जयपुर। सुप्रीम कोर्ट में जयपुर के गोपालपुरा बाईपास क्षेत्र में कथित रूप से अवैध तरीके से संचालित कोचिंग संस्थानों को हटाने से जुड़े मामले में पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एवं सीनियर एडवोकेट राजदीपक रस्तोगी समेत अधिवक्ताओं और अन्य संबंधित व्यक्तियों को कथित जान से मारने की धमकी का मामला अब और गंभीर हो गया है।
जोधपुर के बाद अब राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए जयपुर पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा है।
एसोसिएशन ने मामले में तत्काल और प्रभावी पुलिस कार्रवाई के साथ आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई तथा संबंधित अधिवक्ताओं को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

हाईकोर्ट बार ने कहा- अधिवक्ताओं को धमकी बेहद गंभीर मामला
राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर की ओर से पुलिस आयुक्त को भेजे गए पत्र में एसोसिएशन ने इस घटना को केवल संबंधित अधिवक्ताओं की सुरक्षा से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया और न्यायालयों के समक्ष निर्भीक होकर पैरवी करने वाले अधिवक्ता समुदाय की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताया है।
पत्र में कहा गया है कि ऐसी घटनाओं पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अधिवक्ताओं की सुरक्षा प्रभावित होगी और न्यायालयों के समक्ष निडर होकर पैरवी करने वाले अधिवक्ता समुदाय में भी असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है।
बार अध्यक्ष राजीव सोगरवाल और महासचिव दीपेश शर्मा की ओर से लिखे गए पत्र में जयपुर पुलिस कमिश्नर से मामले में त्वरित कार्रवाई करने की मांग की गयी है।
“केस वापस ले लो, नहीं तो जान से मरवा देंगे”
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 10-बी स्कीम विकास समिति के महासचिव गोपाल अग्रवाल को फोन पर गंभीर धमकी दी गई। कथित तौर पर उनसे सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले को अगली तारीख पर वापस लेने के लिए कहा गया।
आरोप है कि मामला वापस नहीं लेने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई और कथित तौर पर गोपाल अग्रवाल, एडवोकेट वीरेंद्र अग्रवाल तथा सुप्रीम कोर्ट में मामले की पैरवी कर रहे सीनियर एडवोकेट एवं पूर्व एएसजी राजदीपक रस्तोगी को जान से मरवा देने की धमकी दी गई।
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केस वापस ले लो, नहीं तो जान से जाओगे…! राजस्थान पूर्व ASG आर डी रस्तोगी को जान से मारने की धमकी
पुलिस कमिश्नर से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग
राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर ने पुलिस आयुक्त से मामले में तत्काल व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने की मांग की है।
एसोसिएशन ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई, प्रभावी अनुसंधान तथा संबंधित सीनियर अधिवक्ताओं एवं शिकायतकर्ता को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए अधीनस्थ अधिकारियों को स्पष्ट और आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
बार एसोसिएशन ने पुलिस से की गई कार्रवाई से एसोसिएशन को अवगत कराने का भी अनुरोध किया है।
गौरतलब है कि रविवार को मामला सामने आने के बाद रविवार को ही राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन, जोधपुर की ओर से भी पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई थी।
अब जयपुर स्थित हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पुलिस आयुक्त को पत्र लिखने से मामले में पुलिस कार्रवाई को लेकर अधिवक्ता समुदाय का दबाव और बढ़ गया है।
फिलहाल पूरा मामला पुलिस जांच के दायरे में है। धमकी के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
