नई दिल्ली।
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में चल रही एसआईआर (Special Intensive Revision – वोटर वैरिफिकेशन) प्रक्रिया की सुनवाई के दौरान सख्त रुख अपनाया-
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर किसी भी स्तर पर यह पाया गया कि केंद्रीय चुनाव आयोग पूरी प्रक्रिया को सही तरीके से नहीं निभा रहा है, तो पूरी प्रक्रिया रद्द कर दी जाएगी।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका अंतिम निर्णय केवल बिहार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश में होने वाली एसआईआर प्रक्रिया पर लागू होगा.
कोर्ट ने कहा कि वह इस मुद्दे पर टुकड़ों में राय नहीं दे सकती।
गौरतलब है कि 8 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि बिहार में मतदाता सूचियों की एसआईआर प्रक्रिया में आधार कार्ड को पहचान प्रमाण के तौर पर अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
अब इस मामले में अंतिम बहस सुनने के लिए 7 अक्टूबर की तारीख तय की गई है।