बार एसोसिएशन अध्यक्ष पी.एम. जोशी ने प्रेस वार्ता कर दी जानकारी • प्रदेशभर से सैकड़ों अधिवक्ता होंगे शामिल • वेलफेयर फंड, न्यायिक नियुक्तियों और अधिवक्ता अधिकारों पर होगी चर्चा
पाली। ऑल राजस्थान एडवोकेट फेडरेशन के तत्वावधान में आयोजित होने वाली दो दिवसीय राज्य स्तरीय अधिवक्ता कॉन्फ्रेंस को लेकर बुधवार को अभिभाषक मंडल अध्यक्ष पी.एम. जोशी और सचिव मुकुल सोनी ने प्रेस वार्ता कर कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यह महत्वपूर्ण कॉन्फ्रेंस 14 और 15 मार्च को पाली-जाडन स्थित प्रसिद्ध ओम आश्रम में आयोजित होगी, जिसमें राजस्थान के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अधिवक्ता भाग लेंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान अध्यक्ष पी.एम. जोशी ने कहा कि कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य अधिवक्ताओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा करना है।

इस कार्यक्रम में अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान, उनके अधिकारों की रक्षा और अधिवक्ता हितों को मजबूत करने को लेकर विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे।
सचिव मुकुल सोनी ने बताया कि कॉन्फ्रेंस में भाग लेने के लिए अधिवक्ताओं के ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और प्रदेशभर से अधिवक्ता उत्साहपूर्वक अपना पंजीकरण करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में राज्य के विभिन्न बार संगठनों के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे।
अधिवक्ता संगठनों की विशेष सेमिनार
अध्यक्ष पी.एम. जोशी ने बताया कि कॉन्फ्रेंस के दौरान राजस्थान भर के अधिवक्ता संगठनों के प्रतिनिधियों की एक विशेष सेमिनार भी आयोजित की जाएगी।
इस सेमिनार में अधिवक्ता हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा कर प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।
इन विषयों में मुख्य रूप से प्रत्येक जिले से बार काउंसिल सदस्य का निर्वाचन सुनिश्चित करने, जिला स्तर के अधिवक्ताओं को उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में ऐलीवेशन देने, अधिवक्ता वेलफेयर राशि में पारदर्शिता के साथ बढ़ोतरी करने तथा युवा अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए वेलफेयर फंड से स्टाइपेंड राशि प्रदान करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
समस्याओं के समाधान पर होगी चर्चा
कॉन्फ्रेंस में टार्गेटेड केस प्रक्रिया में आ रही समस्याओं के समाधान, अधिकरणों और लोक अदालतों में केवल प्रैक्टिसरत अधिवक्ताओं को ही सामाजिक प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त करने तथा स्थानीय अधिवक्ताओं के संबंध में केवल स्थानीय बार संगठनों के सत्यापन को मान्यता देने जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
इसके अलावा बार काउंसिल की बैठकें प्रत्येक जिला मुख्यालय पर आयोजित करने और प्रत्येक जिले में बार काउंसिल की शाखा स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की जाएगी।
न्यायिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी उठेंगे
अधिवक्ता प्रतिनिधियों की सेमिनार में न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार किया जाएगा।
इसमें शीतकालीन अवकाश के दौरान जिला मुख्यालय पर उच्च न्यायिक सेवा और अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों को शीतकालीन मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्त करने का मुद्दा प्रमुख रहेगा।
साथ ही न्यायिक अधिकारियों के आदेशों की सतर्कता समिति से जांच कराने और न्यायिक आदेशों व अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा कर प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।
सरकार और न्यायालय के समक्ष रखे जाएंगे प्रस्ताव
कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदेशभर से आए अधिवक्ता संगठनों के प्रतिनिधि इन सभी मुद्दों पर चर्चा कर महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित करेंगे।
इन प्रस्तावों को बाद में राज्य सरकार, उच्च न्यायालय प्रशासन और बार काउंसिल के समक्ष प्रस्तुत कर उनकी पालना सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
इस अवसर पर सुमेर सिंह राजपुरोहित, कमलेश दवेरा, जब्बरसिंह, योगेन्द्र ओझा, भागीरथ सिंह, कुन्दन चौहान, सद्दाम काजी, प्रवीण साहू, मुकेश आर्य, दीपक सोनी, गौरव, अल्ताफ हुसैन, हिमांशु, सूर्य प्रकाश, विकास, उमेश, अर्जुन राठौड़, कुसुमलता, मोनिका, डिम्पल, देवेंद्र और गिरिश सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।