90 दिवसीय विशेष अभियान की जानकारी देने के उद्देश्य से प्रदेशभर की सभी स्थायी लोक अदालतों के अध्यक्ष एवं सदस्यों के लिए विशेष 40 घंटे के मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज शुभारंभ किया गया.
सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति के तत्वावधान में आयोजित हो रहे इस विशेष अभियान को लेकर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से राज्य न्यायिक अकादमी, जोधपुर में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है.
17 से 21 नवम्बर तक आयोजन
सोमवार से शुरू हुए इस 40 घंटे के मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ अकादमी के अध्यक्ष, राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश और हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति, जोधपुर के अध्यक्ष जस्टिस डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह भाटी ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
इस मौके पर आयोजित उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जस्टिस डॉ. भाटी ने कहा कि यह 40 घंटे का प्रशिक्षण कार्यक्रम न्याय को जनसामान्य तक सुलभ और संवेदनशील रूप से पहुंचाने की दिशा में एक सार्थक पहल है।

जस्टिस भाटी ने कहा कि मध्यस्थता केवल विवाद सुलझाने की विधि नहीं, बल्कि संवाद, समझदारी, सहानुभूति और समाधान की कला है।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मध्यस्थता के सिद्धांत, वार्ता की तकनीक, गोपनीयता, निष्पक्षता और तटस्थता जैसे विषयों पर केस स्टडी और रोल प्ले के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा।
हाईकोर्ट जयपुर पीठ विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष जस्टिस इन्द्रजीत सिंह ने कहा कि यह पहल न्याय को सरल, सुलभ और संवेदनशील बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी.
बिजली, पानी, डाक, टेलीफोन
राज्य न्यायिक अकादमी, जोधपुर के सह-अध्यक्ष जस्टिस विनीत कुमार माथुर ने कहा कि स्थायी लोक अदालतें उन क्षेत्रों में कार्य करती हैं जो सार्वजनिक लोक उपयोगी सेवाओं से जुड़ी होती हैं — जैसे बिजली, पानी, डाक, टेलीफोन, बीमा और परिवहन।
कार्यक्रम में रालसा के सदस्य सचिव हरिओम अत्री, अजय शर्मा (जिला एवं सेशन न्यायाधीश, जोधपुर महानगर), दिनेश कुमार त्यागी (निदेशक, राजस्थान राज्य न्यायिक अकादमी) तथा प्रशिक्षक नीरज कुमार भारद्वाज, के.के. मखीजा, प्रमिला आचार्य और पूनम मेन्दीरत्ता मौजूद रहे।

इस अवसर पर सदस्य सचिव हरिओम अत्री ने “न्याय आपके द्वार: लोक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित समस्याओं का सुलभ एवं त्वरित समाधान” विषय पर 90 दिवसीय विशेष अभियान की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य जनता और विभागों के बीच उत्पन्न विवादों का समझाइश और सुलह के माध्यम से समाधान करना है, जिससे आमजन का समय और धन दोनों की बचत हो सके तथा न्यायालयों पर बढ़ रहे मुकदमों का बोझ भी घटे।