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जोधपुर में पंजीयन विभाग के संशोधित आदेश पर अधिवक्ताओं का विरोध तेज, छह माह की मोहलत की मांग

Jodhpur Lawyers Intensify Protest Against Revised Registration Department Order, Demand Six-Month Relief

जोधपुर, 4 दिसंबर

जोधपुर में पंजीयन विभाग द्वारा हाल ही में जारी किए गए संशोधित आदेशों के खिलाफ अधिवक्ताओं का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है

नई व्यवस्था के विरोध में आज अधिवक्ताओं ने पंजीयन विभाग में कार्यबहिष्कार करते हुए कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया।

वकीलों के एक प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलेक्टर को विस्तृत प्रतिवेदन सौंपकर नए आदेश को तात्कालिक रूप से लागू किए जाने पर गहरी आपत्ति जताई।

अधिवक्ता संघ ने चेताया कि बिना किसी पूर्व सूचना के आदेश लागू करने से पंजीयन कार्य प्रभावित हुआ है और आमजन को भी भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

अधिवक्ताओं ने सरकार से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए संशोधित आदेश पर पुनर्विचार किया जाए और स्थिति सामान्य होने तक इसकी तत्काल लागू प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।

अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते पंजीयन विभाग का सम्पूर्ण कार्य दिनभर प्रभावित रहा।

नए संशोधित आदेश के तहत अब भूखंडों सहित अन्य दस्तावेजों की रजिस्ट्री के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी को अनिवार्य कर दिया गया है, वहीं गैर-रूपांतरण भूमि (Non-Converted Land) का पंजीयन भी तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है।

आदेश के अनुसार बिना किसी पूर्व सूचना या तैयारी अवधि के नए नियम लागू किए जाने पर अधिवक्ताओं में नाराज़गी बढ़ गई है।

बिना नोटिस लागू बदलाव से अधिवक्ता आक्रोशित हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि संशोधन को अचानक लागू करने से पंजीयन की पूरी प्रक्रिया बाधित हो गई है और पावर ऑफ अटॉर्नी सभी लंबित और नए मामलों में तुरंत उपलब्ध कराना संभव नहीं।

अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने न तो जनता को और न ही वकीलों को तैयारी का मौका दिया। इससे व्यवहार में अव्यवस्था और असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

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