जोधपुर, 5 मार्च। राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश की कथित अवहेलना को लेकर डीडी कुमावत (दीनदयाल कुमावत) को कानूनी नोटिस जारी किया गया है।
यह नोटिस राजस्थान हाईकोर्ट के अधिवक्ता आदित्य सिंह राठौड़ की ओर से भेजा गया है, जिसमें न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है।

नोटिस में कहा गया है कि 5 फरवरी 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए डीडी कुमावत को आरसीए (RCA) की कार्यकारिणी के कन्वीनर के रूप में कार्य करने से रोक दिया था।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से आदेश दिया था कि वह इस पद पर किसी भी प्रकार का कार्य नहीं करेंगे। इसके बावजूद आरोप है कि कुमावत ने स्वयं को आरसीए का कन्वीनर बताते हुए कार्य करना जारी रखा, जो सीधे तौर पर अदालत के आदेश की अवमानना माना जा रहा है।
नोटिस के अनुसार, डीडी कुमावत ने देवस्थान विभाग में एक आवेदन भी प्रस्तुत किया, जिसमें आरसीए को एक पब्लिक ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत कराने का प्रयास किया गया।
आरोप यह भी है कि इस आवेदन में ट्रस्ट की उत्तराधिकार व्यवस्था को “वंश परंपरागत” बताने का प्रयास किया गया, जिससे संगठन की संरचना को लेकर विवाद और गहरा गया है।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आरसीए कार्यालय और एडहॉक कमेटी के चार सदस्यों ने भी गंभीर आपत्ति जताई है।
उनका कहना है कि हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद यदि कोई व्यक्ति स्वयं को कन्वीनर बताकर कार्य करता है, तो यह न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) की श्रेणी में आता है।
अधिवक्ता आदित्य सिंह राठौड़ की ओर से भेजे गए नोटिस में डीडी कुमावत से तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है, तो उनके खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट में अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाएगी।