नीमराना। रैफल्स यूनिवर्सिटी, नीमराना में आयोजित 10वीं नेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता–2026 में झारखंड की एमिटी यूनिवर्सिटी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता बनने का गौरव हासिल किया।
देशभर के प्रतिष्ठित विधि विश्वविद्यालयों की 24 टीमों के बीच हुए कड़े मुकाबले में एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड की टीम ने अपने उत्कृष्ट कानूनी तर्क, शोध क्षमता और प्रभावशाली वकालत कौशल के दम पर यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया।

जस्टिस संदीप मेहता रहे मुख्य अतिथि
मूट कोर्ट प्रतियोगिता का समापन समारोह रविवार को आयोजित हुआ, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संदीप मेहता मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
विजेता और उपविजेता टीमों को जस्टिस संदीप मेहता ने ट्रॉफी और पुरस्कार प्रदान किए।
इस मौके पर समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जस्टिस संदीप मेहता ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं विधि शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, क्योंकि इससे छात्रों को अदालत में बहस करने की वास्तविक तैयारी मिलती है।

उन्होंने छात्रों को न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मेहनत और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
समारोह में राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस वी. एस. दवे और जस्टिस मीना वी. गोम्बर अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
एमिटी यूनिवर्सिटी बनी विजेता
तीन दिनों तक चली इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आए कानून के विद्यार्थियों ने भाग लिया और अदालत की वास्तविक कार्यप्रणाली का अनुभव प्राप्त किया।
प्रतियोगिता का आयोजन रैफल्स यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लॉ द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य विधि छात्रों को व्यावहारिक कानूनी प्रशिक्षण और अदालत में बहस की कला से परिचित कराना था।

इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग विश्वविद्यालयों से कुल 24 टीमों ने हिस्सा लिया।
प्रतियोगिता के अंतिम चरण में पहुंची टीमों के बीच जोरदार मुकाबला हुआ।
फाइनल राउंड में एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड की टीम ने अपने प्रभावशाली तर्क और मजबूत कानूनी शोध के आधार पर निर्णायकों को प्रभावित करते हुए विजेता ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
वहीं गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, दिल्ली की यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उपविजेता का स्थान हासिल किया।

5 सदस्यीय पैनल ने किया मूल्यांकन
प्रतियोगिता के फाइनल राउंड का पांच सदस्यीय जजों की पीठ ने प्रतियोगियों का मूल्यांकन किया। इसमें डॉ. विजयलक्ष्मी शर्मा, डॉ. चोलराजा मुदिमन्नन, डॉ. अमित यादव, डॉ. नीलमा और डॉ. गरिमा सिंह शामिल रहे।
जजों ने प्रतिभागियों की कानूनी शोध, प्रस्तुति कौशल, तर्क शक्ति और अदालत में बहस करने की क्षमता के आधार पर उनका मूल्यांकन किया।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी
प्रतियोगिता के दौरान कई प्रतिभागियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से निर्णायकों को प्रभावित किया।
बेस्ट स्टूडेंट एडवोकेट: श्रृंगार मिश्रा, सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, नागपुर
बेस्ट मेमोरियल: टीम कोड 22, हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, शिमला
इन प्रतिभागियों ने अपनी उत्कृष्ट कानूनी शोध, तर्कशक्ति और प्रस्तुति कौशल के दम पर निर्णायकों से विशेष सराहना प्राप्त की।

आयोजन समिति ने निभाई अहम भूमिका
राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता के सफल आयोजन में आयोजन समिति के संयोजक डॉ. मनीष कुमार अट्री, सह-संयोजक डॉ. नम्रता यादव, संयुक्त संयोजक आदित्य प्रताप सिंह तथा छात्र संयोजकों के रूप में युवराज मीणा और निकिता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
