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असिस्टेंट प्रोफेसर (अंग्रेजी) भर्ती का फाइनल रिजल्ट नहीं होगा जारी, राजस्थान हाईकोर्ट ने लगाई रोक; आंसर-की पर उठे सवाल, RPSC से मांगा जवाब

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जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने असिस्टेंट प्रोफेसर (अंग्रेजी) भर्ती परीक्षा-2025 के मामले में अहम अंतरिम आदेश दिया है।

हाईकोर्ट ने भर्ती के चयनित उम्मीदवारों का फाइनल रिजल्ट घोषित करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही मामले में संबंधित RPSC अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

हालांकि, भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह रोकने से इनकार करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को आगे की प्रक्रिया जारी रखने की छूट दी है।

मामला परीक्षा की मॉडल आंसर-की पर अभ्यर्थियों की ओर से दर्ज कराई गई आपत्तियों से जुड़ा है। आरोप है कि इन आपत्तियों का सही तरीके से निपटारा किए बिना ही भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया गया।

जस्टिस गणेश राम मीणा ने मामले में अंतरिम आदेश देते हुए फाइनल रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी।

हालांकि, कोर्ट ने पूरी भर्ती प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई है। यानी आगे की प्रक्रिया जारी रह सकती है, लेकिन फिलहाल चयनित अभ्यर्थियों का अंतिम रिजल्ट घोषित नहीं किया जाएगा।

मॉडल आंसर-की के जवाबों पर उठे थे सवाल

मामले का विवाद असिस्टेंट प्रोफेसर (अंग्रेजी) भर्ती परीक्षा की मॉडल आंसर-की से शुरू हुआ।

याचिका के मुताबिक, असिस्टेंट प्रोफेसर (अंग्रेजी) पद की लिखित परीक्षा की मॉडल आंसर-की 31 दिसंबर 2025 को जारी की गई थी। अभ्यर्थियों को इस आंसर-की में दिए गए जवाबों को लेकर अपनी बात रखने का मौका दिया गया था।

याचिकाकर्ता के मुताबिक, 5 जनवरी 2026 को आंसर-की के कुछ जवाबों पर आपत्तियां दर्ज की गई थीं।

याचिका में दावा किया गया कि इन आपत्तियों पर फैसला किए बिना ही फाइनल आंसर-की जारी कर दी गई। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई और उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए भी बुलाया जाने लगा।

आपत्तियां तय किए बिना आगे बढ़ा दी गई भर्ती

याचिकाकर्ता का कहना है कि आंसर-की के जवाबों पर उठाई गई आपत्तियों का सीधा असर अभ्यर्थियों के अंकों और मेरिट पर पड़ सकता है। अगर किसी सवाल का जवाब गलत पाया जाता है और आपत्ति सही मानी जाती है, तो अभ्यर्थियों के अंक बदल सकते हैं।

ऐसे में याचिका में सवाल उठाया गया कि आपत्तियों का ठीक से निपटारा किए बिना भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाना सही नहीं है। इसका असर अंतिम मेरिट और चयन सूची पर भी पड़ सकता है। इसी आधार पर भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर कोर्ट में सवाल उठाए गए।

हाईकोर्ट ने फाइनल रिजल्ट जारी करने पर लगाई रोक

मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने फिलहाल चयनित अभ्यर्थियों का फाइनल रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी है।

इसका मतलब यह है कि जब तक कोर्ट की ओर से आगे कोई निर्देश नहीं आता, अंतिम चयन सूची घोषित नहीं की जा सकेगी।

हालांकि, कोर्ट ने भर्ती की बाकी प्रक्रिया को पूरी तरह रोकने का आदेश नहीं दिया है। बस इस दौरान चयनित उम्मीदवारों के अंतिम परिणाम घोषित नहीं किए जाएंगे।

यानी सरकार इंटरव्यू और भर्ती से जुड़ी दूसरी प्रक्रिया जारी रख सकती है, लेकिन अंतिम चयन का परिणाम फिलहाल जारी नहीं कर सकेगी।

भर्ती से जुड़े अधिकारियों को देना होगा जवाब

हाईकोर्ट ने मामले में संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

अब आगे की सुनवाई में यह देखा जाएगा कि मॉडल आंसर-की पर अभ्यर्थियों की ओर से दर्ज कराई गई आपत्तियों पर क्या कार्रवाई की गई थी।

फिलहाल कोर्ट का आदेश असिस्टेंट प्रोफेसर (अंग्रेजी) भर्ती के फाइनल रिजल्ट को लेकर है। अंतिम रूप से यह तय होना अभी बाकी है कि आंसर-की पर उठाई गई आपत्तियों के संबंध में भर्ती एजेंसी की प्रक्रिया सही थी या नहीं।

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