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खेजड़ी बचाओ आंदोलन के समर्थन में वकीलों का खुला समर्थन, सरकार को सख़्त चेतावनी-कड़ा कानून नहीं तो सड़क पर उतरेंगे अधिवक्ता

Advocates Issue Ultimatum to Rajasthan Government on Khejri Tree Protection

जोधपुर। राज्य वृक्ष खेजड़ी के संरक्षण को लेकर चल रहे “खेजड़ी बचाओ आंदोलन” को अब राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन, जोधपुर ने खुला समर्थन देते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा हैं.

राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएसन के अध्यक्ष रणजीत जोशी ने गुरूवार को मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में खेजड़ी के संरक्षण के लिए प्रदेश में शीघ्र सख़्त और प्रभावी कानून लाने की मांग की हैं.

एडवोकेट्स एसोसिएशन ने अपने पत्र में कहा है कि खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि राजस्थान की पर्यावरणीय, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। यह वही वृक्ष है, जिसकी रक्षा के लिए अमृता देवी बिश्नोई और 363 अन्य लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी, जो विश्व इतिहास में पर्यावरण संरक्षण का अद्वितीय उदाहरण माना जाता है।

एसोसिएसन की ओर से कहा गया कि इसके बावजूद आज खेजड़ी के पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हो रही है, जो न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि राज्य की पर्यावरण नीति की विफलता को भी उजागर करती है।

पत्र में अधिवक्ताओं ने गंभीर चिंता जताई कि मौजूदा कानून खेजड़ी जैसे संरक्षित वृक्ष को बचाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं। अवैध कटाई पर न तो प्रभावी रोक है और न ही दोषियों के मन में कानून का भय। ऐसे में एक विशेष और सख़्त अध्यादेश लाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है, ताकि खेजड़ी के अस्तित्व को वास्तविक सुरक्षा मिल सके।

एडवोकेट्स एसोसिएशन ने यह भी साफ किया कि यदि सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह केवल पर्यावरण का नुकसान नहीं होगा, बल्कि जनभावनाओं के साथ खुला खिलवाड़ माना जाएगा।

अधिवक्ताओं ने आंदोलन को पूर्ण नैतिक और विधिक समर्थन देने की घोषणा करते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो न्यायालय के साथ-साथ सड़क पर भी संघर्ष किया जाएगा।

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