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जम्मू-कश्मीर में न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ी, अब 62 साल में होंगे रिटायर; सरकार ने दी मंजूरी, फिटनेस, पात्रता और प्रदर्शन देखना होगा जरूरी

Jammu and Kashmir Judicial Officers’ Retirement Age Raised to 62, Continued Service After 60 Subject to Fitness and Performance

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश में न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र 60 साल से बढ़ाकर 62 साल करने को मंजूरी दे दी है।

हालांकि, 60 साल की उम्र के बाद हर न्यायिक अधिकारी को सीधे 2 साल की अतिरिक्त सेवा नहीं मिलेगी। इसके लिए अधिकारी की फिटनेस, पात्रता, योग्यता, प्रदर्शन और सेवा की जरूरत को देखा जाएगा।

यह फैसला जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट की फुल कोर्ट की सिफारिश के बाद लिया गया है। हाईकोर्ट की फुल कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र 60 से बढ़ाकर 62 साल करने की सिफारिश की थी।

60 साल के बाद भी सेवा जारी रखने के लिए कुछ शर्तें जरूरी

सरकार के आदेश के मुताबिक न्यायिक अधिकारी 60 साल की उम्र पूरी करने के बाद तभी 62 साल तक सेवा में बने रह सकेंगे, जब वे तय शर्तों पर खरे उतरेंगे।

इसके लिए हाईकोर्ट यह देखेगा कि संबंधित अधिकारी आगे सेवा करने के लिए फिट हैं या नहीं। साथ ही उनकी पात्रता, योग्यता, प्रदर्शन और न्यायिक सेवा में उनकी उपयोगिता का भी आकलन किया जाएगा।

यानी रिटायरमेंट उम्र बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि 60 साल पूरे होने के बाद सभी अधिकारियों की सेवा अपने आप 62 साल तक बढ़ जाएगी।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट की फुल कोर्ट ने की थी सिफारिश

रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने का प्रस्ताव जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ की सिफारिश के बाद आगे बढ़ा। फुल कोर्ट ने 10 अगस्त 2026 को इस संबंध में सरकार को सिफारिश भेजी थी।

सिफारिश में कहा गया था कि न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र 60 से बढ़ाकर 62 साल की जाए, लेकिन इसके लिए अधिकारियों की फिटनेस, पात्रता और प्रदर्शन जैसी निर्धारित शर्तें पूरी होना जरूरी होगा। इसके बाद सरकार के स्तर पर प्रस्ताव पर विचार किया गया।

वित्त विभाग की सहमति के बाद 22 सितंबर को कैबिनेट ने दी मंजूरी

प्रस्ताव पर वित्त विभाग की भी सहमति ली गई। इसके बाद जम्मू-कश्मीर की काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने 22 सितंबर 2026 को रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

अब कानून, न्याय एवं संसदीय कार्य विभाग की ओर से इसके संबंध में आदेश जारी किया गया है। इसमें हाईकोर्ट से विचार-विमर्श के बाद संबंधित नियमों में जरूरी बदलाव करने की बात भी कही गई है।

31 मार्च 2026 से लागू माना जाएगा फैसला

इस फैसले की एक खास बात यह है कि रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने का निर्णय 31 मार्च 2026 से प्रभावी माना जाएगा। हालांकि, इसका लाभ निर्धारित शर्तों और संबंधित नियमों में जरूरी बदलाव के अधीन रहेगा।

सरकार की ओर से कहा गया है कि नियमों में आवश्यक संशोधन जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के साथ विचार-विमर्श करके किए जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बढ़ी है रिटायरमेंट उम्र

न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने का मामला सुप्रीम कोर्ट के पहले के निर्देश से भी जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपने-अपने हाईकोर्ट के साथ विचार-विमर्श कर न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र 60 से बढ़ाकर 62 साल करने पर विचार करने को कहा था।

जम्मू-कश्मीर में अब इसी प्रक्रिया के तहत हाईकोर्ट की सिफारिश, वित्त विभाग की सहमति और मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद यह फैसला लागू किया गया है।

इस फैसले का सीधा असर जम्मू-कश्मीर में कार्यरत न्यायिक अधिकारियों पर पड़ेगा। हालांकि, 60 से 62 साल तक सेवा जारी रखने का लाभ पात्रता और हाईकोर्ट के आकलन पर निर्भर रहेगा।

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