टॉप स्टोरी

चर्चित खबरें

राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता ए.के. जैन का अचानक निधन, अधिवक्ता समुदाय और न्यायिक जगत में शोक

Senior Advocate A.K. Jain Dies Suddenly After Active Court Appearance in Jaipur

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व न्यायिक अधिकारी अजय कुमार जैन का सोमवार देर शाम निधन हो गया।

उनके निधन की खबर पर राज्य के न्यायिक जगत, अधिवक्ता समुदाय और राजनीतिक हलकों में शोक छाया हैं.

वे लंबे समय से हाईकोर्ट में सक्रिय रूप से प्रैक्टिस कर रहे थे और कानून के क्षेत्र में उनका नाम सम्मान और विश्वास के साथ लिया जाता था।

सोमवार को भी अजय कुमार जैन पूरी तरह सक्रिय थे।

दिनभर उन्होंने अदालत में कामकाज किया और अदालत की कार्यवाही समाप्त होने के बाद भी वे अपने कक्ष में मौजूद रहे.

शाम करीब 4 बजे तक अधिवक्ताओं के साथ बार काउंसिल के चुनाव तथा इससे जुड़े कानूनी पहलुओं पर गहन चर्चा करते रहे।

सहकर्मियों के अनुसार, वे पूरी तरह स्वस्थ और सामान्य नजर आ रहे थे, जिससे उनके अचानक निधन की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया।

शाम के समय अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें गंभीर कार्डियक अटैक आया।

परिजन और सहयोगी उन्हें तत्काल जयपुर के शास्त्रीनगर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इमरजेंसी में चिकित्सकों की टीम ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया।

हालांकि तमाम प्रयासों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। अस्पताल प्रशासन की ओर से उनके निधन की पुष्टि की गई।

वरिष्ठ अधिवक्ता अजय कुमार जैन न केवल एक कुशल वकील थे, बल्कि वे पूर्व में न्यायिक अधिकारी के रूप में भी सेवाएं दे चुके थे।

न्यायिक सेवा से वकालत में आने के बाद उन्होंने राजस्थान के कई बड़े, संवेदनशील और चर्चित मामलों में प्रभावी पैरवी की।

दारिया एनकाउंटर, हरनेक सिंह सहित अनेक ऐसे मामलों में उनकी भूमिका रही, जिनका असर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश की राजनीति तक पर पड़ा।

जटिल मामलों में उनकी कानूनी समझ, तार्किक क्षमता और स्पष्ट प्रस्तुति के कारण उन्हें अदालतों में विशेष सम्मान प्राप्त था।

वे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र राठौड़ के करीबी मित्र भी माने जाते थे और कई राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों में उनकी राय को महत्वपूर्ण माना जाता था।

बावजूद इसके, वे हमेशा खुद को राजनीति से दूर रखते हुए कानून और न्याय को सर्वोपरि मानते थे।

उनके निधन पर राजस्थान हाईकोर्ट बार सहित जयपुर की बार, वरिष्ठ अधिवक्ताओं, बार एसोसिएशनों और अधिवक्ता संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

अधिवक्ता समुदाय ने कहा कि अजय कुमार जैन का जाना न्यायिक व्यवस्था के लिए अपूरणीय क्षति है। वे युवाओं के लिए मार्गदर्शक थे और वकालत में अनुशासन, शालीनता और नैतिकता के प्रतीक माने जाते थे।

सहकर्मी अधिवक्ताओं का कहना है कि जिस व्यक्ति ने सोमवार को दिनभर अदालत में बहस की, शाम तक चुनावी और कानूनी मुद्दों पर चर्चा की, उसी का इस तरह अचानक जाना विश्वास करना कठिन है।

अजय कुमार जैन अपने पीछे एक समृद्ध कानूनी विरासत, असंख्य शिष्य और सम्मानजनक पहचान छोड़ गए हैं।

दिवंगत वरिष्ठ अधिवक्ता ए के जैन के दोनो पुत्र समर्थ जैन और आदित्य जैन भी अधिवक्ता हैं.

आदित्य जैन जहां सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट आन रिकॉर्ड हैं तो वही समर्थ जैन राजस्थान हाईकोर्ट में प्रेक्टिसरत हैं.

उनका योगदान राजस्थान के न्यायिक इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।

सबसे अधिक लोकप्रिय