जोधपुर। राजस्थान बार काउंसिल के चुनाव को अब केवल एक दिन शेष रह गया है।
22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक होने वाले इस चुनाव में प्रदेशभर के अधिवक्ता अपने 23 प्रतिनिधियों का चयन करेंगे।
इस बार का चुनाव ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार वकीलों की संस्था के चुनाव सांसद और विधायक चुनावों जैसी सख्त एवं व्यवस्थित प्रक्रिया के तहत कराए जा रहे हैं।
राजस्थान बार काउंसिल के ऑब्जर्वर जस्टिस मनोज कुमार गर्ग ने लॉज एंड लीगल्स से विशेष बातचीत में बताया कि इस बार चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और सुव्यवस्थित बनाने के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि राजस्थान बार काउंसिल के इतिहास में यह चुनाव सबसे अलग और बड़े स्तर का चुनाव है।
मतदान प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए राज्य सरकार के कई शीर्ष विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय
जस्टिस गर्ग ने बताया कि चुनाव संचालन में मुख्य सचिव, डीजीपी, निर्वाचन विभाग और प्रमुख विधि सचिव सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
प्रदेशभर में मतदान केंद्रों पर सुरक्षा, निष्पक्षता और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
चुनाव से जुड़े अहम आंकड़े
मतदान तिथि: 22 अप्रैल 2026
कुल सीटें: 23 सदस्य
कुल मतदाता अधिवक्ता: 84,237+
पोलिंग स्टेशन: 258
मतपेटियां: 700 से अधिक
एसडीओ स्तर अधिकारी: 258
राज्य सरकार कर्मचारी: 550+
हाईकोर्ट व अधीनस्थ अदालतों के कर्मचारी: 550+
वाहनों की संख्या: 30 से अधिक
सुप्रीम कोर्ट कमेटी की निगरानी में चुनाव
चुनाव के ऑब्जर्वर जस्टिस मनोज कुमार गर्ग ने लॉज एंड लीगल्स को बताया कि इस बार चुनाव सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी की निगरानी में हो रहे हैं, जो इसे और अधिक पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाता है।
जस्टिस गर्ग ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चुनाव 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक संपन्न होंगे। पहली बार सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई कमेटी के तत्वावधान में ये चुनाव कराए जा रहे हैं।
15 अप्रैल से ही मतपेटियां लेकर बार काउंसिल के कर्मचारी विभिन्न जिलों के लिए रवाना हो चुके हैं और अधिकांश मतपेटियां अपने गंतव्य तक पहुंच चुकी हैं।
मतदान केंद्रों पर विशेष व्यवस्था
जस्टिस मनोज गर्ग ने कहा कि समय कम होने के कारण जिला मुख्यालयों में अतिरिक्त पोलिंग अधिकारियों को मतपेटियां उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं सब-स्टेशन क्षेत्रों से अनुरोध किया गया है कि वे मतपेटियां जिला मुख्यालय तक पहुंचाकर 22 अप्रैल को मतदान कराएं।
मतदान समाप्त होते ही शाम 5 बजे सभी मतपेटियां जिला मुख्यालय में संबंधित डिस्ट्रिक्ट जज के पास जमा करवाई जाएंगी।
यदि दूरी या अन्य कारणों से तत्काल पहुंचना संभव नहीं हो तो संबंधित प्रेसाइडिंग ऑफिसर के पास सुरक्षित जमा करवाकर अगले दिन जिला मुख्यालय भेजी जाएंगी।
पहली बार एमपी-एमएलए चुनाव जैसी सख्ती
जस्टिस गर्ग ने कहा कि इस बार चुनाव पहली बार लोकसभा और विधानसभा चुनावों जैसी प्रक्रिया से कराए जा रहे हैं।
सरकार की ओर से दो कर्मचारी उपलब्ध कराए गए हैं।
हाईकोर्ट/न्यायपालिका की ओर से दो कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं।
एक एसडीएम/एसडीओ स्तर अधिकारी तैनात रहेगा।
मतदान केंद्रों के भीतर वीडियोग्राफी करवाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि जैसे सांसद-विधायक चुनाव में मतदान के बाद उंगली पर स्याही लगाई जाती है, उसी प्रकार इस बार वोट डालने वाले अधिवक्ताओं की उंगली पर भी अमिट स्याही लगाई जाएगी।
मोबाइल, स्मार्ट वॉच और प्रचार सामग्री पर रोक
जस्टिस मनोज गर्ग के अनुसार चुनाव आचार संहिता लागू होने के चलते मतदान परिसर में किसी भी प्रकार के पोस्टर, बैनर या प्रचार सामग्री लगाने पर रोक रहेगी।
साथ ही मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या कोई भी रिकॉर्डिंग डिवाइस ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
84 हजार से अधिक मतदाता, 234 उम्मीदवार मैदान में
राजस्थान भर में इस चुनाव में करीब 84,200 अधिवक्ता मतदाता मतदान करेंगे। वहीं कुल 234 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जो 23 सीटों के लिए अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
मतगणना 29 अप्रैल से
जस्टिस गर्ग ने बताया कि मतदान के बाद अगले दिन से बार काउंसिल के प्रतिनिधि और पुलिस सुरक्षा में मतपेटियां जोधपुर लाई जाएंगी। इसके बाद 29 अप्रैल से मतगणना शुरू होगी।
