जयपुर। राजस्थान की न्यायिक व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बड़ा और साफ संदेश दिया है। राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ के 50वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि “आमजन को त्वरित न्याय मिले बिना विकास की कल्पना अधूरी है।”
उन्होंने न्यायपालिका और सरकार को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए कहा कि दोनों मिलकर अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को राहत दिलाने का काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनता की आस्था न्याय व्यवस्था में है और अगर यह भरोसा कमजोर हुआ तो लोकतंत्र भी कमजोर होगा।
उन्होंने माना कि यदि अदालतों और अधिवक्ताओं को पर्याप्त संसाधन नहीं मिलेंगे, तो न्याय समय पर नहीं मिल पाएगा। उन्होने कहा कि “व्यवस्था कमजोर होगी तो न्याय भी कमजोर होगा,”
हाईकोर्ट शिफ्टिंग पर चुटकी, लेकिन बड़ा संकेत
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट को दूसरी जगह शिफ्ट करने के मुद्दे पर हल्के-फुल्के अंदाज में लेकिन गंभीर संकेत दे दिए।
उन्होंने कहा, “जैसे ही कोर्ट को बाहर ले जाने की बात होती है, कुछ वकील विरोध करने लगते हैं। उन्होंने तो अपना घर ही कोर्ट के पास बना लिया है। अब दूसरे वकीलों को भी मौका मिलना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि यदि अधिवक्ता जमीन तलाश कर लें, तो आधुनिक भवन बनाने की पूरी जिम्मेदारी सरकार उठाएगी।
राजस्थान देश में तेज न्याय देने वाले राज्यों में आगे
सीएम भजनलाल शर्मा ने बताया कि राजस्थान देश में सबसे तेज न्याय देने वाले राज्यों में तीसरे स्थान पर है।
ई-कोर्ट प्रणाली तेजी से विकसित हो रही है और अदालतों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार और न्यायपालिका मिलकर काम कर रही हैं ताकि गरीब, वंचित और कमजोर वर्ग को समय पर न्याय मिल सके। साथ ही उन्होंने अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा का भी भरोसा दिलाया।
मुकदमों का बढ़ता बोझ, नई इमारत जरूरी: एक्टिंग सीजे
कार्यक्रम में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस.पी. शर्मा ने न्यायालयों पर बढ़ते मुकदमों के बोझ को लेकर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि जयपुर पीठ को नई जगह पर आधुनिक भवन दिया जाए। साथ ही निचली अदालतों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े लंबित निर्णयों पर भी शीघ्र कार्रवाई की जरूरत बताई।
उन्होंने पुलिस-प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि पुलिस को वकीलों की बात सम्मानपूर्वक सुननी चाहिए।
युवा वकीलों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि “कानूनी पेशा धैर्य मांगता है, शॉर्टकट से सफलता नहीं मिलती।”
फ्री पैरवी करने वाले वकीलों की सराहना
समारोह के विशिष्ठ अतिथी और राज्य के गृह मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने अपने संबोधन में ं कहा कि न्याय दिलाने में वकीलों की भूमिका अहम है। उन्होंने उन अधिवक्ताओं की विशेष सराहना की, जो वंचित और गरीब लोगों के लिए निःशुल्क पैरवी कर रहे हैं।
नई कार्यकारिणी का शपथग्रहण समारोह
राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर पीठ के साथ हाईकोर्ट बार के स्थापना दिवस समारेाह के साथ ही नई कार्यकारिणी का शपथग्रहण समारोह भी आयोजित किया गया.
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने अध्यक्ष राजीव सोगरवाल, महासचिव दीपेश शर्मा सहित पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यो को शपथ दिलाई.
बारिश ने हुआ समापन
समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संबोधन के दौरान ही तेज बारिश शुरू हो गयी जिसके चलते मुख्यमंत्री को अपना संबोधन समाप्त किया.
राजस्थान हाईकोर्ट में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने करीब 13 मिनट का संबोधन किया.
बारिश से संबोधन समाप्त करने के तुरंत बाद ही बारिश के दौरान ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सेट्रल पार्क में नवनिर्मित पार्किग का भी उद्घाटन किया.