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सेन्ट्रल पार्क पार्किंग अधिवक्ताओं के लिए शुरू, अधिवक्ताओं के लिए रहेगी पूरी तरह निशुल्क-ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति

aipur Parking Boost: 2-Level Underground Facility Ready, Free Central Park Parking for Lawyers

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर के अधिवक्ताओं को पार्किंग की लंबे समय से चली आ रही समस्या से आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है।

मुख्यमंत्री द्वारा हाईकोर्ट के स्थापना दिवस समारोह के दौरान उद्घाटन के बाद सोमवार से सेंट्रल पार्क की पार्किंग अधिवक्ताओं के लिए खोल दी गई है, जो पूरी तरह निशुल्क रहेगी।

जनपथ और आसपास के क्षेत्रों में अव्यवस्थित पार्किंग के कारण आमजन, अधिवक्ताओं और कार्यालय आने-जाने वालों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

अब हाईकोर्ट के सामने गोल्फ क्लब परिसर में जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा तैयार दो मंजिला भूमिगत सेंट्रल पार्क पार्किंग इस दबाव को काफी हद तक कम करेगी।

511 चौपहिया और 190 दुपहिया वाहनों की व्यवस्था

करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस अत्याधुनिक परियोजना की कुल क्षमता 701 वाहनों की है। इसमें 511 चौपहिया वाहन और 190 दुपहिया वाहन पार्क किए जा सकेंगे।

प्रथम तल पर 237 चौपहिया और 190 दुपहिया वाहन, जबकि द्वितीय तल पर 274 चौपहिया वाहन पार्क किए जा सकेंगे। यह पार्किंग करीब 9 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में विकसित की गई है।

7 लिफ्ट, स्मार्ट सिस्टम

पार्किंग में सात लिफ्टें, स्मार्ट पार्किंग सिस्टम, स्काई-लाइट तकनीक और बेहतर वेंटिलेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

स्काई-लाइट तकनीक से भूमिगत परिसर में प्राकृतिक रोशनी पहुंचेगी, जिससे बिजली की खपत घटेगी और पर्यावरण के अनुकूल व्यवस्था सुनिश्चित होगी।

स्मार्ट सिस्टम वाहन चालकों को खाली स्थान की जानकारी देगा, जिससे समय और ईंधन—दोनों की बचत होगी।

यह परियोजना केवल जनपथ ही नहीं, बल्कि अंबेडकर सर्किल से स्टैच्यू सर्किल तक की मुख्य सड़कों को भी अवैध पार्किंग के दबाव से राहत देगी।

वर्तमान में सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण इन इलाकों में अक्सर जाम की स्थिति बनती रहती है।

नई पार्किंग के संचालन से यातायात अधिक सुचारू होगा और ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर बनेगा।

पार्किंग शुरू होने से एसएमएस स्टेडियम, सचिवालय से जुड़े कार्यालयों और आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आने वाले लोगों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।

विशेष रूप से अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मियों के लिए यह परियोजना राहत लेकर आई है, जिन्हें अब सुरक्षित, व्यवस्थित और निशुल्क पार्किंग उपलब्ध होगी।

21 सितंबर 2023 को रखी गई थी आधारशिला

इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की आधारशिला 21 सितंबर 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा रखी गई थी।

उस समय इसे 50 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया 500 वाहनों की क्षमता वाला प्रोजेक्ट बताया गया था, जिसे अप्रैल 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।

इसे अप्रैल 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य था, हालांकि तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से कार्य में देरी हुई।

जेडीए का भूमिगत समाधान

जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा निर्मित यह दो मंजिला भूमिगत पार्किंग प्रोजेक्ट जनपथ और आसपास के क्षेत्रों की पार्किंग समस्या से निजात दिलाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

अब तक जनपथ पर सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण यातायात बाधित रहता था। खासकर अंबेडकर सर्किल से स्टैच्यू सर्किल तक सड़क के दोनों ओर खड़े वाहन रोजाना जाम का कारण बनते थे।

इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से सड़क पर खड़े वाहनों को सीधे इसी पार्किंग में शिफ्ट किया जा सकेगा, जिससे वाहन चालकों की राह आसान होगी और ट्रैफिक सुचारू रूप से चलेगा।

हाईकोर्ट तक भूमिगत सीधा मार्ग

इस प्रोजेक्ट की एक बड़ी खासियत यह है कि यहां वाहन पार्क करने के बाद चालक सीधे भूमिगत मार्ग से हाईकोर्ट परिसर तक पहुंच सकेंगे। इसके लिए विशेष अंडरग्राउंड कॉरिडोर बनाया गया है, जिससे अधिवक्ताओं और अन्य वाहन चालकों को जनपथ सड़क क्रॉस करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होगा।

एंट्री-एग्जिट का स्मार्ट प्लान

वाहन चालक इस पार्किंग में भवानी सिंह रोड पर पोलो क्लब के पास से प्रवेश करेंगे, जबकि बाहर निकलने के लिए जनपथ स्थित गेट का उपयोग किया जाएगा। इससे ट्रैफिक का दबाव एक ही बिंदु पर नहीं पड़ेगा और आवागमन नियंत्रित रहेगा।

अत्याधुनिक सुरक्षा और सुविधा

पार्किंग में सात लिफ्टें, अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था, स्मार्ट पार्किंग सॉल्यूशन और फोर्स वेंटिलेशन सिस्टम लगाया गया है। धुआं या दम घुटने की स्थिति में फोर्स वेंटिलेशन तुरंत सक्रिय हो जाएगा, जिससे सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

उत्तर भारत में पहली बार स्काई-लाइट तकनीक

यह प्रोजेक्ट इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें उत्तर भारत में पहली बार स्काई-लाइट तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। माइनस-2 फ्लोर तक बिना बिजली के प्राकृतिक रोशनी पहुंचाने के लिए ग्राउंड फ्लोर पर मैटेलिक पेटेंट शीट्स लगाई गई हैं। इनके जरिए रोशनी पाइप के माध्यम से बेसमेंट तक पहुंचती है।

माइनस-2 फ्लोर पर 36 स्काई-लाइट पाइप लगाए गए हैं, इस तकनीक पर 32 लाख रुपए खर्च किए गए

सुबह 8 बजे से शाम तक बिना लाइट के पार्किंग में दिन जैसा उजाला रहता है इससे बिजली की खपत में भारी कमी आती है

कलर कोडिंग और विरासत की झलक

वाहन चालक को अपना वाहन पहचानने में परेशानी न हो, इसके लिए पार्किंग को तीन भागों में विभाजित किया गया है। खंभों पर तीन अलग-अलग रंग और नंबरिंग सिस्टम अपनाया गया है। हाईकोर्ट जाने वाले भूमिगत मार्ग में जयपुर की विरासत को दर्शाती आकर्षक पेंटिंग की गई है। वास्तुकला के अनुसार पार्किंग के सभी कॉलम्स को कीप (Key) के आकार में डिजाइन किया गया है।

एसएमएस स्टेडियम और कार्यालयों को भी फायदा

इस पार्किंग का लाभ केवल अधिवक्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा। एसएमएस स्टेडियम में होने वाले आयोजनों, सचिवालय और आसपास स्थित कार्यालयों के लिए भी अतिरिक्त पार्किंग उपलब्ध होगी।

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