नई दिल्ली: आम हिंदी भाषी लोग भी सुप्रीम कोर्ट अहम फैसलों और आदेशों की जानकारी आसान हिंदी में समझ सकें इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नई पहल शुरू की है।
सुप्रीम कोर्ट अब अपने फैसलों और आदेशों की जानकारी आसान हिंदी में उपलब्ध कराने के लिए ‘हिंदी जन सूचना सेवा’ शुरू करने जा रहा है।
इसके जरिए आम हिंदी भाषी नागरिक सुप्रीम कोर्ट के अहम मामलों और उनके फैसलों को आसानी से हिंदी में समझ सकेंगे।
साथ ही इन फैसलों और आदेशों की मूल कॉपी का आधिकारिक लिंक भी दिया जाएगा, ताकि कोई भी व्यक्ति जरूरत पड़ने पर पूरा फैसला पढ़ सके।
नई सेवा की शुरुआत फिलहाल हिंदी से होगी। इसके बाद इसे धीरे-धीरे दूसरी भारतीय भाषाओं में भी शुरू करने की तैयारी है।
आसान हिंदी भाषा में समझ सकेंगे अहम फैसले
सुप्रीम कोर्ट के कई फैसले कानूनी भाषा में होते हैं। ऐसे में आम लोगों के लिए यह समझना आसान नहीं होता कि कोर्ट ने आखिर फैसला क्या दिया है और उसका असर क्या है।
नई व्यवस्था में अहम फैसलों और आदेशों की जानकारी आसान हिंदी में समझाई जाएगी। इसका खास फायदा उन लोगों को होगा, जिन्हें अंग्रेजी में लिखे कानूनी फैसले समझने में परेशानी होती है।
इसका फायदा मुकदमे से जुड़े लोगों के साथ आम नागरिकों को भी मिल सकेगा।
ऑडियो-वीडियो बुलेटिन भी होंगे जारी
इस पहल के तहत सिर्फ लिखित जानकारी ही नहीं दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों को लेकर रोजाना 15 से 30 मिनट के ऑडियो-वीडियो बुलेटिन भी शुरू किए जाएंगे।
इन बुलेटिन में दिन के अहम फैसलों और आदेशों की जानकारी आसान भाषा में दी जाएगी।
इनमें सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों के साथ यह भी बताया जाएगा कि किसी फैसले का आम लोगों पर क्या असर पड़ सकता है और उसके बाद आगे की प्रक्रिया क्या होगी।
इसका मकसद न्याय से जुड़ी जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है।
मूल फैसले का आधिकारिक लिंक भी मिलेगा
हिंदी में दिए जाने वाले सार के साथ संबंधित फैसले या आदेश की मूल कॉपी का आधिकारिक लिंक भी उपलब्ध कराया जाएगा।
इससे पाठक पहले आसान भाषा में फैसले को समझ सकेंगे और जरूरत होने पर सीधे सुप्रीम कोर्ट के मूल आदेश तक पहुंच सकेंगे।
दिव्यांग लोगों के लिए भी मददगार होगी पहल
सुप्रीम कोर्ट ने इस पहल में दिव्यांगजनों की सुविधा का भी ध्यान रखा है।
ऑडियो और वीडियो के जरिए महत्वपूर्ण न्यायिक जानकारी उपलब्ध होने से ऐसे लोगों को भी फैसलों और आदेशों को समझने में सुविधा होगी, जिन्हें लंबे दस्तावेज पढ़ने में परेशानी होती है।
जल्द शुरू की जाएगी ‘हिंदी जन सूचना सेवा’
सुप्रीम कोर्ट ने हिंदी दिवस के मौके पर इस नई सेवा की घोषणा की है। हालांकि, इसे तुरंत शुरू नहीं किया जाएगा। सेवा शुरू करने से पहले जरूरी तकनीकी और दूसरी तैयारियां पूरी की जाएंगी।
सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, जरूरी तैयारियां पूरी होने के बाद यह सेवा शुरू की जाएगी।
यानी फिलहाल लोगों को थोड़ा इंतजार करना होगा। तैयारियां पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसलों और आदेशों की जानकारी आसान हिंदी में उपलब्ध होने लगेगी।
आगे दूसरी भारतीय भाषाओं में भी मिलेगी जानकारी
सुप्रीम कोर्ट की योजना सिर्फ हिंदी तक सीमित नहीं है। शुरुआत हिंदी से की जाएगी और इसके बाद चरणबद्ध तरीके से इस सेवा को दूसरी भारतीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराने की योजना है।
इस पहल से देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों को अपनी क्षेत्रीय भाषा में सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों और आदेशों की जानकारी मिल सकेगी।
इसका उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया और आम नागरिकों के बीच भाषा की बाधा को कम करना और न्याय तक पहुंच को ज्यादा आसान बनाना है।
