जयपुर। जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर के गेट नंबर-3 के बाहर अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन सोमवार को देर रात तक जारी हैं.
आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम कर बैठे अधिवक्ताओं ने स्पष्ट कर दिया कि मांगें पूरी होने तक वे मौके से हटने वाले नहीं हैं।
प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ही बैठकर रात्रि भोजन किया और वहीं रात गुजारने का ऐलान भी कर दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
पुलिस पर आरोप
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल और महासचिव दीपेश शर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता सुबह से ही जनपथ पर डटे रहे।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि सितंबर 2025 में दर्ज एफआईआर के बावजूद मानसरोवर स्थित निविक हॉस्पिटल के संचालक एवं चिकित्सक डॉ. सोनदेव बंसल के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
उनका कहना है कि पुलिस की इस निष्क्रियता के कारण पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा है।
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि सामान्य नागरिक के खिलाफ ऐसे आरोप होते तो तत्काल गिरफ्तारी की जाती, लेकिन प्रभावशाली लोगों से जुड़े मामलों में कार्रवाई को अनावश्यक रूप से टाला जा रहा है।
इसी कथित भेदभाव के विरोध में अधिवक्ताओं ने सड़क पर उतरकर आंदोलन तेज कर दिया है। बार पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर इसे प्रदेश-स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने ऐहतियात के तौर पर हाईकोर्ट जाने वाले जनपथ के दोनों छोर पर यातायात डायवर्ट कर दिया।
दिनभर लगा रहा जाम
इसके बावजूद विरोध प्रदर्शन के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया। 22 गोदाम से लेकर सोडाला, स्टैच्यू सर्किल से लेकर एसएमएस अस्पताल और रामबाग तक वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालक घंटों तक जाम में फंसे रहे।
दोपहर और शाम के समय पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता का प्रयास किया, लेकिन अधिवक्ताओं ने साफ कर दिया कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा और ठोस कार्रवाई के बिना आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
देर रात तक प्रशासन और बार पदाधिकारियों के बीच बातचीत का दौर जारी रहा, हालांकि समाचार लिखे जाने तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी थी।
इस बीच प्रदर्शन स्थल पर पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रित रहे।
हाईकोर्ट गेट नंबर-3 के बाहर जारी यह धरना और सड़क जाम राजधानी में दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। यदि जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और व्यापक होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।