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नर्सिंग कॉलेज को बड़ी राहत: राजस्थान हाईकोर्ट ने बी.एससी. नर्सिंग काउंसलिंग में शामिल होने की दी अनुमति

Rajasthan High Court Grants Relief to GL Saini Nursing College, Permits Participation in BSc Nursing Counselling

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर पीठ ने नर्सिंग शिक्षा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में जी.एल. सैनी मेमोरियल कॉलेज ऑफ नर्सिंग को बड़ी राहत दी है।

राजस्थान हाईकोर्ट ने कॉलेज को शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए बी.एससी. नर्सिंग पाठ्यक्रम की काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति दी है।

कॉलेज ने राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) द्वारा 24 दिसंबर 2025 को पारित उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत कॉलेज को सत्र 2025–26 की काउंसलिंग प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया था।

जस्टिस अनुरूप सिंघी की एकलपीठ ने जी.एल. सैनी मेमोरियल कॉलेज ऑफ नर्सिंग की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है।

कॉलेज की दलील

हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका में कॉलेज की ओर से दलील दी गई कि राज्य सरकार द्वारा 60 सीटों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय ने काउंसलिंग में भाग लेने की अनुमति नहीं दी, जो न केवल मनमाना है बल्कि कानून के भी विपरीत है।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं ने अदालत के समक्ष यह भी स्पष्ट किया कि कॉलेज की ओर से किसी भी प्रकार की चूक या नियम उल्लंघन नहीं किया गया है।

सभी आवश्यक औपचारिकताओं और अनुमतियों के बावजूद काउंसलिंग से वंचित किया जाना नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों के हितों के भी प्रतिकूल है।

सीटों के लिए NOC

अधिवक्ता ने पूर्व में इसी कॉलेज के संबंध में जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट की प्रधान पीठ द्वारा 10 दिसंबर 2024 को पारित आदेश का भी हवाला दिया, जिसमें कॉलेज को बी.एससी. नर्सिंग की काउंसलिंग में शामिल करने के निर्देश दिए गए थे।

हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता कॉलेज की दलीलों पर प्रथम दृष्टया सहमति जताते हुए कहा कि जब राज्य सरकार द्वारा सीटों के लिए NOC प्रदान की जा चुकी है, तो विश्वविद्यालय द्वारा कॉलेज को काउंसलिंग से बाहर रखना उचित प्रतीत नहीं होता।

हाईकोर्ट ने माना कि इस स्तर पर कॉलेज को अवसर से वंचित करना न केवल संस्थान के अधिकारों को प्रभावित करता है, बल्कि उन विद्यार्थियों के भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, जो उक्त कॉलेज में प्रवेश लेना चाहते हैं।

राजस्थान हाईकोर्ट ने याचिका एवं स्थगन आवेदन पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब तलब किया है।

20 सीटों पर चयन अस्थायी

इसके साथ ही, हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश के रूप में निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता कॉलेज को शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए बी.एससी. नर्सिंग पानर्सिंग कॉलेज को बड़ी राहत: राजस्थान हाईकोर्ट ने बी.एससी. नर्सिंग काउंसलिंग में शामिल होने की दी अनुमतिठ्यक्रम की अतिरिक्त 20 सीटों पर काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति दी जाए।

हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इन 20 सीटों पर होने वाला चयन पूरी तरह अस्थायी (प्रोविजनल) होगा। चयनित विद्यार्थियों को जारी किए जाने वाले प्रवेश पत्र या आदेश में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख करना होगा कि उनका प्रवेश अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।

हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि 16 फरवरी 2026 तय की है।

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