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दशकों के बेदाग सार्वजनिक जीवन को अनुचित रूप से धूमिल किया, हाईकोर्ट की टिप्पणियों से आहत रामुराम राईका ने भी हाईकोर्ट में दायर की अपील

Aggrieved by Court Remarks, Ramuram Raika Moves Rajasthan High Court in Appeal

जयपुर। सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 के पेपर लीक मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने RPSC के पूर्व सदस्य रामू राम राईका को लेकर कई गंभीर टिप्पणीयां की थी.

रामुराम राईका ने अब हाईकोर्ट की एकलपीठ की टिप्पणियों को हटाने के लिए हाईकोर्ट में अपील दायर की हैं.

अपील में राईका ने एकलपीठ की टिप्पणियों को तथ्यहीन, अपुष्ट और उनके सम्मान व प्रतिष्ठा के लिए गंभीर रूप से आहत करने वाली बताया है।

अपील में कहा गया है कि एकलपीठ द्वारा की गई टिप्पणियों के कारण उनके दशकों के बेदाग सार्वजनिक जीवन और पेशेवर प्रतिष्ठा को अनुचित रूप से धूमिल किया गया है। इसके चलते उन्हें गंभीर मानसिक पीड़ा, सामाजिक आलोचना और पेशेवर कलंक का सामना करना पड़ा है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुंची है।

अपील में हाईकोर्ट की कुछ टिप्पणियों को अनुचित, अनावश्यक और उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए इन्हें रिकॉर्ड से हटाने अथवा संशोधित करने की मांग की है।

केवल आरोपों के आधार पर बनाया गया आरोपी

रामूराम राईका ने अपनी अपील में कहा कि उन्हें इस पूरे मामले में केवल आरोपों के आधार पर आरोपी के रूप में दर्शाया गया, जबकि इन आरोपों की कोई स्वतंत्र पुष्टि, फोरेंसिक साक्ष्य या न्यायिक प्रमाण मौजूद नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि एकलपीठ की टिप्पणियां सुनी-सुनाई बातों और अपुष्ट आरोपों पर आधारित हैं, जिन्हें न तो किसी जांच एजेंसी द्वारा निर्णायक रूप से सिद्ध किया गया है और न ही किसी न्यायिक प्रक्रिया में प्रमाणित किया गया है।

राईका ने दलील दी कि न्यायालय द्वारा इस तरह की टिप्पणियां, जब मामला अभी विचाराधीन हो और आरोप सिद्ध न हुए हों, किसी व्यक्ति की मौलिक प्रतिष्ठा और निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं।

आरपीएससी सदस्य के रूप में कार्यकाल रहा बेदाग

अपील में रामूराम राईका ने अपने कार्यकाल का विस्तृत उल्लेख करते हुए कहा कि वे 14 जुलाई 2018 को आरपीएससी के सदस्य नियुक्त हुए और 4 जुलाई 2022 तक इस पद पर रहे। इस पूरे कार्यकाल के दौरान उनका रिकॉर्ड पूर्णतः बेदाग और त्रुटिहीन रहा।

उन्होंने कहा कि उनके विरुद्ध कभी भी कोई औपचारिक शिकायत, जांच या प्रतिकूल सामग्री सामने नहीं आई। न ही उनके खिलाफ किसी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई।

राईका ने यह भी कहा कि उन्होंने आयोग के सदस्य के रूप में सदैव संस्थान के हित में कार्य किया, चयन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की और कई भर्ती प्रक्रियाओं में भाग लिया, जिनमें कहीं भी व्यक्तिगत स्तर पर किसी अनियमितता का आरोप सिद्ध नहीं हुआ।

बेटे-बेटी का चयन योग्यता के आधार पर

अपील में बेटे देवेश राईका और बेटी शोभा राईका के चयन को लेकर उठाए गए सवालों पर भी रामूराम राईका ने विस्तृत सफाई दी है। उन्होंने कहा कि दोनों का चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में प्रदर्शन सहित समग्र मेरिट के आधार पर हुआ था।

राईका ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार का पक्षपात, दबाव या हेराफेरी नहीं की गई। उनके अनुसार आरोप-पत्र में लगाए गए आरोप अभी अनसुलझे हैं और उन्हें सबूत के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता

‘संदेह की छाया’ वाली टिप्पणी पर आपत्ति

रामूराम राईका ने अपील में इस बात पर भी आपत्ति जताई कि एकलपीठ के आदेश में बेटे-बेटी का एक ही भर्ती प्रक्रिया में चयन होने का उल्लेख करते हुए इसे ‘संदेह की छाया’ उत्पन्न करने वाला बताया गया।

उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणियां परिस्थितिजन्य और अनुमान आधारित हैं तथा किसी स्वतंत्र न्यायिक साक्ष्य पर आधारित नहीं हैं। केवल संयोग या पारिवारिक संबंध के आधार पर संदेह व्यक्त करना न्यायसंगत नहीं है।

प्रतिष्ठा और निष्पक्षता के अधिकार की रक्षा की मांग

अपील में राईका ने खंडपीठ से आग्रह किया है कि एकलपीठ द्वारा की गई टिप्पणियों को हटाया जाए या संशोधित किया जाए, ताकि उनके सम्मान, गरिमा और निष्पक्षता के अधिकार की रक्षा हो सके।

मामला अब राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष विचाराधीन है और आने वाले दिनों में इस पर महत्वपूर्ण सुनवाई होने की संभावना है।

चार्जशीट में खुलासा

सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 के पेपर लीक और गड़बड़ी मामले में RPSC के पूर्व सदस्य रामू राम राईका पर गंभीर आरोप सामने आए थे.

चार्जशीट के अनुसार, रामू राम राईका ने अपनी बेटी शोभा राईका को इंटरव्यू में अच्छे अंक दिलाने के लिए तत्कालीन चेयरमैन संजय क्षोत्रिय, सदस्य मंजू शर्मा, संगीता आर्य और जसवंत राठी से मुलाकात की।

इसके बाद शोभा राईका बाबूलाल कटारा के इंटरव्यू बोर्ड में शामिल हुई, जहां उसे 34 अंक दिए गए।

इसी तरह, अपने बेटे देवेश के लिए रामू राम राईका ने संजय क्षोत्रिय, मंजू शर्मा, संगीता आर्य से मुलाकात की और जसवंत राठी से फोन पर बातचीत की। अं

ततः देवेश को संजय क्षोत्रिय के बोर्ड में रखा गया और उसे 28 अंक मिले।

एकलपीठ ने कि थी टिप्पणी

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई सब इंस्पेक्टर भर्ती 2021 को राजस्थान हाईकोर्ट ने 28 अगस्त 2025 को रद्द कर दिया था.

राजस्थान हाईकोर्ट ने इस भर्ती को रद्द करने का आदेश जारी करते समय राजस्थान लोकसेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष सहित 6 पदाधिकारियों पर तल्ख टिप्पणी की।

जस्टिस समीर जैन ने कहा कि घर के भेदियों ने ही लंका ढहा दी क्योंकि आरपीएससी के सदस्यों ने ही पेपर बेच दिए।

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